Prabhat Times

Jalandhar जालंधर। इस समय की बड़ी खबर जालंधर से हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 फरवरी को जालंधर आ रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी एक फरवरी को डेरा सच्चखंड बल्लां पहुंचेगे।

एक फरवरी को गुरू रविदास जी महाराज के प्रकाश पर्व पर जालंधर के डेरा बल्लां में पीएम नरेंद्र मोदी पहुचेंगे। पीएम मोदी डेरा सच्चखंड बल्लां में नतमस्तक होंगे। इसकी पुष्टि वरिष्ठ भाजपा नेता विजय सांपला ने की है।

वरिष्ठ भाजपा नेता विजय सांपला ने बताया कि गुरू रविदास जी महाराज के प्रकाश पर्व पर पीएम नरेंद्र मोदी पहुंचेगे।

संत निरंजन दास जी को पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित का किया था ऐलान

बता दें कि बीते दिन केंद्र सरकार द्वारा संत निरंजन दास जी महाराज को पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित करने का ऐलान किया गया था।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर केंद्र सरकार ने संत निरंजन दास महाराज को समाज सेवा, शिक्षा और सेहत के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए पद्मश्री सम्मान देने की घोषणा की ।

दुनियाभर में फैले रविदासिया समुदाय के आध्यात्मिक मार्गदर्शक के रूप में उन्होंने वंचित वर्गों के उत्थान और मानवता की सेवा के लिए अनेक अस्पताल व शिक्षण संस्थान चलाए हैं, जिस कारण इस प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान की घोषणा से पंजाब और उनके अनुयायियों में खुशी का माहौल है।

पद्मश्री की घोषणा के बाद BJP लीडरशिप ने संत निरंजन दास को बधाई दी। इनमें विजय सांपला, मनोरंजन कालिया, सुशील कुमार रिंकू और अन्य नेता शामिल रहे।

लोगों को मुफ्त सेहत सेवा दे रहा डेरा बल्लां- संत निरंजन दास के नेतृत्व में डेरा बल्ला’ संत सरवन दास चैरिटेबल हॉस्पिटल’ चला रहा है। इसके माध्यम से लाखों गरीब और जरूरतमंद लोगों को मुफ्त और बेहद किफायती दरों पर आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है।

शिक्षा के लिए स्कूल और कॉलेज बनवाए- डेरा बल्लां की तरफ से समाज के पिछड़े और वंचित वर्गों के बच्चों के लिए स्कूल और शिक्षण संस्थान स्थापित किए, ताकि वे उच्च शिक्षा प्राप्त कर मुख्यधारा से जुड़ सकें।

वंचितों के उत्थान के लिए काम- उन्होंने रविदासिया समाज और दलित समुदाय के अधिकारों, सम्मान और आत्म-सम्मान के लिए वैश्विक स्तर पर काम किया, जिससे समाज में समानता को बढ़ावा मिला।

मानवता की सेवा के साथ भाईचारा बनाए रखा- डेरा बल्लां के माध्यम से उन्होंने धर्म और जाति से ऊपर उठकर मानवता की सेवा का संदेश दिया और समाज में आपसी प्रेम व सांप्रदायिक सद्भाव को मजबूत किया।

आयुर्वेद विश्वविद्यालय बनवाने में भूमिका- उन्होंने प्राचीन चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने के लिए ‘गुरु रविदास आयुर्वेद विश्वविद्यालय’ जैसे प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे पारंपरिक ज्ञान को नई पहचान मिली।

 

——————————————————-

ये भी पढ़ें

————————————–

Whatsapp ग्रुप से जुड़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें

Join Whatsapp Link for Latest News

प्रभात टाइम्स व्हाटसएप्प चैनल जॉइन करें।

Join Prabhat Times Whatsapp Channel