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  • 881 आम आदमी क्लीनिकों में मुफ्त दवाइयाँ और टेस्ट; ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या 4.7 करोड़ दर्ज – गुलाब चंद कटारिया
  • पंजाब सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, बुनियादी ढांचा, निवेश और जनकल्याण के प्रयासों का व्यापक विस्तार किया – गुलाब चंद कटारिया

चंडीगढ़। पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने आज राज्य सरकार की पंजाब और पंजाबियों के प्रति समर्पित भावना और ईमानदारी से सेवा करने की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि पंजाब सरकार एक गतिशील और प्रगतिशील ‘रंगला पंजाब’ के निर्माण के उद्देश्य से राज्य को विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाने के लिए समर्पित भावना के साथ कार्य कर रही है।

16वीं पंजाब विधानसभा के बारहवें बजट सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, कृषि, बुनियादी ढांचे, शासन व्यवस्था, जनकल्याण, उद्योग और सार्वजनिक सेवाओं के क्षेत्र में पंजाब सरकार द्वारा किए गए विभिन्न प्रयासों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।

सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पंजाब सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा, “पंजाब सरकार एक मजबूत, समग्र और जन-केंद्रित स्वास्थ्य व्यवस्था स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो 23 जिला अस्पतालों, 42 उप-डिवीजनल अस्पतालों, 162 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, 523 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, 881 आम आदमी क्लीनिकों और 2453 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रही है।

यह व्यवस्था राज्य के प्रत्येक नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”

उन्होंने आगे कहा, “पंजाब भर में 881 आम आदमी क्लीनिकों में 107 प्रकार की दवाइयाँ और 47 प्रकार के टेस्ट मुफ्त उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

अब तक ओपीडी में 4.7 करोड़ से अधिक लोग इन सेवाओं का लाभ उठा चुके हैं, जिनमें 1.55 करोड़ गंभीर बीमारियों के मरीज शामिल हैं।

वर्ष 2025–26 में यह संख्या दो करोड़ से भी अधिक हो चुकी है। इसके अतिरिक्त 240 नए आम आदमी क्लीनिक जल्द ही शुरू किए जाएंगे।”

राज्यपाल ने कहा, “पंजाब में आम आदमी क्लीनिकों में शुरू की गई मातृ एवं शिशु देखभाल सेवाओं ने मातृ मृत्यु दर को 105 से घटाकर 90 करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जो सुरक्षित मातृत्व के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके अलावा, इन क्लीनिकों में रेबीज विरोधी टीकाकरण सेवाएं भी शुरू की गई हैं।”

स्वास्थ्य कर्मियों की मजबूती पर जोर देते हुए राज्यपाल ने कहा, “पंजाब सरकार ने इतिहास में डॉक्टरों की अब तक की सबसे बड़ी भर्ती की है।

वर्ष 2022 से अब तक सरकारी अस्पतालों के लिए 934 डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है, जो वर्तमान में राज्य में कार्यरत कुल डॉक्टरों का लगभग 25 प्रतिशत है।”

उन्होंने आगे कहा, “पंजाब सरकार लगभग 400 विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती और सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है, जो विशेषज्ञ सेवाओं के सबसे बड़े विस्तार को दर्शाता है। इसी प्रकार 400 नर्सिंग स्टाफ की भर्ती लगभग पूरी हो चुकी है, जबकि 500 अतिरिक्त पदों की भर्ती की प्रक्रिया जारी है।”

व्यापक स्वास्थ्य कवरेज का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा, “पंजाब सरकार ने ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत राज्य की पूरी आबादी को 100 प्रतिशत स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य बीमा व्यवस्था लागू की है।

इस योजना के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों के नेटवर्क के माध्यम से 2356 मेडिकल और सर्जिकल प्रक्रियाओं के लिए प्रति परिवार प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। पंजाब और चंडीगढ़ में ऐसे अस्पतालों की संख्या लगभग 900 है।”

उन्होंने आगे कहा, “इस योजना के तहत प्रत्येक पंजाबी को कैशलेस इलाज के लिए स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किया जाएगा।”

सड़क सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं के बारे में बोलते हुए राज्यपाल ने कहा, “पंजाब सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को समय पर सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से ‘फरिश्ते’ और ‘सड़क सुरक्षा फोर्स’ की शुरुआत की है।

