Prabhat Times
- पंजाब भर में 71 लाख बच्चों को एल्बेंडाज़ोल की गोलियां खिलाने का लक्ष्य
- स्वास्थ्य मंत्री ने बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सभी से अभियान का हिस्सा बनने की अपील
चंडीगढ़। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज नेशनल डीवॉर्मिंग डे के अवसर पर स्थानीय फेज-11 स्थित स्कूल ऑफ एमिनेंस में आयोजित प्रभावशाली समारोह के दौरान राज्य स्तरीय अभियान की शुरुआत की।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि इस अभियान के तहत 1 से 19 वर्ष तक की आयु के बच्चों को एल्बेंडाज़ोल की गोलियां खिलाई जाएंगी, ताकि बच्चों को पेट के कीड़ों से मुक्ति दिलाई जा सके। स्वास्थ्य मंत्री ने स्वयं स्कूली बच्चों को गोलियां खिलाकर अभियान का शुभारंभ किया।
उन्होंने बताया कि पूरे पंजाब में लगभग 71 लाख बच्चों को एल्बेंडाज़ोल की गोलियां खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जो बच्चे आज किसी कारणवश दवा लेने से वंचित रह जाएंगे, उन्हें 17 अगस्त को मॉप-अप दिवस के दौरान यह दवा खिलाई जाएगी।
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि आमतौर पर बच्चों के पेट में कीड़े हो जाते हैं, जिन्हें समाप्त करना बेहद आवश्यक है।
इसी उद्देश्य से नियमित रूप से अभियान चलाकर बच्चों को इस समस्या से निजात दिलाने के प्रयास किए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि यह दिवस केवल एक गोली देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य में निवेश का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि डीवॉर्मिंग से बच्चे अधिक स्वस्थ रहते हैं, उनकी पोषण स्थिति में सुधार होता है, शारीरिक विकास में मदद मिलती है और वे स्कूल तथा दैनिक जीवन में अधिक सक्रिय रूप से भाग ले पाते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए अभिभावकों, अध्यापकों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बेहतर प्रयास करने की अपील करते हुए पंजाब को ‘रंगला पंजाब’ बनाने का आह्वान किया और सभी से इस अभियान में भरपूर सहयोग देने को कहा।
स्वास्थ्य विभाग की निदेशक परिवार कल्याण डॉ. अदिति सलारिया ने अपने संबोधन में कहा कि प्रत्येक बच्चे के लिए एल्बेंडाज़ोल की गोली चबाकर खाना जरूरी है, चाहे बच्चे के पेट में कीड़े हों या न हों।
उन्होंने कहा कि पेट के कीड़े बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होते हैं और निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार दवा लेने से कोई हानिकारक प्रभाव नहीं पड़ता।
पेट के कीड़ों के कारण बच्चों में खून की कमी, थकान और कुपोषण जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं, जिससे बच्चे का संपूर्ण शारीरिक एवं मानसिक विकास प्रभावित होता है। उन्होंने बच्चों को नेशनल डीवॉर्मिंग डे के महत्व के बारे में भी जागरूक किया।
सिविल सर्जन डॉ. संगीता जैन ने बताया कि जिले में स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार एल्बेंडाज़ोल की निःशुल्क खुराक दी जा रही है।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करें और अपने बच्चों को निर्धारित दवा अवश्य दिलवाएं।
मोहाली के मेयर श्री सरबजीत सिंह समाना तथा जिला योजना समिति की अध्यक्ष बीबी प्रभजोत कौर ने भी समारोह को संबोधित करते हुए बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं स्वस्थ भविष्य के लिए सभी से इस अभियान का हिस्सा बनने की अपील की।
समारोह के दौरान स्कूली बच्चों ने पेट के कीड़ों से बचाव एवं डीवॉर्मिंग के प्रति जागरूकता का संदेश देते हुए नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया।
इसके अलावा समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों, बच्चों एवं अन्य प्रतिभागियों को पेट के कीड़ों से मुक्ति तथा स्वस्थ जीवन के प्रति जागरूकता संबंधी शपथ भी दिलाई गई।
इस अवसर पर जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. गिरीश डोगरा, स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती शैली राजपूत सहित अन्य वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी, अध्यापक एवं स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे।
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