Prabhat Times
नई दिल्ली। केंद्र के लाए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने शनिवार को देशव्यापी ‘चक्का जाम’ का आह्वान किया। यह चक्का जाम दोपहर 12 से 3 बजे तक के लिए था। देशभर में चक्का जाम की वजह से कई राज्यों की रफ्तार थम गई।
हालांकि, सबसे ज्यादा असर हरियाणा और पंजाब में ही देखने को मिला लेकिन बाकी राज्यों में भी मिला-जुला असर देखने को मिला। चक्का जाम शांतिपूर्वक पूरा हुआ और कहीं भी किसी तरह की हिंसा की कोई खबर नहीं मिली।

दबाव में सरकार से नहीं करेंगे बातचीत: राकेश टिकैत

चक्का जाम के बाद किसान नेता राकेश टिकैत ने किसानों को संबोधित किया और देशभर में आंदोलन जारी रहने की बात एक बार फिर दोहराई। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों से नहीं व्यापारियों से लगाव है। उन्होंने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कहा कि राजधानी में एक-एक कील काटी जाएगी।
चक्का जाम खत्म होने पर किसान नेता राकेश टिकैत ने सरकार पर आरोप लगाया कि उसे व्यापारियों से ज्यादा लगाव है। उन्होंने एक बार फिर यह कहा कि आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
राकेश टिकैत ने कहा कि हमने सरकार को कानून वापस लेने के लिए 2 अक्टूबर तक का समय दिया है। इसके बाद, हम आगे की योजना बनाएंगे। हम दबाव में सरकार के साथ बातचीत नहीं करेंगे। सरकार कृषि कानूनों को वापस ले और MSP पर कानून बनाए नहीं तो आंदोलन जारी रहेगा। हम पूरे देश में यात्राएं करेंगे।

ये कानून राष्ट्र के लिए घातकःराहुल गांधी

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने किसान संगठनों की ओर से आहूत ‘चक्का जाम’ का समर्थन करते हुए शनिवार को कहा कि अन्नदाताओं का सत्याग्रह देश हित में है और तीनों कृषि कानून राष्ट्र के लिए घातक हैं.
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ अन्नदाता का शांतिपूर्ण सत्याग्रह देशहित में है – ये तीन क़ानून सिर्फ़ किसान-मज़दूर के लिए ही नहीं, जनता व देश के लिए भी घातक हैं। पूर्ण समर्थन’’
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