Prabhat Times
- कर चोरी के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस: पंजाब आबकारी एवं कर विभाग द्वारा राज्यभर में छापेमारी के दौरान 152 वाहन जब्त: हरपाल सिंह चीमा
- राजस्व के नुकसान को जड़ से रोकने के लिए औद्योगिक मार्गों पर रहेगी पैनी नजर: हरपाल सिंह चीमा
- पिछले सप्ताह के अभियान के दौरान 91 वाहनों से 3.25 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला, बाकी मामलों की जांच जारी: हरपाल सिंह चीमा
चंडीगढ़। कर चोरों पर शिकंजा कसते हुए पंजाब के आबकारी एवं कर विभाग ने एक बार फिर कड़ी कार्रवाई करते हुए 4.5 करोड़ रुपये के उच्च मूल्य के सामान से लदे 152 वाहनों को काबू किया है।
यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में इसकी जानकारी देते हुए पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी एवं कर मंत्री एडवोकेट हरपाल चीमा ने कहा, “राज्यभर में की गई इस व्यापक छापेमारी के दौरान मंडी गोबिंदगढ़ और खन्ना के व्यस्त औद्योगिक मार्गों पर पैनी नजर रखी गई, जो राजस्व के नुकसान के प्रति कड़े और जीरो-टॉलरेंस दृष्टिकोण का संकेत है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार यहीं नहीं रुक रही और यह ताजा कार्रवाई पिछले सप्ताह चलाए गए उस बड़े अभियान के तुरंत बाद की गई है, जिसमें जीएसटी नियमों का उल्लंघन करने वाले 170 वाणिज्यिक वाहनों को रोका गया था।
पिछले अभियान पर प्रकाश डालते हुए वित्त मंत्री चीमा ने कहा, “विभाग पहले ही चोरी पकड़ने से लेकर कार्रवाई करने तक तेजी से आगे बढ़ा है।
इनमें से 91 वाहनों की गहन जांच पूरी होने के साथ ही सरकारी खजाने में 3.25 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना सफलतापूर्वक वसूल किया जा चुका है।
बाकी मामलों की फिलहाल गहन जांच की जा रही है और उन्हें कानूनी रूप से उचित निष्कर्ष तक तेजी से पहुंचाया जा रहा है।”
वित्त मंत्री चीमा ने कहा, “3.25 करोड़ रुपये की यह त्वरित वसूली इस बात का ठोस प्रमाण है कि हमारी प्रवर्तन टीमें पूरी गंभीरता से काम कर रही हैं और अपने अभियानों को ठोस कार्रवाई के साथ पूरा कर रही हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि विभाग यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा कि सामान का परिवहन पूरी तरह नियमों के अनुसार हो।
ताजा कार्रवाई का विवरण देते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “नए जब्त किए गए 152 वाहनों के काफिले में मुख्य रूप से लोहे का स्क्रैप और तैयार स्टील का सामान ले जाया जा रहा था।
कर अधिकारी फिलहाल किसी भी तरह की हेराफेरी का पता लगाने के लिए इनवॉइस, ई-वे बिल और ट्रांजिट दस्तावेजों की गहन जांच कर रहे हैं।
जहां भी अनियमितताएं या जानबूझकर किए गए उल्लंघन सामने आएंगे, वहां दोषियों पर बिना किसी देरी के बनता कर और भारी जुर्माना लगाया जाएगा।”
वित्त मंत्री चीमा ने कहा, “पंजाबभर के अन्य उच्च जोखिम वाले मार्गों के साथ-साथ मंडी गोबिंदगढ़ और खन्ना पर ध्यान केंद्रित करके सरकार का उद्देश्य राजस्व के नुकसान को जड़ से रोकना है।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल एक बार की कार्रवाई नहीं है, बल्कि एक निरंतर और लगातार चलने वाला अभियान है।
उन्होंने कहा कि अंतिम लक्ष्य स्वैच्छिक अनुपालन को प्रोत्साहित करना, ईमानदार करदाताओं के हितों की रक्षा करना और नियमों का पालन करने वाले कारोबारों के लिए सही मायनों में समान अवसर वाला माहौल सुनिश्चित करना है।
सरकार की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास करने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए वित्त मंत्री चीमा ने दोहराया कि राज्य के हिस्से का एक-एक रुपया पंजाब के विकास और जनकल्याण के लिए महत्वपूर्ण है
उन्होंने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा, “कानून की नजरों से बच निकलने का प्रयास करने वाले हर व्यक्ति को पकड़ा जाएगा और उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
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