Prabhat Times
चंडीगढ़। केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत बिट्टू को धार्मिक सजा सुनाई गई है। आज बुधवार को बिट्टू चंडीगढ़ में एससी कमीशन के सामने पेश हुए थे।
इसके बाद आयोग ने उनका पक्ष सुनने के बाद राज्यमंत्री को 4 जगहों पर माथा टेकने को कहा। एससी आयोग ने यह कार्रवाई पुलिस पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में की है।
बिट्टू 4 धार्मिक स्थलों पर नतमस्तक होंगे। इनमें श्री दरबार साहिब (गोल्डन टेंपल), फिल्लौर स्थित डेरा ब्रह्मदास, भगवान वाल्मीकि जी का डेरा (रामतीर्थ, अमृतसर) और डेरा बल्लां में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
बता दें कि केंद्रीय राज्य मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता रवनीत सिंह बिट्टू बुधवार को पंजाब एससी आयोग के समक्ष पेश हुए।
जातिसूचक टिप्पणी मामले में बिट्टू ने अपने वकीलों के माध्यम से आयोग के सामने अपना पक्ष रखा।
सुनवाई के दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि घटना के दौरान उनके मुंह से निकले शब्द कानूनी तौर पर पूरी तरह गलत थे और इसके लिए वह पहले ही सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं।
बिट्टू ने आयोग को बताया कि विवाद वाले दिन हालात बेहद तनावपूर्ण थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने संबंधित वीडियो अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंट से भी डिलीट कर दी थी।
बिट्टू के मुताबिक, उन्हें सबसे पहले संगरूर में एक एसपी रैंक के अधिकारी ने रोका था। उस अधिकारी ने बताया था कि भाजपा नेता ओंकार सिंह को बलिया थाने में हिरासत में रखा गया है।
ये है मामला
दरअसल, यह विवाद 26 मई 2026 को पंजाब निकाय चुनाव के मतदान के दिन शुरू हुआ था। धूरी (संगरूर) में भाजपा नेता ओंकार सिंह को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।
उन्हें छुड़ाने और धूरी में प्रवेश करने की कोशिश के दौरान रवनीत बिट्टू और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई थी।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसके बाद बिट्टू पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपत्तिजनक और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के आरोप लगे थे।
आम आदमी पार्टी ने इस घटना को ‘गुंडागर्दी’ करार दिया था। मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए पंजाब एससी आयोग ने बिट्टू को तलब किया था और संगरूर पुलिस से रिपोर्ट भी मांगी थी।
बिट्टू को पहले 4 और 15, जून को पेश होना था, लेकिन निजी कारणों और दिल्ली में व्यस्तता के चलते वह उपस्थित नहीं हो सके थे।
उस समय उनके वकील आयोग के समक्ष पेश हुए थे और आयोग अध्यक्ष जसबीर सिंह गढ़ी को उनकी व्यस्तता की जानकारी दी थी। अब बिट्टू ने आयोग के सामने व्यक्तिगत रूप से अपना पक्ष रख दिया है।
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