Prabhat Times

  • पंजाब सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एस.सी. विद्यार्थियों से 1 जुलाई 2026 से आवेदन स्वीकार करने शुरू किए
  • पारदर्शी, निर्बाध एवं जवाबदेह प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए समयबद्ध गतिविधियों का विस्तृत कार्यक्रम जारी
  •  सभी संबंधित विभागों एवं शिक्षण संस्थानों को निर्देश कि कोई भी पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित न रहे

चंडीगढ़। पंजाब सरकार द्वारा राज्य के प्रत्येक वर्ग तक उच्च शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने आज घोषणा की कि अनुसूचित जाति (एस.सी.) के विद्यार्थियों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना (शैक्षणिक सत्र 2026-27) का पोर्टल आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया गया है। योजना को अधिक पारदर्शी, आधुनिक एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से इसे नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) के माध्यम से संचालित किया जा रहा है, जो 1 जुलाई 2026 से विद्यार्थियों के लिए सक्रिय हो चुका है।

विद्यार्थी पक्षीय पहुंच पर बल देते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार का स्पष्ट मानना है कि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी के उच्च शिक्षा प्राप्त करने के सपनों में बाधा नहीं बनना चाहिए। उन्होंने राज्य के सभी पात्र अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों से अपील की कि वे इस योजना का अधिकतम लाभ उठाएं तथा अंतिम तिथि से पहले अपना आवेदन अवश्य जमा करें, ताकि वे उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकें।

योजना के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 का विस्तृत कार्यक्रम भी जारी किया गया है—

योजना प्रारंभ होने की तिथि: 1 जुलाई 2026

  • विद्यार्थियों द्वारा आवेदन करने की अंतिम तिथि:  15 नवंबर 2026

  • त्रुटिपूर्ण (Defective) आवेदनों में सुधार की अंतिम तिथि: 30 नवंबर 2026

  • संस्थान स्तर पर सत्यापन की अंतिम तिथि: 30 नवंबर 2026

  • डी.एन.ओ./एस.एन.ओ./एम.एन.ओ. स्तर पर अंतिम सत्यापन: 15 दिसंबर 2026

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यह पहल मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में “रंगला पंजाब” के निर्माण के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि समतामूलक, प्रगतिशील और शिक्षित समाज का निर्माण तभी संभव है जब प्रत्येक विद्यार्थी को समान अवसर उपलब्ध हों। अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान करना शिक्षा में समानता और सामाजिक न्याय को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देना ही नहीं, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराकर राज्य में ही रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करना भी है।

छात्रवृत्ति योजनाएं जहां आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों का वित्तीय बोझ कम करेंगी, वहीं राज्य सरकार योग्यता के आधार पर हजारों युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराकर प्रतिभाओं के पलायन (ब्रेन ड्रेन) को रोकने की दिशा में भी प्रभावी कार्य कर रही है।

योजना को जमीनी स्तर तक सफलतापूर्वक पहुंचाने के लिए डॉ. बलजीत कौर ने सभी जिला सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ गांवों एवं दूरदराज़ के इलाकों में विशेष जागरूकता शिविर आयोजित करें।

उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जानकारी के अभाव अथवा प्रक्रिया संबंधी कठिनाइयों के कारण कोई भी पात्र विद्यार्थी इस महत्वपूर्ण योजना के लाभ से वंचित न रहे।

इसके अतिरिक्त उन्होंने उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान, तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण, स्कूल शिक्षा तथा पशुपालन विभाग के निदेशकों सहित सभी संबंधित विभागों एवं उनके अधीन शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए कि वे विद्यार्थियों को आवेदन भरने, आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने तथा समय पर आवेदन जमा कराने में सक्रिय सहयोग दें।

अंत में डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “पंजाब सरकार प्रत्येक प्रतिभाशाली विद्यार्थी को उच्च शिक्षा में समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

आर्थिक कठिनाइयां किसी भी विद्यार्थी की शिक्षा में बाधा नहीं बनने दी जाएंगी। हमारी सरकार युवाओं को उनकी पूरी क्षमता विकसित करने और उनके सपनों को साकार करने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करती रहेगी।”

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