‘फरिश्ते’ योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों को तुरंत कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है और घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने में मदद करने वाले परोपकारी नागरिकों को 2,000 रुपये और प्रशंसा प्रमाणपत्र भी दिया जाता है। इस पहल के माध्यम से अब तक 600 से अधिक सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर सहायता मिल चुकी है।”

तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार ने पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज को शुरू करके उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की ऐतिहासिक पहल की है।

दिसंबर 2025 में पहले सफल लिवर ट्रांसप्लांट के साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के अंतर्गत लिवर ट्रांसप्लांट सेवाएं औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “मई 2026 से सरकारी मेडिकल कॉलेज पटियाला और सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर में किडनी ट्रांसप्लांट सेवाएं शुरू करने की योजना है, जो स्वास्थ्य सेवाओं में एक नया मील का पत्थर साबित होगा।”

राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा, “‘सीएम दी योगशाला’ एक अनूठी पहल है, जिसके अंतर्गत राज्य के विभिन्न शहरों में प्रतिदिन लगभग 5000 प्रशिक्षकों की निगरानी में योग कक्षाएं आयोजित की जाती हैं, जिनमें करीब 1.5 लाख लोग भाग लेते हैं।”

नशे की समस्या पर बोलते हुए राज्यपाल ने कहा, “पंजाब सरकार ने राज्य में नशे की समस्या और तस्करी से निपटने के लिए ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान शुरू किया है।”

उन्होंने आगे बताया कि इस अभियान के तहत नशा मुक्ति सेवाओं को सुलभ और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पूरे पंजाब में 548 ओओटी क्लीनिक संचालित किए जा रहे हैं।

इसके अलावा उपचार और पुनर्वास के लिए 36 सरकारी तथा 177 निजी नशा मुक्ति केंद्र, और 19 सरकारी तथा 74 निजी पुनर्वास केंद्र कार्यरत हैं।

कैदियों की देखभाल सुनिश्चित करने के लिए 19 जेलों में भी नशा मुक्ति सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने आगे कहा कि इस महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत से अब तक 10.63 लाख से अधिक मरीजों का पंजीकरण किया गया है और उन्हें नशा मुक्ति तथा पुनर्वास केंद्रों के माध्यम से उपचार प्रदान किया गया है।

कैंसर रोगियों को दी जा रही सहायता के बारे में जानकारी देते हुए राज्यपाल ने बताया कि पंजाब देश का पहला ऐसा राज्य है, जहाँ मुख्यमंत्री पंजाब कैंसर राहत कोष योजना के तहत कैंसर का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।

अब तक 957 करोड़ रुपये की राशि से 74,000 से अधिक कैंसर मरीजों को सहायता प्रदान की जा चुकी है।

आपदा प्रबंधन के संबंध में उन्होंने बताया कि हाल ही में आई बाढ़ के दौरान प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक मेडिकल कैंप और विशेष जनस्वास्थ्य अभियान चलाए गए थे।

इन अभियानों के अंतर्गत फॉगिंग, आशा वर्करों द्वारा घर-घर पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाएँ देना और दवा किटों का वितरण शामिल था।

इसके अतिरिक्त 2300 से अधिक गांवों में स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से 8 लाख से अधिक मरीजों की जांच की गई, ताकि संकट की स्थिति में समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें और बीमारियों की रोकथाम सुनिश्चित हो सके।

शिक्षा सुधारों को रेखांकित करते हुए राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने बताया कि पंजाब शिक्षा क्रांति के तहत अप्रैल 2022 से अब तक 13,765 शिक्षकों की भर्ती की जा चुकी है।

उन्होंने आगे कहा कि पांच दिवसीय नेतृत्व विकास कार्यक्रम के अंतर्गत 234 प्रिंसिपलों और शिक्षा अधिकारियों के सात बैचों को सिंगापुर, 199 हेडमास्टरों के चार बैचों को आईआईएम अहमदाबाद तथा 144 प्राथमिक कैडर शिक्षकों के दो बैचों को तुर्कू (फिनलैंड) प्रशिक्षण के लिए भेजा गया।

उन्होंने बताया कि नेशनल अचीवमेंट सर्वे-2024 में पंजाब एक अग्रणी राज्य के रूप में उभरा है।

