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  • सोनम वांगचुक शिक्षा में कोई क्रांति न ला देंइसी डर से प्रधानमंत्री उन्हें शिक्षा मंत्री नहीं बनाएंगे- केजरीवाल
  • देश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से सड़ गई हैएक क्रांतिकारी कदम ही इसे ठीक कर सकता है- केजरीवाल
  • नीट पेपर लीक के बाद 20 बच्चों ने आत्महत्या कर लीलेकिन सरकार पर कोई फर्क नहीं पड़ा- केजरीवाल
  • हर बार कमेटी बनती हैजांचएफआईआरगिरफ्तारीऔर बेल मिल जाती हैफिर पेपर लीक होता है- केजरीवाल
  • अहंकार में डूबी यह सरकार युवाओं की बात सुन लेवरना तीन साल बाद इसे भी अपना अहंकार ले डूबेगा- केजरीवाल
  • 20 जुलाई को जंतर मंतर पर ज्यादा संख्या में लोग आएं और संसद तक पैदल यात्रा को सफल बनाएं- केजरीवाल
  • लोग घरों से निकल कर जंतर मंतर आकर सोनम वांगचुक की आवाज बनें और मोदी जी को झुकने के लिए मजबूर करें- संजय सिंह
  • ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के अनशन को समर्थन देकर युवाओं को संबोधित किया

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने जंतर मंतर से शिक्षाविद् सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाने की मांग रख कर युवाओं के अंदर उम्मीद की नई किरण जगा दी है। गुरुवार को उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक से मुलाकात कर उनके संघर्ष का समर्थन किया।

उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाया जाए। लेकिन प्रधानमंत्री ऐसा करेंगे नहींक्योंकि उन्हें डर है कि कहीं सोनम वांगचुक शिक्षा में कोई क्रांति न ला दें।

देश की सड़ चुकी शिक्षा व्यवस्था को एक क्रांतिकारी कदम ही ठीक कर सकता है। इसलिए देश को सोनम वांगचुक जैसा एक क्रांतिकारी शिक्षा मंत्री के साथ ही क्रांतिकारी कदम दोनों की जरूरत है। इस दौरान सांसद संजय सिंह समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारे देश की शिक्षा प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए पूरे देश के युवा जो कॉकरोच आंदोलन के बैनर तले इकट्ठे हुए हैंमैं उन सब लोगों को सलाम करता हूं। मैं सोनम वांगचुक को सलाम करता हूं जो अपने लिए नहींबल्कि युवाओं और हमारे देश के बच्चों के लिए अपनी जान दांव पर लगाकर पिछले 19 दिन से अनशन कर रहे हैं।

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि हमारे देश में ऐसे बहुत सारे टीचर्स हैं जिन्होंने पेपर लीक के खिलाफ अपने-अपने शहर से आवाज उठाईलेकिन उनको गिरफ्तार कर लिया गया।

उन टीचर्स को तरह-तरह से टॉर्चर किया गया और उनके खिलाफ एफआईआर की गईमैं उन सब लोगों को भी सलाम करता हूं।

सोनम वांगचुक एक बहुत बड़े शिक्षाविद् हैं। उन्होंने पहले भी लद्दाख और देश के लिए कई बार अनशन किए हैं और आज उन्होंने देश के लिए अपनी जान दांव पर लगाई हुई है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब कोई बच्चा कॉम्पिटिटिव एग्जाम देने जाता है तो वह सिर्फ एक एग्जाम नहींबल्कि उसके लिए एक सपना होता है। जब वह एग्जामिनेशन हॉल में घुसता है तो उसे विश्वास होता है कि मैं अपनी मेहनत और अपनी बुद्धिमत्ता के बल पर अपना भविष्य बनाऊंगा।

मैंने भी आईआईटी के पेपर दिए थे और उसमें सफल होकर आईआईटी गया थालेकिन उन दिनों पेपर लीक नहीं होते थे। अगर उन दिनों पेपर लीक हो रहे होते तो शायद मेरा आईआईटी देने का विश्वास ही नहीं बनता। मेरे दोनों बच्चे भी आईआईटी से हैं और उनके समय पर भी पेपर लीक नहीं होते थे।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ सालों से जिस तरह से देश में पेपर लीक होने लगे हैंउससे बच्चे का वह आत्म विश्वास लड़खड़ाने लगा है कि अगर वह मेहनत करेगा और इंटेलिजेंट है तो अमीरों के बच्चों को भी पीछे छोड़ देगा। आज बच्चों का यह लड़खड़ाता हुआ आत्म विश्वास सही नहीं है और देश के लिए बहुत खतरनाक बात है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब हर साल पेपर लीक हो रहे हैं। साल 2024 में जो पेपर लीक हुआ थासरकार ने उसके मास्टरमाइंड को बेल दिला दी। अब यह एक सिस्टम बन गया है कि हर साल पेपर लीक होते हैंकमेटी बैठती हैंजांच होती हैएफआईआर होती हैगिरफ्तारी होती हैबेल हो जाती है और अगले साल के पेपर लीक होने की फिर तैयारी शुरू हो जाती है। देश का युवा और ये बच्चे इसे कब तक बर्दाश्त करेंगे?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि नीट पेपर लीक के बाद 20 से ज्यादा बच्चों ने सुसाइड कर लियालेकिन सरकार को कोई अक्ल नहीं आई। इनके कान पर जूं तक नहीं रेंगतीचाहे जितने बच्चे सुसाइड कर लें।

