Prabhat Times

जालंधर। (Gangster’s shadow on elections, campaigning from jail) पंजाब विधानसभा चुनाव सिर पर है. चारों और चुनावी माहौल गर्म आ चुका है. सभी राजनीतिक पार्टियों द्वारा अपने उम्मीदवार घोषित किए जा चुके हैं. अपने-अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए उनके समर्थक दिन रात एक कर रहे हैं.
चुनाव प्रचार अभियान सिर्फ शहरों गली मोहल्लों में ही नहीं बल्कि जेल में भी चल रहा है. जेल में बैठे गैंगस्टर अपने राजनीतिक आकाओं के लिए चुनाव प्रचार कर रहे हैं और वे भी अपने तरीके से पता चला है कि जेल में बैठे यंत्रों द्वारा अपने राजनीतिक आकाओं का समर्थन करने के लिए वोटरों को मैसेज भेजे जा रहे हैं साथ ही अपने तरीके से उन्हें समझाया जा रहा है कि वह किसे वोट डालें यह मामला पुलिस और प्रशासन के ध्यान में आ चुका है.
जानकारी के मुताबिक राजनीतिज्ञों और अपराधियों का गठजोड़ किसी से छुपा नहीं है. हर एक बड़े अपराधी या गैंगस्टर के पीछे किसी ना किसी तरीके से किसी ना किसी राजनीतिक पार्टी के बड़े नेताओं का सरंक्षण रहा है. पूर्व में हुए चुनावों में भी अपराधियों और गैंगस्टर का बोलबाला रहता है लेकिन इस बार विधानसभा चुनाव 2022 में माहौल बदल चुका है. बता दें कि पिछले कुछ सालों में अपराध का स्टाइल बदल चुका है.
छिटपुट अपराध या बदमाशी करने वाले लोग अब ऑर्गेनाइज्ड क्राईम मैं सेलेक्ट होकर बड़े गैंगस्टर ग्रुपों में मिल चुके हैं. यही कारण रहा कि पिछले समय में पंजाब के कई शहरों में दिनदहाड़े बड़ी वारदातें हुई खैर यह एक अलग मुद्दा है. हम बात करते हैं मौजूदा विधानसभा चुनावों के माहौल की.
फरवरी को पंजाब मतदान होने हैं इस बार चुनावों में मुकाबला काफी कड़ा है नेक टू नेक फाइट होने के कारण सभी प्रत्याशियों की सांसे अटकी हुई है. प्रत्याशियों द्वारा हर तरीके से वोटरों को लुभाने का प्रयास किया जा रहा है.
सूत्रों से पता चला है कि केंद्रीय जेल कपूरथला में बैठे गैंगस्टर द्वारा अपने चहेते राजनीतिक आकाओं के लिए प्रचार किया जा रहा है. जोड़-तोड़ की राजनीति में गैंगस्टर अपने तरीके से भूमिका निभा रहे हैं. गैंगस्टर द्वारा जेल से ही मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के जरिए वोटरों तक अप्रोच किया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक कई वोटरों तक इंटरनेट कॉलिंग के जरिए मैसेज भेजा जा रहा है कि बे क्या करें क्या ना करें.
सूत्रों के मुताबिक इस मामले की शिकायत कुछ उम्मीदवारों द्वारा पुलिस प्रशासन को की गई है साथ ही फोन नंबर लिस्ट और सोशल मीडिया अकाउंट के स्क्रीनशॉट दिए गए हैं सूत्रों से पता चला है कि इस मामले में जेल प्रशासन को भी सख्ती करने के निर्देश दिए हैं.
ये भी पता चला है कि जेल प्रशासन द्वारा कुछ गैंगस्टरों के चालान भी राज्य की दूसरी जेलों में डाले जा रहे हैं.

 

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