स्कूलों में सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए लगभग 160 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

इसके साथ ही 118 सरकारी स्कूलों को अत्याधुनिक ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।

सिंचाई और कृषि के विषय में जानकारी देते हुए राज्यपाल ने कहा कि सभी किसानों तक नहरी पानी की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए पंजाब सरकार ने लगभग 787 करोड़ रुपये के निवेश से 3,443 किलोमीटर नए खालों और भूमिगत पाइपलाइनों के निर्माण की योजना बनाई है। इनमें से 2,650 किलोमीटर कार्य पहले ही पूरा हो चुका है।

उन्होंने आगे बताया कि पंजाब सरकार ने 4,557 करोड़ रुपये की लागत से 2,600 किलोमीटर नहरों की लाइनिंग का कार्य पूरा कर लिया है।

इसके परिणामस्वरूप पहली बार लगभग 1,365 स्थानों तक नहरी पानी पहुंच सका है, जिनमें से 465 स्थानों तक वर्ष 2025 में पानी पहुंचाया गया। लंबे समय से लंबित सरहिंद फीडर नहर की रीलाइनिंग परियोजना भी अब पूरी हो चुकी है।

राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने आगे बताया कि कंडी क्षेत्र के अर्ध-पर्वतीय इलाकों को पहली बार नहरी पानी उपलब्ध कराने के लिए पंजाब सरकार ने 28 नई लिफ्ट सिंचाई योजनाओं की पहचान की है, जिनमें से 15 योजनाएँ पहले ही शुरू की जा चुकी हैं।

किसानों को दी जा रही सहायता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान पंजाब सरकार ने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना द्वारा अनुशंसित बीटी कॉटन हाइब्रिड बीजों पर 33 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की है।

इसके अतिरिक्त खरीफ (सावनी) मौसम में मक्का के रकबे को बढ़ाने के लिए पठानकोट, गुरदासपुर, बठिंडा, संगरूर, जालंधर और कपूरथला जिलों में एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है, जिसके अंतर्गत किसानों को प्रति एकड़ 17,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है।

उन्होंने आगे बताया कि पंजाब सरकार ने इस वर्ष गन्ने के मूल्य में पिछले वर्ष की तुलना में 15 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की है। आगामी पेराई सत्र के लिए राज्य सरकार 416 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गन्ने का मूल्य दे रही है, जो देश में गन्ना किसानों को दी जाने वाली सबसे अधिक कीमत है।

राज्यपाल ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पंजाब सरकार ने बाढ़ प्रभावित किसानों को 33.96 करोड़ रुपये मूल्य का 84,889.7 क्विंटल गेहूं का बीज और 65.15 लाख रुपये मूल्य का 620.5 क्विंटल सरसों का बीज निःशुल्क वितरित किया है।

इसके अतिरिक्त किसानों को मुफ्त बिजली सुविधा देने के लिए वर्ष 2025-26 में 9,992 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने बताया कि पंजाब में बागवानी के टिकाऊ विकास के लिए जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी के सहयोग से 1,300 करोड़ रुपये का परियोजना प्रगति पर है, जो क्लस्टर स्तर पर एकीकृत मूल्य श्रृंखला की स्थापना और बदलते जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप बागवानी फसलों को बढ़ावा देने में सहायक होगा।

बुनियादी ढांचे के विकास पर प्रकाश डालते हुए राज्यपाल ने कहा कि पंजाब मंडी बोर्ड द्वारा 12,597 करोड़ रुपये की कुल लागत से 40,103 किलोमीटर टूटी या क्षतिग्रस्त लिंक सड़कों के उन्नयन और आधुनिकीकरण की परियोजना चल रही है।

उन्होंने आगे बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में पंजाब राज्य सहकारी कृषि विकास बैंक लिमिटेड ने 350.25 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य रखा है और 12 दिसंबर 2025 तक 220.54 करोड़ रुपये की वसूली भी कर ली गई है।

राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि वर्ष 2025-26 में रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण विभाग ने 959 प्लेसमेंट कैंपों और रोजगार मेलों के माध्यम से 48,912 युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए हैं।

