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नई दिल्ली। Petrol-Diesel-CNG Price Hike: आम आदमी की जेब पर एक के बाद एक वार हो रहा है. महंगाई की मार से परेशान लोगों को लगातार झटके लग रहे हैं.

परसों दूध महंगा हुआ, उसके ठीक बाद मुंबई में CNG के दाम बढ़ गए और अब पेट्रोल-डीजल के रेट भी बढ़ गए हैं.

महज 48 घंटे में तीन बड़े झटके लगने से घरेलू बजट बिगड़ गया है. आज पेट्रोल-डीजल के दाम में करीब 3 रुपए की बढ़ोतरी हुई है.

इससे रसोई, सफर और रोजमर्रा की जरूरतों पर सीधा असर पड़ रहा है.

पेट्रोल-डीजल 3 रुपये प्रति लीटर तो सीएनजी 2 रुपए प्रति लीटर हुई महंगी.

Petrol-Diesel-CNG Price Hike: पश्चिम एशिया संकट के बीच जिसका डर था वो हो गया. महंगाई डायन ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है. आम आदमी पर दूध के बाद अब सीएनजी और पेट्रोल-डीजल वाली महंगाई की मार पड़ी है.

जी हां, ईंधन संकट की आहट के बीच अब पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की कीमतों में बड़ा इज़ाफा हो गया है. जिस बात को लेकर आशंका जताई जा रही थी, वह शुक्रवार को सच हो गया. पेट्रोल-डीजल के दाम में करीब तीन रुपए से अधिक की बढ़ोतरी हो गई है.

वहीं, सीएनजी के दाम भी बढ़ गए हैं. जी हां, महंगाई से जूझ रहे आम आदमी को पिछले 48 घंटे में एक के बाद एक तीन बड़े झटके लगे हैं. पहले दूध के दाम बढ़े, फिर मुंबई में CNG महंगी हुई और अब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो गई है.

इतना ही नहीं, अब देशभर में भी सीएनजी के दाम में दो रुपए की बढ़ोतरी हो गई है. लगातार बढ़ती कीमतों ने घर के बजट पर नया दबाव डाल दिया है.  रसोई से लेकर सफर तक हर चीज महंगी होती नजर आ रही है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है.

सबसे पहले जानते हैं कि आज पेट्रोल-डीजल कितना महंगा हुआ है. दरअसल, देशभर में पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. पेट्रोल ₹3.14 प्रति लीटर महंगा होकर ₹97.77 तक पहुंच गया है, जबकि डीजल ₹3.11 प्रति लीटर बढ़कर ₹90.67 हो गया है. नई कीमतें इस प्रकार हैं:

नियमित पेट्रोल: ₹94.77 से ₹97.91 प्रति लीटर

प्रीमियम पेट्रोल: ₹102–104 से ₹105.14–107.14 प्रति लीटर

नियमित डीजल: ₹87.67 से ₹90.78 प्रति लीटर

ईरान जंग की वजह से महंगाई की मार

ईरान जंग का असर पूरी दुनिया में दिख रहा है. भारत में महंगाई भी उसी का असर है. सबसे पहले परसों यानी बुधवार को दूध महंगा हुआ था. उसके ठीक बाद कल यानी गुरुवार को मुंबई में CNG के दाम बढ़ गए. अब आज यानी शुक्रवार को पेट्रोल-डीजल के रेट भी बढ़ गए हैं.

इस तरह महज 48 घंटे में तीन बड़े झटके लगने से घरेलू बजट बिगड़ गया है. पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ेंगे, इसकी आशंका जताई जा रही थी. खुद सरकार भी इसे मान रही थी. तभी तो पीएम मोदी ने पेट्रोल-डीजल बचाने की लोगों से अपील की थी. वह खुद भी कम गाड़ियों वाले काफिले से चल रहे हैं. ऐसे में अब आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ना तय है.

पहला झटका: सबसे पहले दूध कंपनियों ने कीमतों में इजाफा किया.  अमूल, मदर डेयरी समेत कई बड़े ब्रांड्स ने दूध के दाम प्रति लीटर 2 रुपये तक बढ़ा दिए हैं.  कंपनियों का कहना है कि पशुओं के चारे, ट्रांसपोर्ट और उत्पादन लागत बढ़ने की वजह से यह फैसला लेना पड़ा. लेकिन इसका सीधा असर आम परिवारों पर पड़ रहा है. दूध हर घर की जरूरत है और इसकी कीमत बढ़ने से चाय, दही, घी और मिठाई जैसी चीजें भी महंगी हो सकती हैं.

दूसरा झटका: दूध की कीमत बढ़ने के बाद अब CNG के दाम भी बढ़ा दिए गए. पहले मुंबई में सीएनजी महंगी हुई, अब देशभर में हो गई है. एमजीएल यानी मुंबई गैस लिमिटेड ने CNG कीमत 2 रुपये बढ़ाकर 84 रुपये किलो कर दी. अब तो देश में 2 रुपए किलो सीएनजी महंगी हो गई. इसके बाद CNG से चलने वाले ऑटो, टैक्सी और निजी वाहनों का खर्च बढ़ गया है. माना जा रहा है कि इसका असर जल्द ही लोकल ट्रांसपोर्ट के किराए पर भी दिख सकता है. रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए यह बढ़ोतरी परेशानी बढ़ाने वाली है.

तीसरा झटका और सबसे तगड़ा झटका: इसी बीच अब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है. तेल कंपनियों की ओर से जारी नई कीमतों के बाद कई शहरों में पेट्रोल और डीजल महंगे हो गए हैं. पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का असर सिर्फ वाहन चलाने वालों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर हर चीज पर पड़ता है. ट्रांसपोर्ट महंगा होने से सब्जियों, राशन और रोजमर्रा के सामान की कीमतें भी बढ़ सकती हैं.

अभी बाकी है चिंता

हालांकि, पेट्रोल-डीजल के दाम में अभी और बढ़ोतरी होने की आशंका है. कारण कि पश्चिम एशिया और होर्मुज का संकट टला नहीं है. अगर पश्चिम एशिया में स्थिति ऐसी ही रही तो आगे और बढ़ोतरी हो सकती है. पेट्रोल-डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट का खर्चा बढ़ेगा, जिससे सब्जी, फल, अनाज जैसी रोजमर्रा की चीजें भी महंगी हो जाएंगी. डीजल पर निर्भर ट्रक, बस और ट्रैक्टर प्रभावित होंगे. बढ़ती महंगाई खासतौर पर मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह स्थिति मुश्किल पैदा कर रही है.

क्या है बढ़ोतरी की वजह?

सरकार और कंपनियों की ओर से बढ़ी कीमतों के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार, कच्चे तेल की कीमत और बढ़ती लागत को वजह बताया जा रहा है. तेल कंपनियां पश्चिम एशिया संकट के कारण घाटे में चल रही है. होर्मुज बंद होने से सप्लाई चेन प्रभावित हो गया है. इस वजह से दाम बढ़े हैं. लेकिन आम लोगों के लिए इससे राहत की कोई खबर फिलहाल नजर नहीं आ रही. अब लोगों के मन में सवाल है कि क्या अब एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ेंगे?

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