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  • 17 मार्च को 100 नए आम आदमी क्लीनिकों का उद्घाटन किया जाएगा, जिससे इन क्लीनिकों की कुल संख्या 993 हो जाएगी: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह
  • पंजाब प्रति परिवार प्रति वर्ष 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा प्रदान करने वाला देश का पहला राज्य बना
  • सरकारी स्वास्थ्य सुविधा में पहला सफल लिवर ट्रांसप्लांट पंजाब में तृतीयक देखभाल के लिए मील का पत्थर साबित हुआ: डॉ. बलबीर सिंह

चंडीगढ़। सीएम भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के चार वर्ष पूरे हो गए हैं। इस दौरान राज्य का स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र पूरी तरह परिवर्तित हुआ है, जिसमें जमीनी स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर सुपर-स्पेशियलिटी देखभाल तक एक सुदृढ़ और व्यवस्थित इकोसिस्टम विकसित किया गया है।

सरकार की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि पंजाब देश का एकमात्र राज्य है जो प्रति परिवार प्रति वर्ष 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा प्रदान कर रहा है।

प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मंत्री ने घोषणा की कि 17 मार्च 2026 को 100 नए आम आदमी क्लीनिक (एएसी) का उद्घाटन किया जाएगा। इसके साथ ही कार्यरत क्लीनिकों की कुल संख्या 993 हो जाएगी और 450 अन्य क्लीनिक वर्तमान में विचाराधीन हैं।

उन्होंने बताया कि मौजूदा 883 एएसी पहले ही 1.6 करोड़ से अधिक पंजाबियों को सेवाएं प्रदान कर चुके हैं और इन क्लीनिकों में 5 करोड़ से अधिक मरीजों की आमद दर्ज की गई है। इन क्लीनिकों में 107 आवश्यक दवाइयां और 47 डायग्नोस्टिक परीक्षण पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं।

उल्लेखनीय है कि इन क्लीनिकों में हर महीने 30,000 से अधिक गर्भवती महिलाओं को प्रसव-पूर्व देखभाल प्रदान की जा रही है और 1.1 लाख से अधिक लोगों को मधुमेह और उच्च रक्तचाप के लिए नियमित उपचार मिल रहा है।

मंत्री ने दोहराया कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत प्रति परिवार प्रति वर्ष 10 लाख रुपये की सुरक्षा प्रदान की जाती है और यह देश की सबसे बड़ी राज्य-वित्तपोषित स्वास्थ्य बीमा योजना है।

इस योजना के तहत 2,300 से अधिक सर्जरी और रोग प्रबंधन पैकेज—जिनमें कार्डियोलॉजी, ऑन्कोलॉजी और ट्रॉमा शामिल हैं—कवर किए जाते हैं।

इस योजना के अंतर्गत 600 से अधिक प्रमुख निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है ताकि राज्य के गरीब परिवारों को गुणवत्तापूर्ण उपचार तक आसान पहुंच मिल सके।

तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी उपलब्धि का उल्लेख करते हुए मंत्री ने पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (पीआईएलबीएस) को कार्यशील बनाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यहां नवंबर 2025 में सरकारी सुविधा के अंतर्गत राज्य का पहला सफल लिवर ट्रांसप्लांट किया गया था।

इसके अतिरिक्त सरकार द्वारा अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद के लिए 400 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जा रहा है। सभी जिला अस्पतालों को एमआरआई सेवाओं से लैस किया जाएगा और सीटी स्कैन सेवाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। साथ ही अमृतसर, फरीदकोट, मोहाली और पटियाला में नई पीईटी स्कैन सुविधाएं शुरू की जाएंगी।

राज्य के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी भर्ती मुहिम के बारे में मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने 2022 से अब तक 948 जनरल डॉक्टरों और 627 विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की है, जो सरकारी डॉक्टरों की कुल संख्या का लगभग 35 प्रतिशत है। इसके अलावा नर्सों और फार्मासिस्टों सहित पैरामेडिकल स्टाफ की भी बड़े पैमाने पर भर्ती की गई है।

पंजाब को चिकित्सा शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनाने और छात्रों के विदेशों में पढ़ाई के रुझान को कम करने के लिए सरकार द्वारा होशियारपुर, कपूरथला, संगरूर, शहीद भगत सिंह नगर, लहरागागा, मलेरकोटला और लुधियाना में सात नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। इन कॉलेजों का निर्माण शीघ्र शुरू होगा, जिससे राज्य में 600 नई एमबीबीएस सीटें जोड़ी जाएंगी। उन्होंने कहा कि पटियाला, अमृतसर और फरीदकोट के मौजूदा मेडिकल कॉलेजों को भी पोस्ट-ग्रेजुएट सुपर-स्पेशियलिटी संस्थानों में अपग्रेड किया जा रहा है।

आपातकालीन और क्रिटिकल केयर को दी जा रही प्राथमिकता पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने बताया कि ‘फरिश्ते’ योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल कैशलेस उपचार उपलब्ध कराकर 600 से अधिक लोगों की जान बचाई गई है। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण का कार्य भी जारी है, जिसमें 50 बिस्तरों वाले 22 क्रिटिकल केयर ब्लॉकों का निर्माण शामिल है।

‘सीएम दी योगशाला’ पहल के अंतर्गत प्रतिदिन लगभग 5,000 पर्यवेक्षित योग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनसे लगभग 1.5 लाख नागरिक लाभान्वित हो रहे हैं। नशे के खिलाफ निर्णायक अभियान के तहत सरकार द्वारा शुरू की गई ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम के अंतर्गत 548 ओट क्लीनिक स्थापित किए गए हैं, जिनके माध्यम से नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्रों के व्यापक नेटवर्क द्वारा 10.63 लाख से अधिक मरीजों का उपचार किया जा रहा है।

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