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जालंधर। (Kudrat Deep Singh arrested by ED) मनी लांडरिंग के मामले में मुख्यारोपी कुदरतदीप सिंह द्वारा ईडी के साथ खेली जा रही आंख मिचौली आज खत्म हो गई। ई.डी. ने कुदरतदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। कुदरतदीप को अमृतसर से गिरफ्तार किया गया है।
कुदरतदीप की गिरफ्तारी को लेकर ईडी द्वारा काफी समय से प्रयास किए जा रहे थे। गिरफ्तारी के लिए अरेस्ट वारंट भी कई बार अदालत द्वारा जारी किए गए थे।
बता दें कि कुदरतदीप ईडी जांच में पहले भी शामिल हो चुका था। लेकिन उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। पता चला है कि अदालती द्वारा अरेस्ट वारंट जारी किए जाने के बाद से ईडी टीम लगातार कुदरतदीप की तलाश कर रही थी।
सूत्रों से पता चला है कि कुदरतदीप आज अमृतसर पहुंचा था। अमृतसर में कुदरतदीप का इमीग्रेशन दफ्तर की ओपनिंग थी। ओपनिंग से पहले ही ईडी टीम वहां पहुंच गई और कुदरतदीप को अरेस्ट कर लिया।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भांजे भूपिंदर सिंह हनी के करीबी कारोबारी कुदरतदीप सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट दोबारा जारी किए थे।
प्रीवेंशन आफ मनी लांड्रिंग एक्ट संबंधित केसों की विशेष जज एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश रुपिंदर चाहल की अदालत ने दोबारा गैर जमानती वारंट जारी करते हुए सुनवाई के लिए अगली तारीख 7 जून तय की है।
कुदरतदीप सिंह बार-बार समन जारी के होने के बावजूद कोर्ट में पेश नहीं हो रहा था। कुदरतदीप सिंह वही है जिसके घर में भी ईडी को पैसे मिले थे।
चार्जशीट में ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम के आरोपों के तहत चन्नी के भतीजे भूपिंदर सिंह उर्फ हनी और उसके सहयोगी कुदरतदीप सिंह का नाम है।
ईडी ने जब धन शोधन मामले को लेकर छापामारी की थी को भूपिंदर सिंह हनी के घर पर 7.9 करोड़ रूपया मिला था जबकि प्रोवाइडर्स ओवरसीज सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड जिसके माध्यम से यह धन शोधन करते थे उसके निदेशक कुदरतदीप सिंह के घर से ईडी ने दो करोड़ रुपया बरामद किया था।
बता दें कि एजेंसी ने स्पेशल प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत जज रूपिंदरजीत चहल की अदालत में चार्जशीट दायर की है।
इसमें ईडी ने बताया है कि भूपिंदर सिंह हनी, कुदरतदीप सिंह और संदीप कुमार ने साल 2018 में प्रोवाइडर्स ओवरसीज सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी बनाई थी जिसमें यह सब निदेशक थे।
इसी साल शहीद भगत सिंह नगर की पुलिस ने अवैध खनन में कुदरतदीप सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया था। उसके बाद ईडी ने शहीद भगत सिंह नगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर की धारा 379, 420, 465, 467, 468 और 471 के तहत प्राथमिकी के अलावा खनन और खनिज (विकास का विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21(1) और 4(1) के तहत दर्ज मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी।
प्रोवाइडर्स ओवरसीज कंसलटेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक रणदीप सिंह सहित इसके अन्य निदेशकों और शेयरधारकों के लुधियाना, रूपनगर, फतेहगढ़ साहिब और पठानकोट में एक दर्जन से अधिक ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय ने छापामारी की थी।
छापामारी का काम निपटाने के बाद तीन फरवरी को हनी को पूछताछ के लिए पहले जालंधर स्थित ईडी के आफिस में बुलाया था। लेकिन सवालों के सही ढंग से जवाब न देने पर चार फरवरी को गिरफ्तारी दिखा दी थी।
गिरफ्तारी के बाद कोर्ट ने दो बार हनी का रिमांड ईडी को दिया था। रिमांड खत्म होनमे के बाद हनी लगातार 27 मई तक अब न्यायिक हिरासत में है। कोर्ट ने हनी की जमानत याचिका भी खारिज कर दी है।

भूपिंदर सिंह हनी कपूरथला जेल में है बंद

बता दें कि, बीती 9 मई को कुदरतदीप सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे, जिसमें 27 मई को सुनवाई रखी गई थी। शुक्रवार को गैर जमानती वारंट तामील नहीं हो सके और कुदरतदीप सिंह अदालत में पेश भी नहीं हुआ।
अवैध रेत खनन और तबादलों में कथित धन शोधन के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भांजे भूपिंदर सिंह हनी को इंफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और वह अब तक कपूरथला जेल में बंद है।
हनी की जमानत याचिका और कुदरतदीप सिंह की अग्रिम जमानत याचिका भी अदालत की तरफ से खारिज की जा चुकी है।

चन्नी को ले डूबा भांजा हनी

पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को भी उनके भांजे भूपिंदर सिंह हनी का रिश्ता रास नहीं आया। खुद तो डूबा साथ में अपने मामा चन्नी को भी ले डूबा। अवैध खनन मामले में हनी ने मामा चन्नी को भी फंसा दिया।
पुलिस ने हनी के घर पर रेड करके 10 करोड़ कैश, 12 लाख की रोलैक्स घड़ी, 21 लाख का सोना बरामद किया था।
ईडी ने आठ करोड़ हनी के मोहाली के होमलैंड स्थित घर और दो करोड़ उसके पार्टनर संदीप के लुधियाना स्थित ठिकाने से बरामद किए थे।

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