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  • बजट में महिलाओं के लिए खास व्यवस्था की गई है, अब उन्हें हर काम के लिए घर के मुखिया से पैसे नहीं मांगने पड़ेंगे- भगवंत मान
  • पिछली सरकारें हमेशा खजाना खाली होने का रोना रोती थी, ‘‘आप’’ सरकार ने कभी नहीं कहा कि खजाना खाली है- भगवंत मान
  • पंजाब का असल मुद्दा नशा, गरीबी, महंगाई और बेरोजगरी है, जिसका सरकार समाधान कर रही है- भगवंत मान
  • अगर अकाली दल ने पंजाब में काम किया होता तो 10 साल से सत्ता से बाहर नहीं होती- भगवंत मान
  • अकाली, कांग्रेस और भाजपा वाले मिले हुए हैं, बारी-बार से ये पंजाब को लूट कर खा गए- भगवंत मान
  • अकालियों ने पंजाब को नशे में डूबोया और बेअदबी की, इन लोगों का कोई ईमान धर्म नहीं है- भगवंत मान
  • देश में एकमात्र पंजाब सरकार है जो न सिर्फ बिजली फ्री दे रही है, बल्कि बिजली सस्ती भी कर दी है- भगवंत मान
  • सरकार 10 लाख रुपए तक के इलाज का पूरा खर्च उठाएगी, पंजाब के लोग विपक्ष के बहकावे में न आएं- भगवंत मान
  • विपक्ष के पास पंजाब के विकास से जुड़ा कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए विधानसभा में हंगामा करके भाग जाता है- भगवंत मान

खेमकरण। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की है कि पंजाब में महिलाओं को जल्द ही हर महीने 1,000 रुपये मिलेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले बजट में महिलाओं को वित्तीय स्वतंत्रता प्रदान करने के लिए यह प्रावधान किया गया है, ताकि उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के लिए घर के मुखिया से पैसे न मांगने पड़ें।

खेमकरण में 137 करोड़ रुपये के ग्रामीण लिंक सड़क प्रोजेक्ट का शिलान्यास करने के बाद बोलते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार लोगों के सामने मौजूद वास्तविक मुद्दों जैसे नशा, गरीबी, महंगाई और बेरोजगारी को हल करने पर केंद्रित है, साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत कर रही है।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज सीमावर्ती विधानसभा क्षेत्र खेमकरण में 137 करोड़ रुपये की लागत वाले ग्रामीण लिंक सड़क परियोजना का शिलान्यास किया और कहा कि ‘आप’ सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, रोजगार के अवसर पैदा करने और बेहतर सार्वजनिक सेवाएँ उपलब्ध कराने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने नहरी सिंचाई, रोजगार सृजन और शिक्षा सुधारों में हुई प्रगति पर भी प्रकाश डाला।

शिलान्यास के बाद एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सड़कों से लेकर स्कूलों, खेल मैदानों और उद्योगों तक उनकी सरकार हर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को नजरअंदाज किया, लेकिन ‘आप’ सरकार इन क्षेत्रों की तरक्की के लिए समर्पित प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि हम इन क्षेत्रों के निवासियों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो देश के सच्चे देशभक्त हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार कोई औद्योगिक नीति सीमावर्ती क्षेत्रों में इकाइयाँ स्थापित करने के इच्छुक उद्योगपतियों को प्रोत्साहन दे रही है।

उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक नीति के तहत नौ प्राथमिकता क्षेत्रों और सीमावर्ती तथा कंडी क्षेत्रों में निवेश करने वाले उद्योगों को 25 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भौगोलिक दृष्टि से पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, फिरोजपुर और फाजिल्का जैसे सीमावर्ती जिलों में विभिन्न जोखिमों के कारण ऐतिहासिक रूप से कम निवेश हुआ है।

रोजगार सृजन के लिए सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपने युवाओं को रोजगार देकर उनके हाथों में सिरिंज और नशे की जगह टिफिन देना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि खाली मन शैतान का घर होता है, इसलिए सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है कि युवाओं को अधिक से अधिक नौकरियाँ मिलें ताकि वे सामाजिक बुराइयों का शिकार न हों।

