



Prabhat Times
- पहले बिजली प्लांट बेचे जा रहे थे, लेकिन हमने 540 मेगावाट गोइंदवाल थर्मल पावर प्लांट खरीदकर नया इतिहास रचा: भगवंत सिंह मान
- जब तक ‘आप’ सरकार सत्ता में है, लोगों को 24 घंटे मुफ्त बिजली मिलती रहेगी: भगवंत सिंह मान
- हमारी सरकार ने व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों सहित सभी श्रेणियों के लिए बिजली दरें घटाई हैं, जबकि पिछली सरकारों ने इनमें बढ़ोतरी की थी: भगवंत सिंह मान
- बिजली क्षेत्र को मजबूत करने के लिए हमारी सरकार ने बिजली बोर्ड में 9,593 युवाओं को नौकरी दी है और इस समय 1750 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है: भगवंत सिंह मान
चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज जोर देकर कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार के अधीन राज्य के बिजली क्षेत्र में बड़ा ढांचागत बदलाव आया है। जो विभाग कभी घाटे में चल रहा था, वह अब 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली देने के बावजूद मुनाफा कमा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने न केवल 600 यूनिट मुफ्त बिजली देकर अधिकांश परिवारों के लिए शून्य बिजली बिल सुनिश्चित किए हैं, बल्कि पिछली सरकारों द्वारा सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने की पुरानी प्रवृत्ति को बदलते हुए 540 मेगावाट गोइंदवाल थर्मल पावर प्लांट खरीदकर बिजली उपलब्धता में महत्वपूर्ण सुधार किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं सहित अन्य श्रेणियों के लिए टैरिफ कम किए गए हैं, किसानों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल रही है और नए सबस्टेशन व ट्रांसफार्मरों के माध्यम से बुनियादी ढांचे को मजबूत किया गया है। रोजगार सृजन पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि बिजली क्षेत्र में 9593 युवाओं को नौकरियां दी गई हैं और 1750 अन्य पदों पर भर्ती जारी है। पंजाब बिजली विभाग (पीएसपीसीएल) द्वारा ए+ रेटिंग प्राप्त करना और राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल करना राज्य को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने तथा लोगों को 24 घंटे मुफ्त बिजली देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आप सरकार ने हर क्षेत्र को सस्ती और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराकर नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। पहली बार लोगों को बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के लगातार बिजली आपूर्ति दी जा रही है।” उन्होंने आगे कहा, “जब हमने राज्य की बागडोर संभाली थी, तब सिंचाई के लिए केवल 22 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग हो रहा था, लेकिन अब यह बढ़कर 78 प्रतिशत हो गया है और आने वाले धान सीजन तक इसे 90 प्रतिशत तक पहुंचा दिया जाएगा।”
सिंचाई सुधारों के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “भाखड़ा नहर की क्षमता 9500 क्यूसेक है, लेकिन हमारे प्रयासों से अब किसानों को 11,000 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। यानी बिना एक इंच जमीन अधिग्रहित किए एक नई भाखड़ा नहर जैसी क्षमता तैयार कर दी गई है।” उन्होंने कहा, “पहली बार पानी की हर बूंद का हिसाब रखा जा रहा है, जिससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा बल्कि कृषि क्षेत्र को मुफ्त बिजली भी इसी तरह मिलती रहेगी।”
बिजली आपूर्ति के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा, “पहली बार किसानों को धान सीजन के दौरान आठ घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति मिली और दिन के समय 95 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की गई।” उन्होंने आगे कहा, “घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति माह 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है और लगभग 90 प्रतिशत घरों के बिजली बिल शून्य आ रहे हैं।”
