Prabhat Times

  • प्रसिद्ध डिज़ाइनर प्रतिमा पांडे द्वारा डिज़ाइन, पारंपरिक फुलकारी कला और उसके आधुनिक रूपांतरण का उत्सव
  • बठिंडा की 300 से अधिक ग्रामीण महिला कारीगरों की प्रेरणादायक यात्रा का भी उत्सव मनाया गया।

बठिंडा। समावेशी विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हुए, एचएमईएल, जो भारत की अग्रणी ऑयल रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल कंपनी है, ने राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय एवं हस्तकला अकादमी में ‘फुलकारी ऑफ पंजाब’ थीम पर एक विशेष फैशन शो का आयोजन किया। यह शो एचएमईएल की प्रमुख सीएसआर पहल ‘महिला सशक्तिकरण’ हेतु कौशल प्रशिक्षण (फुलकारी कार्यक्रम)’ पर आधारित था, जिसका उद्देश्य पंजाब की समृद्ध फुलकारी कला को पुनर्जीवित करना और बठिंडा की ग्रामीण महिलाओं के लिए सतत आजीविका के अवसर सृजित करना है।

इस आयोजन में पंजाब की पारंपरिक कढ़ाई की जीवंत विरासत को प्रस्तुत किया गया, साथ ही इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षित बठिंडा की 300 से अधिक ग्रामीण महिला कारीगरों की प्रेरणादायक यात्रा का भी उत्सव मनाया गया। इस शो में प्रसिद्ध डिज़ाइनर प्रतिमा पांडे के सहयोग से तैयार विशेष कलेक्शन प्रदर्शित किया गया, जिसमें प्रत्येक परिधान को कारीगरों द्वारा बारीकी से हस्तनिर्मित किया गया था।

इस प्रदर्शनी में दुर्लभ फुलकारी बाग, पारंपरिक शॉल, दुपट्टे और अभिनव टेक्सटाइल पैनल शामिल थे। कार्यक्रम ने दृश्यात्मक प्रस्तुति के माध्यम से फुलकारी की विरासत से उसके आधुनिक पुनर्जीवन तक की यात्रा को प्रभावी ढंग से दर्शाया। इस मंच पर फुलकारी कला और इसे जीवित रखने वाली महिला कारीगर ही वास्तविक नायिकाएं रहीं।

इस पहल के बारे में बोलते हुए, एचएमईएल के एमडी एवं सीईओ श्री प्रभ दास ने कहा, “हमारा प्रयास ऐसे मंच तैयार करना है, जहां विरासत और अवसर का संगम हो। फुलकारी कार्यक्रम केवल एक कला को संरक्षित करने का प्रयास नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका प्रदान करने और उन्हें बड़े मंचों पर पहचान दिलाने का माध्यम भी है। यह शो उनकी कारीगरी और उद्यमशीलता की क्षमता का प्रमाण है।”

यह आयोजन भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ-साथ महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देने में इस पहल के सामाजिक प्रभाव को उजागर करने का एक सशक्त मंच बना। साथ ही, इसने समकालीन फैशन में हस्तनिर्मित वस्त्रों की बढ़ती प्रासंगिकता को भी रेखांकित किया। इस पहल के माध्यम से, एचएमईएल समावेशी विकास, सामुदायिक सशक्तिकरण और सांस्कृतिक स्थिरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और अधिक मजबूत कर रहा है, जो व्यापार से परे दीर्घकालिक मूल्य सृजन का मार्ग प्रशस्त करता है।

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