



Prabhat Times
चंडीगढ़। फोर्टिस एस्कार्ट अस्पताल की लापरवाही का शिकार बने इंटरनेशनल बॉडी बिल्डर वरिन्द्र घुम्मण का परिवार आज भी इंसाफ के लिए भटक रहा है।
अमृतसर मे मैडिकल बोर्ड द्वारा लंबी और गहराई से जांच में सामने आई फोर्टिस एस्कार्ट अस्पताल के डाक्टरों की लापरवाही की स्पष्ट रिपोर्ट के बावजूद आरोपी डाक्टरों की अरेस्ट नहीं हो रही है।
अब इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी हस्तक्षेप किया है। पंजाब के हेल्थ विभाग द्वारा एक और मैडिकल बोर्ड गठित किए जाने पर क्षुब्ध भूपिन्द्र घुम्मण द्वारा वरिष्ठ एडवोक्ट मनदीप सचदेव के ज़रिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
एडवोकेट मनदीप सचदेव ने बताया कि अदालत ने सुनवाई के दौरान पिछले दिनों हेल्थ डिपार्टमेंट द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड की कार्रवाई पर स्टे कर दिया। इस मामले में अगली सुनवाई 19 मई को होगी।
ये है मामला
बता दें कि 9 अक्तूबर 9 अक्टूबर 2025 को अमृतसर में सर्जरी के दौरान वरिंद्र की मौत हो गई थी। परिवार ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए थे।
अमृतसर प्रशासन द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए मैडिकल बोर्ड का गठन किया। मैडिकल बोर्ड द्वारा कई माह तक गहराई से की गई जांच के पश्चात सबमिट की गई रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि अस्पताल के डाक्टरों की लापरवाही से वरिन्द्र घुम्मण की मृत्यु हुई है।
रिपोर्ट के आधार पर अमृतसर पुलिस द्वारा फोर्टिस एस्कॉर्ट अस्पताल के आर्थोपैडिक सर्जन डाक्टर तपिश शुक्ला, कंसलटेंट एनाथिसिया डाक्टर अलका तिवाड़ी, एनथिसिया डिपार्टमेंट की हेड डाक्टर राजेन्द्र कौर तथा कार्डोयलॉजडी विभाग के कंसल्टेंट डाक्टर अरूण कुमार चोपड़ा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
इस पर पिछले दिनों हेल्थ डिपार्टमेंट द्वारा एक और मेडिकल बोर्ड का गठन कर दिया। साथ में कहा कि मेडिकल बोर्ड 15 दिनोें में अपने रिपोर्ट देंगे।
आरोपी डाक्टरों को गिरफ्तार करे पुलिस
वरिन्द्र घुम्मण के भाई रब्बी बाजवा ने कहा कि फोर्टिस अस्पताल द्वारा मामले को मैनूपलेट करने की कोशिश की जा रही है। वरिष्ठ डाक्टरों पर आधारित मैडिकल बोर्ड द्वारा अपनी रिपोर्ट दी गई, लेकिन हैरानीजनक बात ये है कि अब दूसरी बार जांच क्यों?
रब्बी बाजवा ने आरोप लगाया कि कुछ प्रैशर ग्रुप आरोपी डाक्टरों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। पीड़ित परिवार ने सीएम भगवंत मान से अपील की है कि आरोपी डाक्टरों को गिरफ्तार कर परिवार को इंसाफ दिलाया जाए।
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