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जालंधर।  वाह री फगवाड़ा पुलिस! वैसे तो पुलिस के एक तरफा कार्रवाई को लेकर की किस्से सामने आते रहते हैं, लेकिन एक ताजा उदाहरण फगवाड़ा पुलिस का भी सामने आया है। एक हफ्ता पहले हवेली में पारिवारिक समारोह के दौरान विवाद हुआ।

कथित तौर पर शराब के नशे में धुत्त युवक व उसके पर्सनल बाउंसर ने मारपीट की। घायल अस्पताल पहुंचे, लेकिन इसी दौरान मारपीट करने वाले युवक के परिजन वहां पहुंचे और माफी मांगने पर लिखित समझौता हो गया।

लेकिन मामला उस समय उलट गया, जब फगवाड़ा पुलिस की विवाद में एंटरी हो गई। फगवाड़ा पुलिस ने विवाद के अगले दिन मारपीट करने वाले युवक की शिकायत पर ही बिना जांच के शहर के प्रतिष्ठित लोगों पर केस दर्ज कर दिया। जब दूसरे पक्ष ने अपनी शिकायत विद प्रूफ पुलिस को दी तो आज सात दिन बाद भी फगवाड़ा पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

जालंधर के गुरू तेग बहादर नगर निवासी आशुतोष ने बताया कि 9 फरवरी को हवेली के नूरमहल हाल में उनके कज़न अनिल खन्ना परिवार का वैवाहिक कार्यक्रम चल रहा था। स्टेज पर सभी पारिवारिक सदस्य नाच गा रहे थे।

इस गुरसिमर टक्कर व उसका पर्सन सिक्योरिटी गार्ड वहां आ गए। आशुतोष ने आरोप लगाया कि गुरसिमरत शराब के नशे में था और उसने सभी के साथ गाली गलौच, धक्कामुक्की शुरू कर दी।

उन्होने समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं टला। इस दौरान समारोह में पहुंचे गुरदीप सिंह सोंधी द्वारा पारिवारिक फंक्शन खराब कर रहे गुरसिमर को रोकने की कोशिश की तो उसने गुरदीप पर हमला कर दिया। उनके साथ मारपीट की।

घायल गुरदीप सिंह के हाथ की एक्स-रे रिपोर्ट

गुरसिमर के साथ आए प्राईवेट युवक ने अपने ईललीगल वैपन निकाल कर सभी को धमकाया। घायल होने पर गुरदीप अस्पताल में दाखिल हो गए। इसी दौरान गुरसिमरत के पिता वहां आए और माफी मांगी। जिस पर दोनो पक्षों में लिखित समझौता हो गया।

आशुतोष ने बताया कि सभी अपने घरों को चले गए। अगले दिन उन्हें पता चला कि गुरसिमरत की शिकायत पर फगवाड़ा पुलिस द्वारा गुरदीप व समारोह में आए अन्य लोगों पर केस दर्ज कर दिया।

आशुतोष ने बताया कि जब उन्हें पता चला तो उन्होने मैडीकल रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज के साथ फगवाड़ा पुलिस को शिकायत दी।

हैरानीजनक बात ये है कि गुरसिमर की शिकायत पर फगवाड़ा पुलिस ने जांच तक नहीं की और केस दर्ज कर दिया, जबकि उनकी तरफ से अधिकारियों को मिलकर शिकायत दी और मैडीकल रिपोर्ट तक दी।

आशुतोष का कहना है कि फगवाड़ा पुलिस द्वारा एक तरफा कार्रवाई की है। जबकि उनकी शिकायत पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

आशुतोष ने डीजीपी पंजाब गौरव यादव से अपील की है कि मामले की निष्पक्ष जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से करवाई जाए और न्याय दिलवाया जाए। साथ ही बिना जांच के एकतरफा केस दर्ज कर पुलिस पद का दुरपयोग करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

 

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