
Prabhat Times
चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में काटो कलेश खत्म नहीं हो रहा है। अब चन्नी-वड़िंग के बाद पार्टी में तीसरे गुट तौर पर प्रताप सिंह बाजवा ने मोर्चा खोल दिया है।
इसी बीच 15 कांग्रेस विधायकों ने चंडीगढ़ में सीक्रेट बैठक कर राहुल गांधी से मुलाकात का फैसला लिया। इसके बाद विधायकों ने राहुल गांधी को लेटर लिखकर मिलने का समय मांगा है।
विधायक पंजाब कांग्रेस के मौजूदा हालात और नेताओं के बीच चल रहे विवाद को लेकर राहुल गांधी के सामने अपनी बात रखना चाहते हैं।
इसी बीच प्रताप सिंह बाजवा भी दिल्ली पहुंचे हैं। ऐसे में पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी सियासत में इस घटनाक्रम को अहम माना जा रहा है।
इससे पहले पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल पंजाब दौरे पर आए थे। उस समय विधानसभा का सेशन चल रहा था। जिसके चलते ये विधायक उनसे मुलाकात नहीं कर पाए थे।
अब 15 विधायकों ने राहुल गांधी से मिलने के लिए लेटर भेजा है। हालांकि, राहुल गांधी की ओर से मुलाकात के लिए समय तय होने की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
पंजाब कांग्रेस ये है विवाद
1 जुलाई के फैसले के बाद बढ़ी खींचतान: अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखा गया, जबकि चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव प्रचार समिति की कमान मिली। इसके बाद चन्नी समर्थक खेमा नेतृत्व में बदलाव और 2027 के CM चेहरे को लेकर सक्रिय हुआ।
बघेल के दौरों में खुलकर सामने आया विवाद: लुधियाना, संगरूर और मलेरकोटला की बैठकों में हंगामा, नारेबाजी और धक्का-मुक्की हुई। लुधियाना में कार्यकर्ताओं ने ‘भूपेश बघेल गो बैक’ के नारे लगाए। इस दौरान वड़िंग और चन्नी समर्थकों के बीच भी टकराव हुआ।
हाईकमान तक पहुंची ‘स्लीपर सेल’ की रिपोर्ट: प्रभारी भूपेश बघेल ने पार्टी के अंदर चल रही गतिविधियों को लेकर हाईकमान को रिपोर्ट दी। इसमें कुछ लोगों के विपक्ष के इशारे पर वड़िंग को निशाना बनाने की आशंका जताई गई। हाईकमान ने चुनाव से पहले CM चेहरे का ऐलान नहीं करने और अनुशासनहीनता पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
सीनियर नेताओं ने भी खोला मोर्चा: सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने मजबूत और बेदाग नेतृत्व में 2027 का चुनाव लड़ने की मांग उठाई। कुछ विधायक और पटियाला-संगरूर के वरिष्ठ नेता पार्टी कार्यक्रमों से दूरी बनाकर सीधे दिल्ली में हाईकमान तक अपनी बात पहुंचा रहे हैं।
विधानसभा में सरकार के खिलाफ एकजुट दिखी कांग्रेस: अंदरूनी खींचतान के बावजूद कांग्रेस ने विधानसभा में AAP सरकार को घेरने में आक्रामक रुख अपनाया। मानसून सत्र में सरकार की ओर से एक दिन में 9 विधेयक पास किए जाने के मुद्दे पर प्रताप सिंह बाजवा, परगट सिंह और सुखपाल सिंह खैहरा ने सरकार पर निशाना साधा।
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