Prabhat Times
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले महीने से दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के समर्थकों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा था।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सीजेपी के समर्थकों और जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने जमकर जश्न मनाया।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार सहित तमाम नेताओं ने इसे युवाओं की जीत बताया है।
धर्मेंद्र प्रधान ने एक पत्र जारी कर अपने इस्तीफे की जानकारी दी है। उन्होंने पत्र में कहा है कि वह पिछले 4 दशक से भी अधिक वक्त से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं।
प्रधान ने कहा कि वह देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी अपेक्षाओं का सम्मान करते हैं और भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के सामाजिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है।
पीएम मोदी का जताया आभार
प्रधान ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो मौका उन्हें मिला उसके लिए वह प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हैं।
सीबीटी मोड में परीक्षा कराने का फैसला
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि 3 मई, 2026 को हुई NEET-UG की परीक्षा में गड़बड़ियां पाई गई, केंद्र सरकार ने इसका संज्ञान लिया और जांच सीबीआई को सौंप दी।
बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं में शुमार धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि परीक्षा को रद्द किया गया और फिर से परीक्षा कराई गई।
प्रधान ने कहा है कि इसके साथ ही अगले साल से इस परीक्षा को सीबीटी (Computer-based-test) मोड में कराने का फैसला भी लिया गया।
परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा- प्रधान
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “पहले ही दिन से मैंने इसकी जिम्मेदारी ली और परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा। मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।”
प्रधान ने पत्र में आगे कहा है कि पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम से वह बेहद दुखी हैं और भारत की युवा शक्ति ही इस देश की असली ताकत है।
सीजेपी के नेतृत्व में जुटे थे प्रदर्शनकारी
सीजेपी ने कहा था कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से नहीं हटाया जाएगा तब तक प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से नहीं हटेंगे।
सीजेपी के प्रदर्शन को कांग्रेस तमाम विपक्षी दलों का साथ मिला था। यह आंदोलन न सिर्फ दिल्ली बल्कि बिहार, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में फैल गया था।
बिहार में शनिवार को पटना, आरा, छपरा, औरंगाबाद सहित कई जगहों पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हिंसक प्रदर्शन हुआ।
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