



Prabhat Times
- “मैं इस उपचार के लिए अत्यंत आभारी हूं। जब मुझे पता चला कि मेरे इलाज का पूरा खर्च मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत वहन किया जाएगा, तो ऐसा लगा मानो मेरे सिर से बहुत बड़ा बोझ उतर गया हो।” — मोहम्मद जुल्फिकार, लाभार्थी
- “मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को अत्याधुनिक शल्य चिकित्सा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।” — डॉ. बलबीर सिंह
चंडीगढ़। एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना के बाद मोहाली के नाई मोहम्मद जुल्फिकार को यह लगने लगा था कि अब वे अपनी आजीविका का एकमात्र सहारा खो देंगे।
घुटने में गंभीर चोट के उपचार का खर्च उठाना उनके लिए संभव नहीं था और वे अपने परिवार के भविष्य को लेकर गहरी चिंता में थे।
लेकिन भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना ने उनके जीवन में नई आशा का संचार किया।
योजना के अंतर्गत उनका घुटने का निःशुल्क ऑपरेशन हुआ और अब वे दोबारा अपने काम पर लौटने की तैयारी कर रहे हैं।
हर सुबह जब अधिकांश लोग अपने दिन की शुरुआत भी नहीं करते, तब मोहम्मद जुल्फिकार अपनी छोटी-सी नाई की दुकान खोलकर ग्राहकों का इंतजार करते हैं।
वर्षों से वे केवल बाल काटने वाले नाई ही नहीं, बल्कि अपने ग्राहकों के विश्वसनीय साथी भी रहे हैं।
लोग उनके पास बाल कटवाने के साथ-साथ आत्मीय बातचीत के लिए भी आते हैं। लेकिन कुछ समय पहले एक सड़क दुर्घटना ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी।
एक दिन वे मोटरसाइकिल से जा रहे थे कि अचानक सड़क पर एक गाय आ गई। उसे बचाने के प्रयास में उनका संतुलन बिगड़ गया और वे सड़क पर गिर पड़े।
उनकी एक टांग मोटरसाइकिल के नीचे फंस गई और इंजन चालू रहने के कारण वे कई मीटर तक सड़क पर घिसटते रहे।
एक घुटने पर मामूली चोटें आईं, जबकि दूसरे घुटने में गंभीर चोट लग गई, जिससे चलना-फिरना भी कठिन हो गया।
उनका पेशा लंबे समय तक खड़े रहकर काम करने की मांग करता है। दुर्घटना के बाद एक ग्राहक के बाल काटने के लिए भी खड़े रहना उनके लिए मुश्किल हो गया।
उन्हें यह भय सताने लगा कि यदि वे लंबे समय तक काम नहीं कर पाए तो परिवार का पालन-पोषण कैसे होगा।
जुल्फिकार ने कहा, “मैं हर दिन दर्द से जूझ रहा था। बार-बार यही सोचता था कि यदि मैं ठीक से खड़ा ही नहीं हो सका तो काम कैसे करूंगा, और यदि काम नहीं कर पाया तो परिवार का गुजारा कैसे चलेगा?”
ऑपरेशन का खर्च उनकी चिंता को और बढ़ा रहा था। उपचार काफी महंगा था और इतनी बड़ी राशि जुटाना उनके लिए लगभग असंभव था।
अन्य मेहनतकश परिवारों की तरह उन्हें भी डर था कि या तो कर्ज लेना पड़ेगा या फिर इलाज टालना पड़ेगा।
उन्होंने बताया, “मैं बहुत परेशान था। दर्द तो था ही, लेकिन ऑपरेशन का खर्च उससे भी ज्यादा डराने वाला था। समझ नहीं आ रहा था कि इतने पैसे कहां से आएंगे।
इसी दौरान उन्हें पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के बारे में जानकारी मिली। मोहाली के जिला अस्पताल में उनका एंटीरियर आर्थ्रोस्कोपिक मेनिस्कस रिपेयर/मेनिसेक्टॉमी ऑपरेशन किया गया।
इस उपचार पर कुल 53,455 रुपये का खर्च आया, जिसे योजना के अंतर्गत पूरी तरह वहन किया गया। इससे उन्हें बिना किसी आर्थिक चिंता के आवश्यक उपचार मिल सका।
उन्होंने कहा, “जब मुझे पता चला कि मेरे इलाज का पूरा खर्च योजना के तहत कवर होगा, तो ऐसा लगा जैसे मेरे सिर से बहुत बड़ा बोझ उतर गया हो। कई महीनों बाद पहली बार मुझे उम्मीद की एक नई किरण दिखाई दी।”
ऑपरेशन के बाद जुल्फिकार तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं और जल्द ही अपनी दुकान पर लौटकर पहले की तरह मुस्कुराहट और समर्पण के साथ ग्राहकों की सेवा करने की उम्मीद कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “यह सोचकर ही बहुत खुशी होती है कि मैं फिर से अपने काम पर लौट सकूंगा। बाल काटना केवल मेरा पेशा नहीं है, बल्कि मेरे परिवार की आजीविका का आधार और लोगों से जुड़ने का माध्यम भी है। मैं इस अवसर के लिए पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना का दिल से आभारी हूं।”
जुल्फिकार के लिए यह ऑपरेशन केवल घुटने का इलाज नहीं था, बल्कि उनके आत्मविश्वास की वापसी, परिवार की आर्थिक सुरक्षा और जीवन को नई दिशा देने का माध्यम भी बना।
जो दुर्घटना उनके करियर का अंत साबित हो सकती थी, वही अब उनके जीवन में एक नई शुरुआत का कारण बन गई है।
उनकी कहानी इस बात का सशक्त उदाहरण है कि समय पर उपलब्ध गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी व्यक्ति का जीवन बदल सकती हैं।
स्टेट हेल्थ एजेंसी, पंजाब के आंकड़ों के अनुसार, रिपोर्टिंग अवधि के दौरान मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत 53.38 लाख रुपये की लागत से 190 ऑर्थोपेडिक प्रक्रियाएं संपन्न की गईं।
इनमें ओपन रिडक्शन इंटरनल फिक्सेशन (ओआरआईएफ) की 79 सर्जरियां शामिल थीं, जो कुल ऑर्थोपेडिक प्रक्रियाओं का 41.6 प्रतिशत हैं।
इन फ्रैक्चर फिक्सेशन सर्जरियों पर 16.75 लाख रुपये व्यय किए गए, जो कुल खर्च का लगभग 31.4 प्रतिशत है। प्रति मरीज औसत पैकेज लागत 21,209 रुपये रही।
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत फ्रैक्चर संबंधी सर्जरियां ऑर्थोपेडिक उपचार की सबसे बड़ी श्रेणी के रूप में सामने आई हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने नागरिकों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने, कार्यस्थलों और खेल गतिविधियों के दौरान सुरक्षा उपाय अपनाने तथा बुजुर्गों को गिरने से बचाने के लिए विशेष सावधानी बरतने की अपील की।
उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को अब अत्याधुनिक शल्य चिकित्सा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है, लेकिन जागरूकता और सुरक्षा उपायों के माध्यम से अनेक गंभीर चोटों को पहले ही रोका जा सकता है।”
उन्होंने वाहन चालकों से हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने, श्रमिकों से सुरक्षा उपकरण पहनने, खिलाड़ियों से सुरक्षा मानकों का पालन करने तथा वरिष्ठ नागरिकों एवं उनके परिवारों से घरों में गिरने की घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाने का आग्रह किया।
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