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नई दिल्ली। जुलाई 2020 के लिए कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) आधारित खुदरा महंगाई दर बढ़कर 6.93 फीसदी पहुंच गया है। जून महीने के लिए यह 6.23 फीसदी था। सरकार द्वारा जारी आंकड़े से पता चलता है कि खाद्य वस्तुओं की कीमतों में इजाफा की वजह से खुदरा महंगाई दर भी बढ़ी है।

CPI आंकड़े से पता चलता है कि जुलाई में खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर 9.62 फीसदी पर पहुंच गया है। सरकार ने जून की खुदरा महंगाई दर ​को 6.09 फीसदी से रिवाइज कर 6.23 फीसदी कर दिया है।

मार्च के अंतिम सप्ताह में लॉकडाउन के ऐलान के बाद से ही खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर (Food Inflation) में लगातार इजाफा दर्ज किया जा रहा है। जून में यह आंकड़ा 8.72 फीसदी था. सब्जियों की महंगाई दर की बात करें तो जून की तुलना में यह 1.86 फीसदी बढ़कर 11.29 फीसदी पर पहुंच गया है।

दाल व इससे संबंधित अन्य उत्पादों की महंगाई दर 6.49 फीसदी था। मीट व मछली की महंगाई दर बढ़कर 18.81 फीसदी पहुंच गया है। जून में यह 16.22 फीसदी पर था। दालों की महंगाई दर जुलाई के लिए 15.92 फीसदी रही। राष्ट्रीय सांख्यिकी संस्थान (National Statistical Organization) ने अप्रैल और मई के दौरान महंगाई दर के पूर्ण आंकड़े नहीं जारी किए थे।

RBI  के अनुमान से ज्यादा

जुलाई महीने के लिए खुदरा महंगाई दर का आंकड़े भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के अनुमान से ज्यादा है। RBI ने मध्यावधि के लिए इसे 4 फीसदी (+,- 2%) रहने का अनुमान गलाया था। द्वैमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा (MPC) बैठक में आरबीआई प्रमुख तौर पर खुदरा महंगाई दर पर है फोकस करता है।

इसी महीने की शुरुआत में एमपीसी बैठक में आरबीआई ने नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था। हालांकि, फरवरी के बाद से केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में 115 आधार अंक यानी 1.15 फीसदी तक की कमी की है। आरबीआई ने इस महीने की शुरुआत में यह जरूर कहा है कि महंगाई दर को लक्ष्य के दायरे में रखने के लिए जरूरी कदम उठाएगा।

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में भी महंगाई दर में इजाफा दर्ज की जाएगी। लेकिन इसके बाद इसमें गिरावट की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा था कि मौजूदा महामारी के बीच दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं में घरेलू महंगाई दर में तेजी दर्ज की जा रही है।