जालंधर (ब्यूरो): कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के लिए तैनात सिविल अस्पताल जालंधर की टीम की बड़ी लापरवाही सामने आई है।

कोरोना वायरस से पीड़ित जिस युवक विश्व शर्मा वासी लाल बाजार को सेहत विभाग द्वारा स्वस्थ बताते हुए अस्पताल से छुट्टी दी गई, रात होते ही उसे अस्पताल ये कह कर बुला लिया गया कि उसकी रिपोर्ट नेगेटिव नहीं बल्कि पोज़िटिव है। गल्ती से उसे नेगेटिव रिपोर्ट दी गई।

सेहत विभाग की ये लापरवाही सामने आने से हड़कम्प मच गया है। युवक विश्व शर्मा देर रात करीब 12.15 बजे वापस अस्पताल पहुंच गया है।

बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण दीपक शर्मा के बाद विश्व शर्मा वासी लाल बाजार का टेस्ट हुआ। उसका कोरोना टेस्ट पोज़िटिव आने के बाद उसे सिविल अस्पताल रखा गया।

आज दोपहर अस्पताल के डाक्टर कश्मीरी लाल व अन्य स्टाफ द्वारा विश्व शर्मा को ये कहते हुए बधाई दी कि उसकी कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई है। वह अपने घर वापस जा सकता है।

डाक्टरों ने अस्पताल से छुट्टी का उसे सर्टीफिकेट दिया गया और उससे स्वः घोषणा पत्र साईन करवाया गया कि वह अगले 14 दिन तक अपने घर में रहेगा।

विश्व शर्मा ने बताया कि शाम के समय घर पहुंच गया। उसके घर वाले सभी खुश थे। विश्व शर्मा ने बताया कि आज रात करीब 11.30 बजे उसे अस्पताल से डाक्टर कश्मीरी लाल का फोन आया कि उसकी रिपोर्ट नेगेटिव नहीं बल्कि पोज़िटिव प्राप्त हुई है।

उसे गल्ती से छुट्टी दे दी गई। विश्व शर्मा के मुताबिक उसे कहा गया कि वे तुरंत वापस सिविल अस्पताल आ जाए।

विश्व शर्मा ने बताया कि वे तुरंत अपने दोपहिया वाहन पर वापस सिविल अस्पताल पहुंच गया है। लेकिन सेहत विभाग की लापरवाही के कारण उसे उसके परिवार को मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी है।

सेहत विभाग के अधिकारियों के फोन बंद

विश्व शर्मा मामले में सेहत विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। इस संबंधी बात करने के लिए डाक्टर कश्मीरी लाल को फोन किया गया, लेकिन उनका फोन स्विच ऑफ हो गया।

घर में मिले कई लोग!

पता चला है कि विश्व शर्मा के घर जाने के पश्चात उसके परिजन काफी खुश थे। परिवार वालों ने इकट्ठे भी हुए और विश्व शर्मा से भी मिले।

विश्व शर्मा का कहना है कि जब वह घर पहुंचा तो उसके कई लोग मिले। सारा परिवार खुश था, लेकिन सेहत विभाग की लापरवाही के कारण ईलाके में दहशत फैल गई है।