उन्होंने बताया कि ‘आप’ सरकार अब तक युवाओं को 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियाँ दे चुकी है।

सिंचाई सुधारों के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उन्होंने पद संभाला था तब सिंचाई के लिए केवल 21 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग होता था, जो अब बढ़कर 68 प्रतिशत हो गया है और आगामी धान सीजन तक इसे 85 प्रतिशत तक पहुँचाने का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि 6,900 किलोमीटर नहरों और 18,349 जलमार्गों को पुनर्जीवित किया गया है ताकि पानी टेल एंड तक बसे हर किसान तक पहुँच सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नहर प्रणाली को पुनर्जीवित करने के लिए 6,500 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जिससे पहली बार 1,365 गाँवों तक नहरी पानी पहुँचा है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण संपर्क को बेहतर बनाने के लिए 16,209 करोड़ रुपये की लागत से 49,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों के निर्माण का कार्य चल रहा है।

शिक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए पूरे राज्य में स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक प्रयोगशालाओं और खेल मैदानों से सुसज्जित स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए गए हैं।

शिक्षकों और प्रिंसिपलों को विशेष प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजा जा रहा है ताकि विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा कराए गए राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण में पंजाब ने केरल को भी पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल किया है।

उन्होंने आगे कहा कि विद्यार्थियों को सशस्त्र बलों की परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ नीट, जेईई, क्लेट और एनआइएफटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी विशेष कोचिंग दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि स्कूल ऑफ एमिनेंस और अन्य सरकारी स्कूलों के कई विद्यार्थी पहले ही जेईई मेनज़, जेईई एडवांस्ड और नीट जैसी परीक्षाएँ पास कर चुके हैं।

पंजाब के मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य के सभी 65 लाख परिवारों को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की गई है।

उन्होंने कहा कि पंजाब सभी नागरिकों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएँ देने वाला पहला राज्य बन गया है, जबकि 881 आम आदमी क्लीनिक रोजाना लोगों को मुफ्त इलाज प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के लगभग 90 प्रतिशत परिवारों को मुफ्त बिजली मिल रही है।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार जल्द ही हर महिला को प्रति माह 1000 रुपये देने की योजना लागू करेगी। इसके लिए आगामी बजट में आवश्यक प्रावधान किए जाएंगे और जनता से किया गया हर वादा पूरा किया जाएगा।

कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस एक बिखरा हुआ घर है, जो आंतरिक कलह के कारण जल्द ही पूरी तरह टूट जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता सत्ता में वापसी का सपना देख रहे हैं, लेकिन उनके पास न तो कोई स्पष्ट दृष्टि है और न ही एकजुटता।

उन्होंने कहा कि पंजाब में सरकार बनाने के लिए 60 सीटों की आवश्यकता होती है, जो उनके लिए दूर का ख्वाह है। यहां तक कि उनके नेता मूल गणित भी नहीं जानते।

शिरोमणि अकाली दल के नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली नेताओं के पास आम लोगों को लूटने और परेशान करने के रोडमैप के अलावा कुछ नहीं है।

उन्होंने अपने शासनकाल में गैंगस्टरों को संरक्षण दिया और नशा तस्करों को बचाया। उन्होंने निजी राजनीतिक हितों के लिए कई बार धर्म का भी इस्तेमाल किया, लेकिन अब पंजाब के लोग उनकी बातों में नहीं आने वाले।

पंजाब के मुख्यमंत्री ने बताया कि खेमकरण विधानसभा क्षेत्र में 137 करोड़ 22 लाख रुपये की लागत से 275 किलोमीटर क्षेत्र को कवर करने वाली परियोजना के तहत 209 ग्रामीण लिंक सड़कों की मरम्मत का कार्य शुरू किया गया है।

उन्होंने कहा कि सड़कों के नवीनीकरण पर 127 करोड़ 84 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे और अगले पाँच वर्षों में 9 करोड़ 38 लाख रुपये इनके रख-रखाव पर खर्च किए जाएंगे।

इसके साथ ही खेमकरण क्षेत्र में 35 करोड़ 23 लाख रुपये की लागत से 249 किलोमीटर से अधिक लिंक सड़कों का कार्य भी चल रहा है।

‘आप’ सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण और पंजाब के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है।

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