Prabhat Times
जालंधर। वाल्मीकि समाज के पंजाब बंद का कॉल को व्याप्क समर्थन मिला है। बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में दी गई बंद की कॉल के दौरान जालंधर लगभग बंद है।
जालंधर के कई स्कूल बंद हैं और मार्किट लगभग बंद ही हैं। वाल्मीकि समाज का शांतिपूर्वक प्रदर्शन जारी है।
माहौल देखते हुए जालंधर में पुलिस कमिश्नर सतिन्द्र सिंह खुद फील्ड में हैं और शहरवासियों की जान माल की सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं।
बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में वाल्मीकि समाज का गुस्सा चरम पर है।
घटना से आक्रोशित विभिन्न वाल्मीकि संगठनों ने सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए आज (27 जुलाई) पंजाब बंद का आह्वान किया।
इसे देखते हुए जालंधर में कई स्कूलों में की छुट्टी की गई है। एमजीएन स्कूल, सेठ हुक्म चंद स्कूल, इनोसेंट हार्ट स्कूल और शिव ज्योति स्कूल के बच्चों को स्कूल बंद है।
इसके बाद ऑनलाइन क्लास लगाकर बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।
वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों ने आम जनता, व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न वर्गों से एकजुट होकर इस बंद का समर्थन करने और उनके संघर्ष में साथ देने की अपील की है।
इस दौरान सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बाजार, व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद हैं।
बता दें कि 22 जुलाई को बरनाला में प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था।
इसके बाद पंजाब सरकार ने एक्शन लेते हुए बरनाला के DSP को सस्पेंड कर दिया है।
इसके बाद भी वाल्मीकि समाज का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उन्होंने अब 2 नई मांगें भी रखी हैं।
वाल्मीकि समाज की मुख्य मांगें
वाल्मीकि समाज के नेताओं का कहना है कि बरनाला की घटना के बाद से ही पूरे समुदाय में गहरा आक्रोश और नाराजगी है। समाज ने पंजाब सरकार और स्थानीय प्रशासन के समक्ष पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाने की मांग की।
इसके अलावा उनकी मांग है कि निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करने वाले दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, और पीड़ित सफाई कर्मचारियों को बिना किसी देरी के इंसाफ दिलाया जाए।
शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक प्रदर्शन की अपील
पंजाब बंद के मद्देनजर राज्य के विभिन्न जिलों में विरोध प्रदर्शनों और शांतिपूर्ण रैलियों की तैयारियां जोरों पर हैं।
प्रदर्शन के आयोजकों ने सभी समर्थकों और आम जनता से अपील की है कि आंदोलन के दौरान पूरी तरह से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीका अपनाएं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन का मकसद अपनी आवाज उठाना है, इसलिए कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें और आम जनता को अनावश्यक परेशानी न होने दें।
—————————————————————————————————


————————————–










