



Prabhat Times
- जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल द्वारा बाढ़ एवं मानसून संबंधी तैयारियों की समीक्षा
- अधिकारियों को 24 घंटे निगरानी रखने तथा बाढ़ सुरक्षा कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश
- पंजाब ने 414.75 करोड़ रुपये के सुरक्षा कार्यों से बाढ़ रोधी प्रबंधों को किया मजबूत: बरिंदर गोयल
- मान सरकार लोगों के जान-माल की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध: बरिंदर गोयल
चंडीगढ़। पंजाब के जल संसाधन मंत्री श्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज जल संसाधन विभाग के मुख्यालय में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य में बाढ़ एवं मानसून संबंधी सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की।
मानसून के दौरान किसी भी संभावित बाढ़ जैसी स्थिति से लोगों की सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पूरे पंजाब में लोगों के जान-माल, कृषि भूमि तथा सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मजबूत निगरानी प्रणाली और सुरक्षा तंत्र विकसित किया है।
बता दें कि हाल ही में कैबिनेट मंत्री ने बाढ़ संभावित विभिन्न संवेदनशील स्थानों का व्यापक दौरा कर वहां चल रहे तथा पूर्ण हो चुके कार्यों का जायजा लिया था और विभाग की तैयारियों की गहन समीक्षा की थी।
आज उच्च स्तरीय बैठक में कैबिनेट मंत्री ने पूरे पंजाब में बाढ़ सुरक्षा एवं ड्रेनेज प्रबंधन से संबंधित किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
इसमें ड्रेनों की सफाई, बोल्डर स्टोन (बड़े पत्थरों के साथ) एवं हाइब्रिड सुरक्षा कार्य, बाँधों को ऊंचा एवं मजबूत करना, फ्लड कंट्रोल गेटों की कार्यशीलता तथा संवेदनशील स्थानों पर ठोस बाढ़ सुरक्षा उपाय शामिल थे।
श्री बरिंदर कुमार गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ की संभावना को ध्यान में रखते हुए सभी संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा दरियाओं, ड्रेनों, बांधों और बाढ़ सुरक्षा ढांचे की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी हिदायत की कि जहां भी कोई कमी दिखाई दे, वहां तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं ताकि मानसून के दौरान लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
राज्यभर में गाद निकालने के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए मंत्री ने विभिन्न कार्यान्वयन मॉडलों के तहत किए जा रहे कार्यों का मूल्यांकन किया।
इनमें टेंडर आधारित परियोजनाएं, वॉल्यूम शेयरिंग व्यवस्था, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों को स्वीकृति के लिए भेजे गए स्थल तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के चरम दौर से पहले गाद निकालने के सभी कार्य समय पर पूरे किए जाएं, ताकि सुचारू निकासी को और बेहतर बनाया जा सके और भारी वर्षा के दौरान जलभराव को रोका जा सके।
अधिकारियों ने कैबिनेट मंत्री को बताया कि बाढ़ सुरक्षा कार्यों के तहत 101 बोल्डर स्टोन एवं हाइब्रिड सुरक्षा कार्य, 17 बांधों को ऊंचा उठाने, 22 तटबंधों को मजबूत करने, 188 ड्रेनों की सफाई तथा पांच फ्लड कंट्रोल गेटों के संचालन संबंधी कार्य किए गए हैं, जिन पर लगभग 414.75 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
कैबिनेट मंत्री ने सभी फील्ड अधिकारियों को मानसून के दौरान सतर्क रहने के निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ संभावित संवेदनशील स्थानों पर 24 घंटे निगरानी रखी जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि शेष सभी कार्य उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुसार निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएं ताकि पंजाब के लोगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी बाढ़ सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जा सकें।
जल संसाधन मंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार बाढ़ सुरक्षा कार्यों के समयबद्ध क्रियान्वयन, निरंतर फील्ड निगरानी तथा सभी संबंधित विभागों एवं एजेंसियों के साथ समन्वय के माध्यम से किसी भी बाढ़ संबंधी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है, ताकि जन सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और बाढ़ के प्रभाव को न्यूनतम किया जा सके।
बैठक में प्रमुख सचिव श्री कृष्ण कुमार, मुख्य इंजीनियर (ड्रेनेज) सरदार हरदीप सिंह मैंदीरत्ता तथा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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