Prabhat Times

जालंधर। सेंट सोल्जर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने अपने शिक्षकों के व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक समृद्ध एवं ज्ञानवर्धक फैकल्टी डेवलपमेंट सेमिनार का आयोजन किया।

यह सेमिनार होटल डेज़, ज्योति चौक, जालंधर में आयोजित किया गया, जिसमें संस्थान के विभिन्न परिसरों से आए शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस सत्र का संचालन प्रसिद्ध रिसोर्स पर्सन डॉ. पंकज धमीजा ने किया, जिन्होंने प्रभावी शिक्षण पद्धतियों, व्यक्तित्व विकास तथा कार्यस्थल पर उत्कृष्टता से संबंधित महत्वपूर्ण विचार साझा किए।

सेमिनार में प्रबंध निदेशक श्री एस. आर. शर्मा, सेंट सोल्जर एलीट स्कूल, जालंधर विहार की प्रिंसिपल श्रीमती रितु चावला तथा विभिन्न स्कूल शाखाओं के स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. धमीजा ने “खुश शिक्षक ही खुशहाल कक्षा का निर्माण करता है” विषय पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने कहा कि शिक्षक का सकारात्मक दृष्टिकोण, भावनात्मक संतुलन और उत्साह विद्यार्थियों के सीखने के अनुभवों को गहराई से प्रभावित करता है।

उन्होंने शिक्षकों को संतुलित और आशावादी सोच बनाए रखने के लिए प्रेरित किया, जिससे कक्षा का वातावरण अधिक उत्पादक, आकर्षक और प्रेरणादायक बन सके।

सेमिनार में झिझक और आत्म-संदेह को दूर करने पर भी विशेष चर्चा की गई। शिक्षकों को आत्मविश्वास विकसित करने, चुनौतियों को स्वीकार करने और प्रभावी संवाद कौशल अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

टीमवर्क के महत्व पर बल देते हुए डॉ. धमीजा ने फैकल्टी सदस्यों से एक-दूसरे का सहयोग करने तथा सहयोगात्मक कार्य संस्कृति विकसित करने का आह्वान किया, जो संस्थान की प्रगति और सफलता में महत्वपूर्ण योगदान देती है।

सत्र के दौरान “अपने घर (मन) को साफ करें और अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करें” विषय पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

प्रतिभागियों को नकारात्मक विचारों को दूर करने, मानसिक स्पष्टता बनाए रखने और अपने व्यावसायिक एवं व्यक्तिगत उद्देश्यों पर केंद्रित रहने के महत्व के बारे में मार्गदर्शन दिया गया।

साथ ही कार्यभार के प्रभावी प्रबंधन, वित्तीय चुनौतियों का समझदारी से सामना करने तथा स्वस्थ कार्य-जीवन संतुलन बनाए रखने संबंधी व्यावहारिक सुझाव भी साझा किए गए।

यह सेमिनार अत्यंत संवादात्मक एवं लाभदायक सिद्ध हुआ, जिसने प्रतिभागियों को कक्षा के भीतर और बाहर अपनी प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए व्यावहारिक उपकरण और रणनीतियाँ प्रदान कीं।

फैकल्टी सदस्यों ने सत्र के दौरान साझा किए गए प्रेरणादायक मार्गदर्शन और विचारोत्तेजक चर्चाओं की सराहना की।

इस अवसर पर चेयरपर्सन श्रीमती संगीता चोपड़ा ने कहा कि शिक्षक किसी भी शैक्षणिक संस्थान की रीढ़ होते हैं और उनका समर्पण विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उन्होंने शिक्षकों के सतत व्यावसायिक विकास और कल्याण के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि सशक्त शिक्षक ही शैक्षणिक उत्कृष्टता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

—————————————————————————-

————————————–

Whatsapp ग्रुप से जुड़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें

Join Whatsapp Link for Latest News

प्रभात टाइम्स व्हाटसएप्प चैनल जॉइन करें।

Join Prabhat Times Whatsapp Channel