Prabhat Times

New Delhi नई दिल्ली। नितिन नबीन निर्विरोध भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए हैं। उनके समर्थन में 37 नामांकन दाखिल हुए।

पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन ने सोमवार को नामांकन दाखिल किया. इस अवसर पर बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह के अलावा कई केंद्रीय मंत्रियों और कई राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद थे.

अध्यक्ष चुनाव के निर्वाचन अधिकारी के लक्ष्मण के मुताबिक नितिन नवीन को बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने के पक्ष में 37 नामांकन पत्र दाखिल किए गए हैं.

वो बीजेपी के 12वें और सबसे युवा अध्यक्ष हैं. उनका कार्यकाल तीन साल के लिए होगा. बीजेपी अध्यक्ष पद के साथ-साथ नबीन को चुनौतियां भी काफी बड़े आकार की मिलेंगी.

इनमें शामिल हैं कई राज्यों में होने वाला विधानसभा चुनाव, 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारी, महिला आरक्षण और जाति जनगणना से पैदा होने वाली चुनौतियां. ये वो चुनौतियां हैं जो देश की राजनीति को नया आकार देंगी.

कौन हैं बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन?

सियासी परिवार से संबंध रखने वाले नितिन नबीन के पिता नबीन किशोर प्रसाद सिन्हा बीजेपी के बड़े नेता थे। वह पटना वेस्ट विधानसभा सीट से चार बार बिहार विधानसभा के लिए चुने गए।

नितिन नबीन का जन्म 23 मई 1980 को रांची में हुआ था। उन्होंने साल 1996 में पटना के एक CBSE स्कूल से दसवीं की पढ़ाई की और फिर आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली आगे गए। उन्होंने दिल्ली के एक स्कूल से 1998 में 12वीं पास की।

बीजेपी का चौकाने वाला फैसला

बीजेपी ने नितिन नबीन को दिसंबर में पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर सबको चौका दिया था. पांच बार के विधायक नबीन के पास इससे पहले सबसे बड़ा पद भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव का मिला था.

इस जिम्मेदारी को निभाते हुए नबीन ने अपनी कार्यकुशलता की छाप छोड़ी थी. इसके बाद नबीन को छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए सहप्रभारी नियुक्त किया गया था.

कहा जाता है कि प्रचार अभियान और चुनाव प्रबंधन की रणनीति बनाने में नबीन का अहम योगदान था. इसी की बदौलत बीजेपी कांग्रेस को हरा पाने में कामयाब हो पाई थी.

कहा जाता है कि इसी कामयाबी का फल पार्टी आलाकमान ने नबीन को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर दिया.

बीजेपी आलाकमान के इस फैसले ने सबको चौंकाया था. बीजेपी का अध्यक्ष बनने वाले नबीन बिहार के पहले नेता हैं. वो बीजेपी के पहले कायस्थ अध्यक्ष भी होंगे.

पांच राज्यों के चुनाव में बीजेपी

नबीन ऐसे समय अध्यक्ष बन रहे हैं जब पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु,पुडुचेरी, केरल और असम में विधानसभा के चुनाव होने हैं.

इनमें से पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल ऐसे राज्य हैं, जहां बीजेपी आज तक सरकार नहीं बना पाई है.

वहीं बीजेपी के सामने असम में तीसरी बार और पुडुचेरी में दूसरी बार सरकार बनाने की चुनौती है. ये चुनावी राज्य बीजेपी के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं,

इसे इस तरह समझ सकते हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी पिछले साल जुलाई से अब तक पश्चिम बंगाल का चार बार, असम का तीन और तमिलनाड का दो बार दौरा कर चुके हैं.

असम में बीजेपी को कांग्रेस से तगड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. उसने बीजेपी को सत्ता से हटाने के लिए आठ दलों का गठबंधन बनाया है.

बीजेपी ने असम में 126 सीटों वाली विधानसभा में 100 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है.

वहीं अगर पश्चिम बंगाल की बात करें तो राज्य में पिछले तीन बार से ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस की सरकार है.

अगर इस तृणमूल फिर जीत जाती है तो ममता बनर्जी चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी. लगातार चार बार सीएम बनने वाली वो देश की पहली नेता होंगी.

——————————————————-

ये भी पढ़ें

————————————–

Whatsapp ग्रुप से जुड़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें

Join Whatsapp Link for Latest News

प्रभात टाइम्स व्हाटसएप्प चैनल जॉइन करें।

Join Prabhat Times Whatsapp Channel