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जालंधर। (Lal Chand Kataruchak and Balkar Singh MLA, Bikram Majithia raised questions on the CM) पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठिया आज सीएम भगवंत मान और आप सरकार पर जमकर बरसे। मजीठिया ने एक साथ कई मुद्दों पर आप सरकार पर जमकर निशाने साधे।

मजीठिया ने लाल चंद कटारूचक, विधायक बलकार सिंह का विकलांगता सर्टीफिकेट, पत्रकारों पर झूठे केस, इंसाफ के लिए भटक रहे सिद्धू मूसेवाला के परिवार के मुद्दे उठाते हुए आप सरकार को जकर कोसा।

मजीठिया ने कहा कि लाल चंद कटारूचक की अश्लील वीडियो की प्रमाणिकता साबित होने के बावजूद सीएम मान कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं। वे कार्रवाई करने से बच रहे हैं। मजीठिया ने कहा कि ये सीएम मान का असली चेहरा है।

बिक्रम मजीठिया ने कहा, ‘‘अब यह बात सामने आई है कि आम आदमी पार्टी के मंत्री ने सरकारी नौकरी दिलाने के बहाने युवक के साथ दुराचार किया।

पंजाब के राज्यपाल को सौंपे गए वीडियो की प्रामाणिकता साबित हो चुकी है। इसके बावजूद सीएम कटारूचक का समर्थन कर रहे हैं, जिसके कारण पीड़ित को छिपने पर मजबूर कर दिया है’’।

बिक्रम मजीठिया ने ‘बदलाव वाली सरकार’ के नेता और विधायकों के भ्रष्टाचार और यहां तक कि जघन्य अपराध में शामिल हैं।

उन्होने कहा, ‘‘ हमने मंत्री विजय सिंगल और फौजा सिंह सरारी को भ्रष्टाचार में लिप्त होकर बर्खास्त होते देखा है, लेकिन उनके खिलाफ अब तक कोई मामला दर्ज नही किया गया है’’।

मजीठिया ने कहा कि इसके ठीक विपरीत आप पार्टी की सरकार ने टेलीविजन की पत्रकार भावना किशोर के खिलाफ झूठा मामला दर्ज करने में तुरंत जल्दबाजी की।

उन्होने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उनके आधिकारिक आवास की मरम्मत के लिए 44 करोड़ रूपये खर्च करने के लिए बेनकाब किया था।

उन्होने कहा कि इसी तरह सच बोलने वाले कलाकारों और बुद्धिजीवियों के खिलाफ पहले भी मामले दर्ज किए गए, जबकि उनके वेब चैनलों पर आप द्वारा जारी किए गए प्रचार को जारी नही करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

पूर्व मंत्री ने मीडिया को यह बताने के लिए भी धन्यवाद किया कि कैसे करतारपुर के विधायक बलकार सिंह ने विकलांग पुलिस अधिकारियों के लिए स्पैशल कोटे के तहत अपने बेटे को सब इंस्पेक्टर भर्ती करने के लिए झूठा विकलांगता का प्रमाण पत्र तैयार किया था।

उन्होने कहा कि उच्च न्यायालय ने मामले को खारिज कर दिया, तथा अकाली दल ने विधायक द्वारा हासिल किए गए विकलांगता प्रमाण पत्र की जांच और उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की ।

मजीठिया ने मुख्यमंत्री के मीडिया निदेशक बलतेज पन्नू और सोशल मीडिया संभालने वाले आरूषि के खिलाफ सिद्धू मूसेवाला की सुरक्षा वापिस लेने की जानकारी लीक करने के लिए कार्रवाई की मांग की, जिसके कारण उनकी हत्या हुई।

उन्होने मूसेवाला के माता-पिता द्वारा की जा रही अपीलों को दबाने की कोशिश करने के लिए आप पार्टी की सरकार की निंदा की।

अकाली नेता ने बताया कि कैसे आप पार्टी की सरकार उच्च न्यायालय में हलफनामा दायर कर अनुसूचित जाति समुदाय के साथ भेदभाव कर रही है, जिसमें कहा गया है कि अनुसूचित जाति के उम्मीदवार कानून अधिकारी के रूप में नियुक्त होने के सक्षम नही हैं।

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