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New Delhi नई दिल्ली। Digital Banking Experiance: प‍िछले कुछ सालों के दौरान ड‍िज‍िटल ट्रांजेक्‍शन तेजी से बढ़े हैं. लेक‍िन इसके साथ फ्रॉड के मामलों में भी तेजी से इजाफा हुआ है.

अब र‍िजर्व बैंक ऑफ इंड‍िया (RBI) ने डिजिटल बैंक‍िंग को ज्‍यादा आसान और सुरक्ष‍ित बनाने के लिए 7 नए ‘मास्टर’ ‘डायरेक्शन’ जारी क‍िये हैं.

ग्राहकों की सुव‍िधा को ध्‍यान में रखते हुए नए न‍ियमों को 1 जनवरी 2026 से देशभर के बैंकों में लागू क‍िया जाना है.

इन डायरेक्‍शन को सरकार की तरफ से उस मुह‍िम के तहत जारी क‍िया गया है, ज‍िसका मकसद ग्राहकों को सेफ्टी देना और न‍ियमों को आसान बनाना है.

कागजी कार्रवाई का दबाव कम होगा

इसका फायदा ग्राहकों के साथ बैंकों और एनबीएफसी (NBFC) को भी म‍िलेगा.

इन संस्थाओं पर फालतू कागजी कार्रवाई का दबाव कम होगा और काम करने में आसानी होगी.

रिजर्व बैंक की तरफ से कुल 244 मास्टर डायरेक्शन को जारी क‍िया गया है.

पहले डिजिटल बैंकिंग से जुड़े नियम अलग-अलग सर्कुलर में ब‍िखरे हुए थे.

अब आरबीआई (RBI ) ने सबको एक जगह करके 7 नए मास्‍टर डायरेक्‍शन खासतौर पर ड‍िज‍िटल बैंक‍िंग के ल‍िये जारी क‍िये हैं.

इनके जर‍िये बैंक‍िंग से जुड़े न‍ियमों को समझना और उनको फॉलो करना आसान हो जाएगा.

नए नियम किन-किन पर लागू होंगे?

आरबीआई की तरफ से जारी क‍िये गए न‍ियमों को बड़े कमर्शियल बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, पेमेंट बैंक, लोकल एरिया बैंक, रीजनल रूरल बैंक, शहरी को-ऑपरेटिव बैंक और ग्रामीण को-ऑपरेटिव बैंक सभी पर लागू क‍िया जाएगा.

कुल मिलाकर हर तरह के बैंक पर इन न‍ियमों को लागू क‍िया जाएगा. इन न‍ियमों को 1 जनवरी 2026 से लागू क‍िये जाने का प्‍लान है.

आरबीआई की तरफ से यह कवायद प‍िछले करीब छह महीने से की जा रही थी.

इस अभ‍ियान के तहत र‍िजर्व बैंक ने 5673 पुराने सर्कुलर को रद्द कर द‍िया है.

हर बैंक को बनानी होगी डिजिटल पॉलिसी

नए नियम के अनुसार हर बैंक को अपनी अलग से डिजिटल बैंकिंग पॉलिसी बनानी पड़ेगी.

इस पॉल‍िसी के तहत लिखना होगा कि इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई (UPI) में कस्‍टमर का पैसा क‍िस तरह सुरक्षित रहेगा, ल‍िक्‍व‍िड‍िटी कैसे मैनेज होगी और क‍िसी तरह की तकनीकी गड़बड़ी आने पर क्‍या करेंगे?

ग्राहक के लिए क्‍या फायदा होगा?

न‍ियम पूरी तरह साफ और स्‍पष्‍ट होने से बैंक जल्दी नई सर्विस को लॉन्‍च कर पाएंगे.

इससे साइबर फ्रॉड से बचाव के नियमों को और सख्‍त क‍िया जा सकेगा.

इसके अलावा छोटे बैंक भी बड़े बैंकों की तरह डिजिटल सुविधाएं दे सकेंगे.

श‍िकायत म‍िलने पर कार्रवाई तेजी के साथ पूरी की जा सकेगी.

RBI का मकसद: एक देश-एक नियम

आरबीआई  की तरफ से कहा गया ‘हम चाहते हैं देश में बैंक‍िंग करना जितना आसान हो सके. इसलिए पुराने उलझे हुए नियमों को स्‍क्रैप कर नई और साफ-सुथरी बुक्‍स ला रहे हैं.’

आप इसे आसान भाषा में यह भी कह सकते हैं क‍ि 2026 से आपका मोबाइल बैंकिंग, नेट बैंकिंग और UPI और भी तेज, सुरक्षित और आसान होने वाला है.

इसके लि‍ए आपको क‍िसी तरह की झंझट लेने की जरूरत नहीं होगी

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