Prabhat Times
- एस.एच.जी. के गठन में मान सरकार के चार वर्षों का कार्यकाल पिछली सरकारों के 11 वर्षों से कहीं बेहतर; पहले के 1.71 करोड़ रुपये की तुलना में 631 करोड़ रुपये के ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराए गए
- भगवंत मान सरकार ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण को बड़ा बढ़ावा दिया: तरुनप्रीत सिंह सौंद
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए किए गए महत्वपूर्ण प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए पंजाब के कैबिनेट मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि पिछले चार वर्षों में स्वयं सहायता समूहों (एस.एच.जी.) के बड़े पैमाने पर विस्तार से प्रदेश भर की महिलाओं के लिए रोजगार, आर्थिक स्वतंत्रता और सम्मान के नए रास्ते खुले हैं।
वर्ष 2011 से 2022 तक के 11 वर्षों और मान सरकार के वर्ष 2022 से 2026 तक के चार वर्षों के शासनकाल की तुलना करते हुए तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि मान सरकार द्वारा किए गए कार्यों की गति और दायरा जमीनी स्तर पर महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए उनकी प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से उजागर करता है।
तरुनप्रीत सिंह सौंद ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में लगभग 29,053 की तुलना में भगवंत मान सरकार के मात्र चार वर्षों में 28,734 स्वयं सहायता समूह बने हैं। इसी प्रकार पिछले 11 वर्षों के दौरान 2.97 लाख की तुलना में चार वर्षों में लगभग 2.90 लाख महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है।
तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा, “आंकड़े स्वयं बोलते हैं। पिछली सरकारों के अधीन जिसे हासिल करने में 11 वर्ष लगे, उसे भगवंत मान सरकार ने मात्र चार वर्षों में हासिल करके दिखाया। यह परिवर्तन केवल वही सरकार ला सकती है, जो महिला सशक्तिकरण के लिए स्पष्ट रूप से प्रतिबद्ध हो।”
कैबिनेट मंत्री ने विशेष रूप से एस.एच.जी. को दी जाने वाली ब्याज मुक्त वित्तीय सहायता में वृद्धि का भी उल्लेख किया, जहां 2011-2022 के दौरान मात्र 1.71 करोड़ रुपये के ब्याज मुक्त ऋण दिए गए थे, वहीं भगवंत मान सरकार ने मात्र चार वर्षों में 631 करोड़ रुपये के ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराए हैं।
उन्होंने आगे कहा, “यह केवल आंकड़ों में वृद्धि नहीं है; बल्कि पंजाब की महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता में निवेश है। जब महिलाओं को किफायती दरों पर और ब्याज मुक्त ऋण तक पहुंच मिलती है, तो वे रोजगार के लिए अपने खुद के काम शुरू कर सकती हैं या उसका विस्तार कर सकती हैं, परिवार की आय में अधिक योगदान दे सकती हैं और अपने परिवारों के लिए एक अधिक सुरक्षित भविष्य का निर्माण कर सकती हैं।”
स तरुनप्रीत सिंह सौंद ने यह भी बताया कि मान सरकार ने रिवॉल्विंग फंड सहायता को दोगुना कर दिया है, जिससे यह राशि पहले के 10,000-15,000 रुपये प्रति एस.एच.जी. से बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रति एस.एच.जी. कर दी गई है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों के 1,806 की तुलना में चार वर्षों में 2,427 संगठनों का गठन गांव स्तर पर संस्थागत नेटवर्क को और मजबूत करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड के लाभार्थियों की संख्या 6,234 से बढ़कर 9,244 होना, महिलाओं और एस.एच.जी. सदस्यों के लिए वित्तीय अवसरों का विस्तार करने संबंधी सरकार के समर्पित प्रयासों को दर्शाता है।
स तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि मान सरकार महिला सशक्तिकरण को केवल एक कल्याण उद्देश्य के रूप में नहीं, बल्कि पंजाब की आर्थिक प्रगति के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में देखती है।
उन्होंने कहा, “यदि पंजाब की महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी, तो पूरा परिवार मजबूत होगा, गांव मजबूत होगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि हर महिला को आर्थिक रूप से आत्म-निर्भर बनने और पंजाब की समृद्धि में योगदान देने का अवसर मिले।”
कैबिनेट मंत्री ने दोहराया कि पंजाब सरकार स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करना, वित्तीय सहायता तक पहुंच का विस्तार करना और रोजगार के स्थायी अवसरों को बढ़ावा देना जारी रखेगी ताकि प्रदेश भर की महिलाएं अधिक आर्थिक स्वतंत्रता, सम्मान और सशक्तिकरण की ओर अग्रसर हो सकें।
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