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जालंधर। डिप्स चेन ऑफ इंस्टीट्यूशंस में बैसाखी का पावन पर्व अपनी पूरी सांस्कृतिक आभा और ऐतिहासिक गरिमा के साथ मनाया गया।

इस विशेष अवसर पर स्कूल परिसर पंजाब की जीवंत लोक कलाओं से गूँज उठा।

पीले, गुलाबी और लाल जैसे पारंपरिक रंगों में सजे नन्हे ‘डिप्सियंस’ ने ढोल की थाप पर शानदार भांगड़ा और गिद्धा प्रस्तुत कर पूरे माहौल को उत्सव के रंग में सराबोर कर दिया।

जहाँ एक ओर विद्यार्थियों ने अपनी कला से पंजाब की मिट्टी की महक बिखेरी, वहीं दूसरी ओर विशेष सभाओं के माध्यम से ‘खालसा पंथ’ की स्थापना के गौरवमयी इतिहास और ‘जलियांवाला बाग’ के शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

उत्सव को और अधिक सार्थक बनाने के लिए छात्रों को पास के खेतों का भ्रमण कराया गया, जहाँ उन्होंने सुनहरी फसलों के बीच खड़े होकर किसान की हाड़-तोड़ मेहनत और अन्न की महत्ता को करीब से समझा।

शिक्षकों ने बच्चों को 13 अप्रैल 1919 के शहीदों की गाथा और 1699 में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा ‘खालसा साजना दिवस’ के महत्व से अवगत कराया। विद्यार्थियों ने श्रद्धापूर्वक प्रार्थना सभा में भाग लिया और मानवता की सेवा का संकल्प लिया।

डिप्स संस्थान के एमडी तरविंदर सिंह ने इस अवसर पर पूरे समुदाय को बधाई देते हुए फसलों की खुशहाली के लिए अरदास की। उन्होंने किसानों को समाज का

‘हीरो’ बताते हुए उनकी मेहनत का सम्मान करने पर जोर दिया।

सीएओ रमनीक सिंह ने बच्चों को सभी ‘कम्युनिटी हेल्पर्स’ का आदर करने की प्रेरणा दी।

सीएओ जशन सिंह ने कहा कि डिप्स का निरंतर प्रयास है कि युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और गौरवशाली विरासत से जोड़कर रखा जाए।

अंत में, डिप्स संस्थान के प्रिंसिपलों ने सभी विद्यार्थियों को प्रकृति से प्रेम करने और धरती माँ को बचाने के लिए प्रेरित किया।

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