रोजगार के अवसरों के बारे में जानकारी देते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, “अप्रैल 2022 से पीएसपीसीएल और पीएसटीसीएल में लगभग 9593 कर्मचारियों की भर्ती की गई है, जिसमें 8014 सीधी भर्तियां और 1579 तरस के आधार पर दी गई नौकरियां शामिल हैं।” उन्होंने आगे कहा कि पीएसपीसीएल में 1181 और पीएसटीसीएल में 569 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है, जो जून 2026 तक पूरी हो जाएगी।
रिकॉर्ड उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब ने 5 जून 2025 को 16,670 मेगावाट की अब तक की सबसे अधिक बिजली मांग को पूरा किया, जो 29 जून 2024 के 16,058 मेगावाट के पिछले रिकॉर्ड से अधिक है।” उन्होंने कहा कि जहां अधिकांश सरकारें सार्वजनिक संपत्तियों का निजीकरण कर रही हैं, वहीं पंजाब सरकार ने 1080 करोड़ रुपये में निजी थर्मल प्लांट खरीदकर नई मिसाल कायम की है।
इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “इसी क्षमता वाले नए प्लांट की लागत 4320 करोड़ रुपये होती, जिससे यह सरकार का सबसे सस्ता और लाभकारी निर्णय साबित हुआ है।” उन्होंने बताया कि पहले जीवीके थर्मल पावर प्लांट के नाम से जाना जाने वाला यह प्लांट अब श्री गुरु अमरदास जी के नाम पर रखा गया है। फरवरी 2024 में अधिग्रहण के बाद गोइंदवाल साहिब स्थित इस प्लांट के प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है—वित्त वर्ष 2024-25 में प्लांट लोड फैक्टर 34 प्रतिशत से बढ़कर 65 प्रतिशत हुआ, जुलाई 2024 में 90 प्रतिशत और जुलाई 2025 में 82 प्रतिशत तक पहुंच गया।
बुनियादी ढांचे और ईंधन आपूर्ति के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ट्रांसमिशन क्षमता 7400/8000 मेगावाट से बढ़कर 10400/10900 मेगावाट हो गई है, जिससे राष्ट्रीय ग्रिड से बिजली आपूर्ति का अनुपात बढ़ा है। पच्छवाड़ा कोयला खदान से आपूर्ति फिर शुरू हुई है और वर्ष 2024-25 में 70 लाख मीट्रिक टन कोयला सप्लाई किया गया, जिससे अक्टूबर 2022 से अब तक 1462 करोड़ रुपये की बचत हुई है।
उन्होंने कहा कि किसी भी थर्मल प्लांट में कोयले की कमी नहीं है—रोपड़ में 41 दिन, लहरा मोहब्बत में 37 दिन और गोइंदवाल साहिब में 32 दिन का स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि 206 मेगावाट का शाहपुर कंडी हाइडल प्रोजेक्ट मई 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है, जिस पर सितंबर 2025 तक 5192.51 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अगले छह वर्षों में ग्रीन एनर्जी का उपयोग 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत किया जाएगा। 2720 मेगावाट सौर ऊर्जा 2.33 से 2.97 रुपये प्रति यूनिट की दर पर जोड़ी गई है, जबकि पहले यह दर 15.20 रुपये प्रति यूनिट थी। उन्होंने बताया कि 2062 मेगावाट सौर परियोजनाएं प्रगति पर हैं, 658 मेगावाट चालू हो चुकी हैं और 581 मेगावाट रूफटॉप सोलर स्थापित किया गया है।
नेटवर्क मजबूती के बारे में उन्होंने कहा कि 26 नए 66 केवी सबस्टेशन स्थापित किए गए हैं, 194 ट्रांसफार्मर अपग्रेड किए गए हैं और 2738 एमवीए क्षमता वृद्धि तथा 337 सर्किट किलोमीटर नई लाइनों के साथ 34 नए ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं।
एक नई पहल की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के खेतों से गुजरने वाली हाई-टेंशन तारों को भूमिगत करने की योजना जल्द शुरू की जाएगी, जिसकी शुरुआत उनके पैतृक गांव से होगी, जहां 413 ट्यूबवेल और 1100 बिजली के खंभे 2000 एकड़ क्षेत्र में फैले हैं। इससे किसानों और उनकी फसलों को जोखिम से राहत मिलेगी।
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि साइबर अपराध से निपटने के लिए पंजाब पुलिस को आधुनिक बनाया जा रहा है और नशा तस्करों के साथ मिलीभगत करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बठिंडा में शिकायतों के बाद एक थाने के पुलिस कर्मचारियों का तबादला किया गया है।
किसानों की चिंताओं पर उन्होंने कहा कि हालिया मौसम के कारण गेहूं की फसल को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए विशेष गिरदावरी के आदेश दिए गए हैं और रिपोर्ट मिलने के बाद नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
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