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चंडीगढ़। (Senior Congress leader Ashwani Sekhri, who was MLA for 4 times, joined BJP) बटाला से चार बार विधायक रहे अश्वनी सेखड़ी भी कांग्रेस का साथ छोड़ गए।

अश्वनी सेखड़ी ने भारतीय जनता पार्टी जॉइन कर ली। सुनील जाखड़ की प्रधानगी में भाजपा की पंजाब इकाई में एक और कांग्रेस नेता का नाम आज जुड़ गया।

अश्वनी सेखड़ी ने बताई कांग्रेस छोड़ने की वजह

कांग्रेस छोड़ने वाली अश्वनी सेखड़ी ने कांग्रेस छोड़ने की वजह बताई। अमित शाह से मिलने के पश्चात अश्वनी सेखड़ी ने कहा कि वे गृह मंत्री से मिले हैं। उनका परिवार भी मिला है। गृह मंत्री ने आर्शीवाद दिया है। वैलकॉम किया है।

अश्वनी सेखड़ी ने कहा कि भाजपा में आने का मुख्य कारण बार्डर एरिया के जिले पठानकोट गुरदापुर, अमृतसर, फिरोज़पुर, तरनतारन, फाज़िल्का पिछड़े हुए हैं।

सेखड़ी ने कहा कि पूरा देश तरक्की कर रहा है, तो पंजाब या ये बार्डर एरिया के 6 जिले क्यों पीछे रहें। भाजपा से यही मांग की है कि बार्डर एरिया के जिलों की तरक्की के लिए पैकेज जारी करे।

कांग्रेस में बन गया है गैंग

प्रदेश कांग्रेस में गैंग बन गया। आपस में पोस्टें बांटते हैं, पॉलिसीयां भी। ऐसा माहौल बनाया है वर्करों को सफोकेट करके पार्टी से निकाल रहे हैं। किसी की भी सुनते ही नहीं। मीटिंग करके अपनी बात करके खत्म कर देते हैं।

80 प्रतिशत काग्रेसी सफोकेटिड फील कर रहे हैं। ऐसे परिवार जिन्होनें शहीदीयां दी। वो भी पार्टी छोड़ने को तैयार हैं। कुछ लोग कांग्रेस को हाशिए पर ले गए हैं।

सेखड़ी ने कहा कि पंजाब की तीन जैनरेशन खराब हुई। पहली जैनरेशन टैरारिज़्म, दूसरी नशे खा गए। तीसरी जैनरेशन विदेश जा रहे हैं। घर खाली हो चुके हैं।

पंजाब खाली हो गया है। पंजाब में बड़े प्रोजेक्ट लाने हैं, भाजपा ही तरक्की कर सकती है।

पंजाब की तरक्की करवानी है तो भाजपा को ही चुनना पड़ेगा। क्योंकि पंजाब की तरक्की के लिए न तो कांग्रेस कुछ कर पाई और न कर सकती है। आप पार्टी तो बिल्कुल भी नहीं।

प्रताप बाजवा ने कसा व्यंग्यात्मक तंज

प्रताप बाजवा ने ट्वीट करके कहा- बसंती के टांगे में सवार होने के लिए एक और सवारी आज दोपहर 12:30 बजे दिल्ली के टांगा स्टेशन पर पहुंच रही है। अश्वनी सेखड़ी वाशिंग मशीन के लिए तैयार…

राजा वड़िंग से हैं नाराज

सेखड़ी की बात करें तो वह नवजोत सिंह सिद्धू गुट के माने जाते हैं। नवजोत सिंह सिद्धू के करीबी रहे और हमेशा उनके साथ कंधे से कंधा मिला दिखने वाले सेखड़ी कुछ समय से पार्टी से नाराज चल रहे थे।

सिद्धू के प्रधान बनने, रिजाइन और अब भी वह सिद्धू के करीब ही देखे जाते रहे।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग​​​​​​​ की तरफ से सिद्धू के करीबियों से किनारा किए जाने का असर सेखड़ी पर भी दिखा।

वड़िंग द्वारा उन्हें लगातार नजर-अंदाज किया जा रहा था। यही कारण है कि वह पार्टी छोड़ जा रहे हैं।

सेखड़ी का राजनीतिक सफर

सेखड़ी ने पहली बार 1985 में बटाला से पंजाब विधानसभा का चुनाव लड़ा। वह 2002 और 2012 में बटाला से फिर से चुने गए।

2002 में, उन्हें पर्यटन और संस्कृति राज्य मंत्री नियुक्त किया गया। 2009 में, उन्हें पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का प्रवक्ता नियुक्त किया गया।

वह उन 42 कांग्रेस विधायकों में से एक थे, जिन्होंने पंजाब में सतलज-यमुना लिंक (SYL) नहर को असंवैधानिक करार देते हुए भारत के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के विरोध में अपना इस्तीफा सौंप दिया था।

2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में उन्होंने बटाला विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा, लेकिन आम आदमी पार्टी के अमनशेर सिंह से चुनाव हार गए ।

 

 

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