



Prabhat Times
जालंधर। जालंधर सेंट्रल से विधायक रमन अरोड़ा की मुश्किलें अभी कम नहीं हुई है। विजिलेंस द्वारा दर्ज क्रप्शन केस में जमानत पर चल रहे विधायक रमन अरोड़ा अब ईडी के राडार पर आ गए हैं।
विजिलेंस ब्यूरो पंजाब द्वारा द्वारा दर्ज की गई एफआईआर को आधार बना कर ईडी ने क्रप्शन केस में इनवेस्टीगेशन शुरू कर दी है।
विधायक रमन अरोड़ा को जांच में शामिल होने के लिए ईडी अधिकारियों द्वारा सम्मन कर तलब किया गया है। विधायक रमन अरोड़ा के जून के पहले हफ्ते में पूछताछ के लिए पेश होने के लिए कहा है।
बता दें कि कुछ दिन पहले ही पंजाब सरकार द्वारा विधायक रमन अरोड़ा को सुरक्षा दी गई थी। इसके पश्चात एक धार्मिक कार्यक्रम को लेकर उठे विवाद के बाद रमन अरोड़ा ने सुरक्षा वापस करने का ऐलान सोशल मीडिया पर किया था।
बता दें कि विजिलेंस ब्यूरो द्वारा 14 मई 2025 को विभिन्न धाराओं के अधीन तथा कमिश्नरेट पुलिस द्वारा थाना रामा मंडी में 23 अगस्त 2025 को केस दर्ज किया गया था।
विजिलेंस ब्यूरो द्वारा अदालत में दी गई चार्जशीट में आरोपी एटीपी सुखदेव वशिष्ठ और जालंधर नगर निगम के अन्य कर्मचारी, जालंधर शहर में विधायक रमन अरोड़ा के इशारे पर लोगों को रिश्वत की रकम ऐंठने के लिए धमकाया करते थे।
विजिलेंस ब्यूरो ने विधायक रमन अरोड़ा और सुखदेव वशिष्ठ को रिश्वतखोरी, आपराधिक षड्यंत्र, जबरन वसूली और सरकारी कर्मचारियों द्वारा अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग करने के आरोप में गिरफ्तार किया है; यह सब नगर निगम में फाइलों को मंजूरी देने के बदले किया जा रहा था।
FIR 253/2025 में, यह आरोप लगाया गया है कि श्री रमन अरोड़ा (MLA) वर्ष 2022 से ही जालंधर निवासी श्री रमेश कुमार से, उनके पार्किंग-ठेके के व्यवसाय (जिसका नाम ‘गुरु कृपा पार्किंग’ है) के संबंध में, बार-बार अवैध रूप से पैसे की मांग कर रहे थे।
इसमें आगे यह भी आरोप लगाया गया है कि उक्त MLA हर महीने 25,000/- रुपये से लेकर 30,000/- रुपये तक की रकम की मांग करते थे, और कुछ मौकों पर तो यह रकम 50,000/- रुपये तक भी पहुंच जाती थी।
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