खेलों के विकास के बारे में उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने वर्ष 2025-26 में खेलों के लिए 362.24 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। खेल विभाग द्वारा 10,406 खिलाड़ियों को खेल उपकरणों की खरीद के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से 12.15 करोड़ रुपये, महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 जीतने वाली खिलाड़ियों और उनके कोचों को 4.91 करोड़ रुपये, तथा अप्रैल 2023 से मार्च 2025 के बीच राष्ट्रीय चैंपियनशिप, अंतर-विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं और जूनियर-सीनियर प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 1060 खिलाड़ियों को 23.1 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है।

उन्होंने बताया कि महाराजा भूपिंदर सिंह पंजाब स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, पटियाला के लिए वर्ष 2025-26 में 15 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है तथा पंजाब भर में 3,100 खेल मैदानों के विकास के लिए 190 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

निवेश और औद्योगिक विकास पर प्रकाश डालते हुए राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि मार्च 2022 से अब तक पंजाब को 8,261 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें लगभग 1,50,817 करोड़ रुपये के निवेश और करीब 5,31,619 लोगों के लिए रोजगार की संभावना है।

उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार राज्य में निवेश को आकर्षित करने के लिए जापान, दक्षिण कोरिया और जर्मनी के विदेशी कारोबारियों के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों के कारोबारियों से सक्रिय रूप से समन्वय कर रही है। ‘उद्योग क्रांति पहल’ के हिस्से के रूप में पंजाब सरकार ने 2025 में 24 सेक्टोरल कमेटियों का गठन भी किया है।

राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने यह भी कहा कि जल आपूर्ति और स्वच्छता विभाग ने हाल ही में 606 गांवों को कवर करने वाले 15 बड़े सतही जल परियोजनाओं में से सात को चालू किया है, जिनकी लागत 519.88 करोड़ रुपये है। इससे 7.37 लाख आबादी को लाभ होगा और सभी 15 परियोजनाएं पूरी होने पर लगभग 25 लाख आबादी को लाभ पहुंचेगा।

उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने दिसंबर 2025 तक के बकाए सहित सभी बिजली सब्सिडी बकाए सफलतापूर्वक निपटा दिए हैं। पंजाब बुनियादी ढांचा विकास बोर्ड मजबूत जनता निगरानी के साथ निजी निवेश और विशेषज्ञता को एकीकृत करते हुए सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के माध्यम से प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहा है।

राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि फरवरी 2024 से जनवरी 2026 तक सड़क सुरक्षा फोर्स ने 43,983 सड़क हादसों के मामलों से निपटते हुए कुल 47,386 लोगों की मदद की। उन्होंने कहा कि इस दौरान लगभग 19,973 व्यक्तियों को मौके पर प्राथमिक सहायता प्रदान की गई, जबकि 27,413 घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जो तत्काल आपातकालीन प्रतिक्रिया के माध्यम से कीमती जानें बचाने में फोर्स के योगदान को दर्शाता है।

उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 500 अतिरिक्त वाहनों की खरीद के लिए ईआरएसएस डायल-112 वाहनों की खरीद हेतु 50 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।

सांस्कृतिक और ऐतिहासिक आयोजनों के बारे में बात करते हुए राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी पुरब को श्रद्धा के साथ मनाने के लिए अक्टूबर-नवंबर 2025 के दौरान श्रृंखलाबद्ध आयोजन करवाए गए। उन्होंने कहा कि पंजाब भर में नगर कीर्तन सजाए गए, जिनकी समाप्ति श्री आनंदपुर साहिब में हुई और श्री गुरु तेग बहादुर जी को समर्पित विधान सभा का विशेष सत्र 24 नवंबर 2025 को श्री आनंदपुर साहिब में आयोजित किया गया, जहां विधान सभा द्वारा गुरु साहिब की महान कुर्बानी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

उन्होंने आगे कहा कि आदमपुर में 140 करोड़ रुपये की लागत से नया हवाई टर्मिनल पूरा हो गया है और भारतीय वायु सेना स्टेशन हलवारा में एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने की अनुमति मिलने के बाद 161 एकड़ जमीन प्राप्त की गई है, जिसमें से 135.54 एकड़ पर हवाई अड्डा बनाया जाना है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने अंतरिम टर्मिनल इमारत को पूरा करने के लिए 50 करोड़ रुपये जारी किए हैं और जल्द ही उड़ानें शुरू करने के लिए सड़क संपर्क के लिए अतिरिक्त फंड जारी किए गए हैं।

राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि पंजाब विधान सभा ने इस हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखने का प्रस्ताव पारित किया है।

प्रशासनिक सुधारों और पारदर्शिता के बारे में बोलते हुए राज्यपाल ने कहा कि पंजाब सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 तक विजिलेंस ब्यूरो ने 20 गजेटेड अधिकारियों, 134 नॉन-गजेटेड कर्मचारियों और 44 निजी व्यक्तियों के खिलाफ 135 ट्रैप केस दर्ज किए हैं, जिन्हें अवैध रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था।

उन्होंने आगे कहा कि विजिलेंस ब्यूरो ने 23 मार्च 2022 को भ्रष्टाचार विरोधी एक्शन लाइन नंबर 95012-00200 शुरू किया और इस नंबर पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर 63 केस दर्ज किए गए हैं।

राज्यपाल ने यह भी कहा कि जीएसटी संग्रह में लगातार वृद्धि हो रही है और पंजाब ने अप्रैल-अक्टूबर 2025-26 के दौरान पिछले साल के 13,550.62 करोड़ रुपये की तुलना में 15,494.03 करोड़ रुपये एकत्र किए हैं, जो 1,943.41 करोड़ रुपये या 14.34 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने व्यापारी समुदाय को राहत प्रदान करने और लंबे समय से लंबित मुकदमेबाजी के समाधान के लिए 1 अक्टूबर 2025 से एकमुश्त निपटारा योजना 2025 अधिसूचित की है।

राज्यपाल ने कहा कि पंजाब भर में सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने के लिए पंजाब सरकार ने 2025-26 के दौरान रंगला पंजाब विकास योजना शुरू की है, जिसके तहत सभी 117 विधान सभा क्षेत्रों में स्थानीय बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक संपत्तियों का निर्माण या अपग्रेड किया जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि पंजाब ने भारत का पहला डिजिटली आधारित बाढ़ राहत प्रणाली शुरू की है, जो तेज सर्वेक्षण और मुआवजे के सीधे ऑनलाइन ट्रांसफर सुनिश्चित करते हुए हजारों बाढ़ प्रभावित परिवारों को बिना किसी देरी या दलाली के तत्काल सहायता प्रदान करने में सक्षम है।

प्रशासनिक सुधारों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब ने आरटीए और आरटीओ कार्यालयों में जनता काउंटरों पर लोगों की लंबी लाइनों की प्रथा समाप्त कर सभी 56 परिवहन सेवाओं को सेवा केंद्रों में स्थानांतरित कर दिया है, जिससे नागरिक-केंद्रित सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान हो गई है। उन्होंने कहा कि सेवाओं की डोरस्टेप डिलीवरी कार्यक्रम के तहत सेवाओं की संख्या 43 से बढ़ाकर 412 कर दी गई है।

राज्यपाल ने कहा कि खरीफ मंडीकरण सीजन 2025-26 के दौरान सरकारी खरीद एजेंसियों ने 156.11 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा और 37,294.68 करोड़ रुपये की एमएसपी राशि लगभग 7.38 लाख किसानों के बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित की।

उन्होंने आगे कहा कि रबी मंडीकरण सीजन 2025-26 के दौरान 116.17 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया और 28,171.23 करोड़ रुपये की एमएसपी राशि 7.30 लाख किसानों के बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित की गई। इसके साथ पंजाब ने केंद्रीय पूल में लगभग 40 प्रतिशत गेहूं का योगदान दिया।

उन्होंने कहा कि लगभग 40 लाख परिवार और 1.52 करोड़ लाभार्थी खाद्य वितरण प्रणाली के तहत पंजीकृत हैं और पंजाब सरकार के खाद्य कार्यक्रम के तहत मुफ्त गेहूं के लिए योग्य परिवारों को हर तिमाही 2 किलो दाल, 2 किलो चीनी, 1 किलो नमक, 1 लीटर तेल और 200 ग्राम हल्दी भी मिलेगी।

राज्यपाल ने आगे कहा कि 31 दिसंबर 2025 तक मुफ्त बस यात्रा योजना के तहत महिलाओं ने लगभग 60 करोड़ रुपये के खर्च के साथ मुफ्त यात्रा सुविधा का लाभ लिया है।