जो बच्चे सुसाइड कर रहे हैं वे हमारे घरों के बच्चे थेलेकिन सरकार ने कुछ नहीं किया। सीबीएसई में पूरा इवैल्यूएशन सिस्टम गड़बड़ा गयागिरफ्तार करना तो दूर की बात हैसरकार ने जिम्मेदार कंपनी के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज नहीं की।

इतने बड़े स्तर पर पूरे देश में आंदोलन चल रहा हैफिर भी सरकार ने कोई ऐसा सिस्टम में बदलाव नहीं किया जिससे अगले साल पेपर लीक न हों। अगले साल फिर पेपर लीक होंगे और हमारे बच्चे फिर मरेंगेफिर आत्महत्या करेंगे। यह सिस्टम कब बदलेगाइस सिस्टम को बदलना ही पड़ेगा।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यही जंतर-मंतर था, 4 अप्रैल 2011 का दिन था और यहीं अन्ना हजारे बैठे हुए थे। उस वक्त की सरकार को भी बड़ा अहंकार थालेकिन तीन साल के बाद वह सरकार अपने अहंकार की वजह से नहीं बची और डूब गई।

आज 2026 है और मैं सरकार को कहना चाहता हूं कि वह युवाओं के कॉकरोच आंदोलन और सोनम वांगचुक की बात सुन लेनहीं तो आज से तीन साल बाद उनका भी यही हश्र होगाजो 2014 में उस अहंकारी सरकार का हुआ था। इस सरकार को अक्ल नहीं आ रही है और ये भी बहुत ज्यादा अहंकार में डूबे हुए हैं।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को तो इस्तीफा देना ही चाहिएलेकिन सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाना चाहिए। मैं प्रधानमंत्री जी से कहना चाहता हूं कि धर्मेंद्र प्रधान को हटाओ और सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाओ।

मुझे पता है कि प्रधानमंत्री सुनने वाले नहीं हैं। प्रधानमंत्री सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री नहीं बनाएंगेक्योंकि उन्हें डर लगता है कि कहीं सोनम वांगचुक कोई क्रांतिकारी चीज न कर दे। आज शिक्षा व्यवस्था जितनी खराब हो गई हैउसे ठीक करने के लिए हमें क्रांतिकारी कदम ही चाहिए। बिना क्रांति के शिक्षा व्यवस्था ठीक नहीं होने वाली है।

इसके लिए हमें सोनम वांगचुक जैसा एक क्रांतिकारी शिक्षा मंत्री और क्रांतिकारी कदम दोनों की जरूरत है। उन्होंने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि 20 जुलाई को ज्यादा से ज्यादा संख्या में जंतर-मंतर आना है और शांतिपूर्ण संसद मार्च को सफल बनाना है।

इस दौरान “आप” के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह श्दिनकर’ की पंक्तियों ‘समर शेष हैनहीं पाप का भागी केवल व्याधजो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध’ का जिक्र करते हुए घरों में बैठे लोगों से अपील की कि वे बाहर निकलकर जंतर-मंतर पहुंचें। लोगों को सोनम वांगचुक की आवाज में आवाज मिलाकर भारत सरकार और नरेंद्र मोदी को झुकने के लिए मजबूर करना है।

संजय सिंह ने आगे कहा कि मोदी जी से बड़ा नौटंकीबाज पूरी दुनिया में कोई नहीं मिलेगा। जब देश में कोरोना आया और नोटबंदी में लोग मर गएतब वे रोने लगे। देश के प्रधानमंत्री दिन-रात सिर्फ झूठ बोलने का काम करते हैं।

इसलिए मैं यकीन दिलाकर जा रहा हूं कि 20 जुलाई से संसद के अंदर सभी साथी सांसदों से बात करके हम लोग युवाओं के लिए लड़ाई लड़ने का काम करेंगे। 20 जुलाई को सोनम वांगचुक के आह्वान पर मैं भी एक कार्यकर्ता और साथी के रूप में इस आंदोलन में शामिल होने के लिए जंतर-मंतर आऊंगा और हमारे अन्य साथी भी यहां पहुंचेंगे।

संजय सिंह ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने भरोसा दिलाया है कि हम इस आंदोलन को हर तरीके से अपना समर्थन देंगे।

हम अन्य राजनीतिक दलों और जन आंदोलनों से भी इस आंदोलन को समर्थन देने की अपील करते हैंक्योंकि सोनम वांगचुक कोई अपनी निजी लड़ाई नहीं लड़ रहे हैंबल्कि देश के करोड़ों नौजवानोंहिंदुस्तान के भविष्य और आने वाले कल की लड़ाई लड़ रहे हैं।

 

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