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Jalandhar जालंधर(experts delve into cutting-edge drug discovery for colon cancer at DAV university conference) वैज्ञानिकों ने विभिन्न प्रकार के कोलन कैंसर के लिए जिम्मेदार कई प्रोटीनों की पहचान की है। इस खोज ने कैंसर के इलाज और रोग में शीघ्र हस्तक्षेप करने की संभावना खोल दी है।

चेन्नई के चेट्टीनाड एकेडमी ऑफ रिसर्च एंड एजुकेशन (केयर) के डॉ सुरजीत पाठक ने डीएवी यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में इन निष्कर्षों को साझा किया।

उन्होने बताया कि शोधकर्ता कार्सिनोमा के इलाज के लिए स्टेम कोशिकाओं के उपयोग की जांच कर रहे हैं, जिससे आशाजनक परिणाम मिल रहे हैं।

डीएवी यूनिवर्सिटी में आयोजित “एक ग्रह, एक स्वास्थ्य, एक भविष्य” शीर्षक वाले दो दिवसीय सम्मेलन में डॉ. की अंतर्दृष्टि भी शामिल थी। केयर से अंतरा बनर्जी ने कैंसर और उम्र बढ़ने संबंधी विकारों के लिए भविष्य के चिकित्सीय उपकरण के रूप में स्टेम सेल की क्षमता पर चर्चा की।

पंजाब राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (पीएससीएसटी), पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी), और भारतीय विज्ञान कांग्रेस एसोसिएशन (चंडीगढ़ चैप्टर) के सहयोग से डीएवी यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ने विभिन्न देशों से विशेषज्ञ पहुंचे हैं।

भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग की पूर्व सचिव डॉ मंजू शर्मा ने देश के विभिन्न विकासात्मक क्षेत्रों में जैव प्रौद्योगिकी के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला।

इस कॉन्फ़्रेंस में आइवी वर्ल्ड स्कूल, जालंधर की 14 वर्षीय हरमेहर कौर का विशेष उल्लेख किया गया। हरमेहर ने जलवायु परिवर्तन पर शोध पत्र प्रस्तुत करने के लिए सराहना और मान्यता प्राप्त की।

बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर यूनिवर्सिटी, लखनऊ के डॉ कमल जयसवाल ने महिलाओं के कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा में पशु विज्ञान की सशक्त भूमिका पर चर्चा की।

इंडियन सोसाइटी फॉर पैरासिटोलॉजी की अध्यक्ष डॉ सुखबीर कौर ने लीशमैनिया वैक्सीन के अनुसंधान और संभावित विकास पर प्रकाश डाला।

सम्मेलन के दौरान, पंजाब फॉरम फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी कम्युनिकेशन ने समाज के प्रति उनकी सेवा के लिए डॉ. मनोज कुमार, कुलपति; श्री राजन गुप्ता, कार्यकारी निदेशक, डीएवी यूनिवर्सिटी और पूर्व पुलिस महानिदेशक और कृषि विशेषज्ञ प्रोफेसर तरलोक सिंह को सम्मानित किया। फॉरम के मानद अध्यक्ष प्रोफेसर आर सी सोबती ने उनकी अनुकरणीय सेवा के लिए आभार व्यक्त किया। फोरम ने 19 शोधकर्ताओं को फेलोशिप भी प्रदान की।

यूनिवर्सिटी के वाइस-चान्सलर डॉ. मनोज कुमार ने अत्याधुनिक अनुसंधान के एकीकरण के बारे में आशा व्यक्त की और वैश्विक स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए प्रयासों के लिए यूनिवर्सिटी की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।

संबंधित क्षेत्रों में कराई गयी प्रतियोगिताओं में पुरस्कार भी प्रदान किए गए। मौखिक प्रस्तुति के लिए अनमोल भाटिया (थापर यूनिवर्सिटी) को प्रथम पुरस्कार, संजय शर्मा (एसबीबीएसयू) को दूसरा और सरबजीत सिंह (जीएनडीयू) को तीसरा पुरस्कार मिला।

स्वास्थ्य देखभाल और पर्यावरण पर पोस्टर प्रस्तुति में, अर्पणा (जीएनडीयू) को पहला, सोनिया (एलपीयू) को दूसरा पुरस्कार, जगदीप सिंह (पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला) को तीसरा पुरस्कार मिला। कृषि पर पोस्टर प्रस्तुति में पल्लवी नरानिया (डीएवी यूनिवर्सिटी) को प्रथम पुरस्कार, भावना (डीएवीयू) को दूसरा पुरस्कार और अमरजीत सिंह (पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला) को तीसरा पुरस्कार मिला।

 

 

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