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चंडीगढ़। हैदराबाद से चंडीगढ़ पहुंची इंडिगो फ्लाइट 6E 108 में मंगलवार को पावर बैंक में ब्लास्ट हो गया। इससे 5 यात्री घायल हो गए। पावर बैंक एक यात्री के बैग में रखा था।

घटना उस समय हुई, जब फ्लाइट एयरपोर्ट पर खड़ी थी। हादसे के बाद फ्लाइट में धुआं भर गया, जिससे यात्री घबरा गए। यात्रियों को इमरजेंसी गेट से निकाला गया।

कुछ फोटो भी लोगों ने शेयर किए हैं। जिसमें एक महिला को एंबुलेंस में रखा गया था। क्रू मेंबर्स ने तुरंत फायर सेफ्टी उपकरणों का इस्तेमाल कर आग पर काबू पाया।

अभी तक यह साफ नहीं हुआ के पावर बैंक ब्लास्ट कैसे हुआ। पुलिस और एयरपोर्ट अथारिटी की टीमें जांच कर रही है।

यात्रियों को उतारने के लिए 2 स्लाइडर खोले गए थे। एयरपोर्ट का ग्राउंड स्टाफ यात्रियों की सुरक्षित उतारने में जुटा था।

विमान खाली करवाया, यात्रियों को टर्मिनल तक पहुंचाया

इंडिगो की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तुरंत विमान खाली कराया गया और संबंधित अधिकारियों को तुरंत सूचना दी गई। सभी यात्रियों को सुरक्षित तरीके से टर्मिनल तक पहुंचाया गया, जहां एयरलाइन की टीम उनकी सहायता में जुटी रही।

एयरलाइन के अनुसार विमान को दोबारा संचालन में लाने से पहले जरूरी तकनीकी जांच की जाएगी। इंडिगो ने कहा कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

फ्लाइट में 198 यात्री सवार थे

सूत्रों के मुताबिक इंडिगो की फ्लाइट 6E-108 (HYD-IXC) करीब 3:29 बजे सुरक्षित उतरी। विमान में 198 यात्री, दो बच्चे और छह क्रू मेंबर सवार थे।

लैंडिंग के बाद जब विमान वे नंबर-1 की ओर बढ़ रहा था, तभी सीट 39C पर बैठे यात्री ने क्रू को अपने पावर बैंक में आग लगने की जानकारी दी। आशंका जताई गई कि पावर बैंक फट गया था।

कैबिन क्रू ने तुरंत फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से आग पर काबू पाया, लेकिन विमान के अंदर धुआं फैल गया। एहतियात के तौर पर इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू किए गए।

करीब 3:35 बजे क्रू मेंबर ने इमरजेंसी एग्जिट खोला और यात्रियों को एयर स्लाइड्स के जरिए बाहर निकाला गया।

एयरफोर्स की फायर टेंडर टीम 3:38 बजे मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आ चुकी थी।

फ्लाइट में पावर बैंक से चार्जिंग बैन, सिर्फ हैंड बैगेज में ही रखने की अनुमति

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने जनवरी 2026 से फ्लाइट के दौरान यात्री पावर बैंक का इस्तेमाल कर मोबाइल फोन या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को चार्ज करने पर रोक लगा दी थी।

DGCA के अनुसार, पावर बैंक और अन्य रिचार्जेबल डिवाइस में इस्तेमाल होने वाली लिथियम बैटरियां आग लगने का बड़ा कारण बन सकती हैं। दुनिया भर में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां फ्लाइट के दौरान लिथियम बैटरियां ज्यादा गर्म होकर आग का कारण बनी हैं।

पावर बैंक और अतिरिक्त लिथियम बैटरियां केवल हैंड बैगेज में ही ले जाने की अनुमति है। इन्हें ओवरहेड केबिन या लगेज रैक में रखना सख्त मना है। ओवरहेड बिन में आग लगने की स्थिति में उसे समय रहते पहचानना और बुझाना बेहद मुश्किल होता है।

DGCA का कहना है कि हैंड बैग के अंदर या ओवरहेड बिन में रखी बैटरियों में धुआं या आग लगने की शुरुआत तुरंत दिखाई नहीं देती, जिससे केबिन क्रू को समय पर प्रतिक्रिया करने में देरी हो सकती है और यात्रियों की जान जोखिम में पड़ सकती है।

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