डिजिटल शासन सुधारों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने ईजी जमाबंदी पहल शुरू की है, जिससे नागरिक व्हाट्सएप के माध्यम से जमाबंदी की प्रतियां प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ ही राज्य के नागरिक इंतकाल सेवाएं, रपट एंट्री और जमीन से संबंधित अन्य सेवाएं ऑनलाइन पोर्टलों या घर बैठे सेवा सहायकों के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि ईजी रजिस्ट्री प्रोजेक्ट पंजाब भर में लागू किया गया है, जो सरल डीड फॉर्मेटों और डिजिटल संचार के माध्यम से पारदर्शी संपत्ति पंजीकरण सुनिश्चित करता है।

राज्यपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना शुरू की गई है और पंजाब सरकार ने हर साल 7.50 लाख नागरिकों को तीर्थ यात्रा की सुविधा प्रदान करने की योजना बनाई है।

उन्होंने आगे कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत लुधियाना में 809.26 करोड़ रुपये की लागत वाले 75 प्रोजेक्ट, अमृतसर में 686.51 करोड़ रुपये की लागत वाले 41 प्रोजेक्ट, जालंधर में 722.88 करोड़ रुपये की लागत वाले 58 प्रोजेक्ट और सुल्तानपुर लोधी में 33.77 करोड़ रुपये की लागत वाले आठ प्रोजेक्ट पूर्ण किए गए हैं।

राज्यपाल ने कहा कि पंजाब सरकार अनुसूचित जातियों और पिछड़ी श्रेणियों के लिए कई कल्याण योजनाएं लागू कर रही है, जिसमें अनुसूचित जातियों के छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम शामिल है। इसके तहत 2025-26 में 2.70 लाख छात्रों के लक्ष्य के मुकाबले 1.65 लाख छात्रों को 195.99 करोड़ रुपये की राशि पहले ही वितरित की जा चुकी है।

उन्होंने आगे कहा कि आशीर्वाद स्कीम के तहत 47,588 परिवारों को लाभ पहुंचाते हुए 242.70 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, जबकि पंजाब अनुसूचित जातियां भूमि विकास और वित्त निगम ने 322 लाभार्थियों को 6.85 करोड़ रुपये और पंजाब पिछड़ी श्रेणियां भूमि विकास और वित्त निगम ने स्वरोजगार योजनाओं के तहत 286 लाभार्थियों को 9.28 करोड़ रुपये वितरित किए हैं।

राज्यपाल ने आगे कहा कि अमृतसर, बठिंडा, फरीदकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, लालड़ू, लुधियाना, पटियाला, जालंधर, नंगल और रूपनगर में 11 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में अपग्रेड किया गया है।

बिजली क्षेत्र में विभिन्न सुधारों को उजागर करते हुए राज्यपाल ने कहा कि पंजाब सरकार ‘रौशन पंजाब’ पहल के तहत ग्रिड बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि पछवाड़ा से प्राप्त होने वाले अच्छी गुणवत्ता वाले कोयले ने थर्मल प्लांटों के संचालन में सुधार किया है, जिसके परिणामस्वरूप कोल इंडिया लिमिटेड के कोयले की तुलना में लगभग 380 करोड़ रुपये की बचत हुई है और पीएसपीसीएल थर्मल पावर स्टेशनों को अब कोयले की कोई कमी नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने जुलाई 2022 से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 300 यूनिट प्रति माह मुफ्त बिजली योजना लागू की है, जिससे लगभग 90 प्रतिशत परिवारों को दो महीने के बिल साइकिल में जीरो बिल आ रहा है। इसके साथ ही सभी कृषि उपभोक्ताओं को निर्विघ्न मुफ्त बिजली दी जा रही है और औद्योगिक उपभोक्ताओं को 5.837 रुपये प्रति यूनिट सब्सिडी दर पर बिजली प्रदान की जा रही है।

अपने भाषण का समापन करते हुए राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने दोहराया कि पंजाब सरकार पारदर्शी शासन, सर्वांगीण विकास और लोक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है तथा गतिशील एवं प्रगतिशील ‘रंगला पंजाब’ के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए राज्य भर में स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि, बुनियादी ढांचे, उद्योग और नागरिक सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

 

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