Prabhat Times
Chandigarh चंडीगढ़। पंजाब सरकार की आज कैबिनेट मीटिंग सीएम भगवंत मान की अगुवाई में हुई।
इसमें फैसला लिया गया है कि लहरगागा में बाबा हीरा सिंह भट्टल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में मेडिकल कॉलेज बनेगा।
साथ ही वहां पर तैनात 92 टीचरों के स्टाफ को दूसरे विभागों में शिफ्ट किया जाएगा।
लुधियाना से रोपड़ तक नेशनल हाईवे के लिए सरकार मिट्टी मुहैया करवाएगी, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह मामला कुछ समय पहले चीफ सेक्रेटरी के सामने उठाया था।
इसके अलावा गमाडा के अधीन आने वाले रिहायशी, कॉमर्शियल व इंडस्ट्रियल जो प्लॉट कभी नीलामी में नहीं बिक पाए थे, उनके रेट में 22.5 फीसदी कमी की जाएगी।
कैबिनेट के अहम फैसले

पहली बार एमबीबीएस की 100 सीटें रहेगी
फाइनेंस मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि लंबे समय से बाबा हीरा सिंह इंस्टीट्यूट बंद पड़ा था। वहां पर एक भी बच्चा नहीं था। स्टाफ बेरोजगार हो गया था।
अब वहां के 93 टीचर दूसरे विभागों में तैनात किए जाएंगे। वहां पर अल्पसंख्यक विभाग की तरफ से मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा,
जहां बच्चे एमबीबीएस की पढ़ाई करेंगे। इससे मालवा रीजन के डेढ़ सौ किलोमीटर के एरिया में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं होंगी।
इसमें पहली बार 100 सीटें होंगी। 50 सीटें पंजाब सरकार के हिस्से में होंगी, जबकि 50 सीटें अल्पसंख्यक वर्ग के इंस्टीट्यूट की होंगी।
इसके लिए 66 साल की लीज दी गई है। पहले यह 220 बैड का अस्पताल रहेगा। इसे बाद में 421 बैंड का बनाएंगे।
मंत्री वरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि कॉलेज की इमारत खाली पड़ी थी। एक महीने बाद अस्पताल शुरू हो जाएगा।
एक साल के अंदर 400 बेड का अस्पताल चलेगा। मेडिकल काउंसिल नियमों के मुताबिक डॉक्टरों की तैनाती होगी।
मूणक और खनौरी के अस्पताल भी इसी अस्पताल के नीचे काम करेंगे। इस कॉलेज से हरियाणा को भी फायदा होगा। तीसरा बड़ा फैसला लुधियाना से रोपड़ तक नेशनल हाईवे बनना है।
22.5 फीसदी रेट कम कर लगेगी बोली
फाइनेंस मंत्री ने बताया कि गमाडा के अधीन आने वाले एरिया एयरोसिटी, आईटी सिटी और इको सिटी में कई रिहायशी और कॉमर्शियल साइटें हैं।
इन पर अब तक एक बार भी कोई बोली नहीं लगी, क्योंकि इनके रेट बहुत ज्यादा थे। अब सरकार ने इनके रेट कम कर दिए हैं, ताकि ये साइटें बिक सकें।
यह रेट पैनल की सिफारिश पर तय किए गए हैं। अब बोली 22 फीसदी कम रेट पर लगेगी। इससे ये साइटें अब आसानी से बिक जाएंगी।
प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी पॉलिसी को मंजूरी
पंजाब के एजुकेशन के क्षेत्र एक बहुत ही क्रांतिकारी कदम उठाया है। पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी पॉलिसी मंजूरी दी है।
डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी क्रांतिकारी परिवर्तन आएंगे। नई जेनरेशन के पढ़ने के तरीके बदल रहे हैं। लोग डिजिटल माध्यम से पढ़ाई कर रहे हैं। पंजाब देश का पहला सूबा बना है।
वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी 31 मार्च तक बढ़ाई
पंजाब हाउसिंग व अर्बन डिपार्टमेंट की तरफ से अलॉट प्लॉटों के लिए में वन टाइम सेटलमेंट 2025 लेकर आए थे।
लेकिन लोग काफी समय से मांग कर रहे थे। इसकी समय अवधि बढ़ाई जा। जिसे अब बढ़ाकर 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दिया है।
जिसने यह पॉलिसी बनाई है। ग्लोबल वर्ल्ड यूनिवर्सिटी की तर्ज पर यह बनाई गई है। जो लोग सर्विस क्षेत्र में हैं या जो रेगुलर पढ़ाइ नहीं कर सकते थे।
वह डिजिटल के माध्यम से पढ़ाई कर पाएंगे। यह न्यू एज हायर एजुकेशन सिस्टम बड़ा फैसला है। इसमें तय किया गया है दो एकड़ जमीन और 20 करोड़ रखे जाए।
सरकार हाईवे के लिए मुहैया करवाएगी मिट्टी
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि लुधियाना से रोपड़ तक नेशनल हाईवे बनना है, जो अब तक अटका हुआ था, क्योंकि मिट्टी नहीं मिल रही थी। नेशनल हाईवे जरूरी है।
पीएम ने मीटिंग में यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि मिट्टी नहीं मिल रही है। साढ़े चार करोड़ क्यूबिक मीटर मिट्टी चाहिए थी।
सरकार अब यह मिट्टी तीन रुपए प्रति क्यूबिक मीटर के हिसाब से एनएचएआई को मुहैया करवाएगी।
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