
Prabhat Times
जालंधर। जिमखाना क्लब चुनावों को लेकर बड़ा अपडेट सामने आ रहा है। पता चला है कि प्रोग्रेसिव ग्रुप एक बार फिर एक्टिव हो गया है। प्रोग्रेसिव ग्रुप की पहली मीटिंग हो गई है।
बैठक में क्लब चुनावों को लेकर चल रहे हालात पर गंभीरता से चर्चा की गई। पहली ही बैठक के बाद संभावना बनती नज़र आ रही है कि प्रोग्रेसिव ग्रुप एक बार फिर से चुनावों में एक्टिवली हिस्सा लेगा।
सूत्रों का कहना है कि प्रोग्रेसिव द्वारा कल तक बैठक करके अपनी अगली चुनावी रणनीति तय करेगा।
बता दें कि जिमखाना क्लब चुनावों को लेकर पहली बार अचीवर्स व प्रोग्रेसिव के मर्जर की खबरें सामने आई।
हालांकि प्रोग्रेसिव ग्रुप के फाउंडर सदस्यों द्वारा ये कहा गया था कि क्लब के हितों और मैंबरो में बढ़ती दूरियां को देखते हुए चुनावों में एक दूसरे के समर्थन का फैसला लिया गया था।
प्रोग्रेसिव की तरफ से पिछले चुनावों में जीते पदाधिकारियों तथा क्लब सदस्यों द्वारा मर्जर का तीखा विरोध किया गया।
सूत्रों ने बताया कि क्लब में प्रोग्रेसिव के सरैंडर करने की चर्चा और फैल रही नैगटेविटी को लेकर प्रोग्रेसिव ग्रुप द्वारा आज शाम मीटिंग की गई।
सूत्रों ने बताया कि मीटिंग में अश्वनी खौसला पप्पू, नरेश तिवाड़ी, दलजीत छाबड़ा, कोकी शर्मा, क्लब के पूर्व ऑनरेरी सैक्रेटरी कुकी बहल तथा क्लब की पूर्व कार्यकारिणी के सदस्य रहे विपन झांजी, मोहिन्द्र सिंह, जगजीत सिंह, सीए राजीव बंसल, मेजर कोछड़ तथा पहली बार चुनाव मैदान में उतर रहे जोबिन शिंगारी मौजूद रहे।
ग्रुप सूत्रों से पता चला है कि बैठक में हर ऐंगल पर चर्चा हुई। ये भी चर्चा हुई कि क्लब में ग्रुप मर्जर या सरेंडर की बातों से ग्रुप की छवि खराब हो रही है।
सूत्रों ने बताया कि ये भी विचार विमर्श हुआ है कि चुनावो में एक्टिवली हिस्सा लिया जाए। लेकिन इसका फाइनल डिसीज़न कल या परसों दोबारा बैठक करके किया जाएगा।
अगली बैठक में सभी सदस्यों को बुलाया जाएगा। अगली बैठक में फैसला लिया जाएगा कि अगर चुनाव लड़े जाते हैं तो ग्रुप की तरफ से केंडीडेट कौन कौन होंगे।
सूत्रों से पता चला है कि ये भी चर्चा हुई कि अगर चुनाव लड़ने का फैसला लिया जाता है तो प्रोग्रेसिव के जो केंडीडेट अचीवर्स की तरफ से केंडीडेट घोषित हुए हैं उनका क्या फैसला होगा?
सूत्रों ने बताया कि बैठक में ये भी दावा किया गया है कि जो केंडीडेट अचीवर्स की तरफ गए हैं वे वापस अपने ग्रुप की तरफ से ही चुनाव मैदान में उतारे जाएंगे।
खैर, फिलहाल फाईनल कुछ नहीं हुआ है, लेकिन प्रोग्रेसिव की इस मीटिंग से हलचल तेज हो गई है। संभावना प्रबल है कि एक बार फिर चुनाव मैदान में प्रोग्रेसिव और अचीवर्स आमने सामने होंगे।
——————————————————————————————–


————————————–










