Prabhat Times
- कर्मचारियों के कल्याण के लिए भगवंत मान सरकार प्रतिबद्ध, कैबिनेट सब-कमेटी ने विभिन्न कर्मचारी संगठनों की मांगों पर की चर्चा
- प्रत्येक जायज़ मांग पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है और उनका शीघ्र, निष्पक्ष एवं उचित समाधान किया जाएगा: चीमा
- प्रमुख मांगों के समाधान की प्रक्रिया पहले से जारी है और इस पर सक्रियता से कार्य किया जा रहा है: हरपाल चीमा
चंडीगढ़। कर्मचारियों के विभिन्न मुद्दों के समाधान के लिए गठित कैबिनेट सब-कमेटी के चेयरमैन एवं पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने विभिन्न कर्मचारी यूनियनों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कर उनकी जायज़ मांगों एवं शिकायतों पर विस्तार से चर्चा की।
भगवंत मान सरकार की कर्मचारी कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य विभिन्न संगठनों द्वारा सौंपे गए मांग-पत्रों की समीक्षा करना तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और वन विभाग से संबंधित भर्ती, पदोन्नति, नियमितीकरण तथा वेतनमान जैसे महत्वपूर्ण मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।
बैठक में शामिल कर्मचारी यूनियनों को आश्वस्त करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “यूनियनों द्वारा प्रस्तुत सभी मांग-पत्रों और मांगों पर कैबिनेट सब-कमेटी गंभीरता से विचार कर रही है ताकि उनका शीघ्र, निष्पक्ष और उचित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।”
बैठक के दौरान शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। बेरोज़गार स्पेशल एजुकेटर फ्रंट पंजाब तथा पंजाब एजुकेशन डिपार्टमेंट मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने मांग-पत्र प्रस्तुत किए।
बेरोज़गार स्पेशल एजुकेटर फ्रंट ने वर्ष 2026 के लिए 1,200 विशेष शिक्षा अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की।
वहीं मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन ने सुपरिंटेंडेंट पद पर पदोन्नति के लिए अनुभव संबंधी शर्तों में एकमुश्त छूट, समाप्त किए गए पदों की बहाली, जूनियर सहायकों को 50 प्रतिशत अनुपात के आधार पर पदोन्नति तथा शिक्षण स्टाफ की तरह मिनिस्टीरियल एवं लिपिकीय कर्मचारियों को भी राज्य पुरस्कार प्रदान करने की मांग उठाई।
अन्य कर्मचारी संगठनों के साथ हुई बैठकों में वित्त मंत्री ने नोवल इंटीग्रेटेड एसोसिएशन ऑफ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स, पंजाब तथा डेमोक्रेटिक वन कर्मचारी यूनियन, पंजाब के प्रतिनिधियों के साथ भी सार्थक चर्चा की।
कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स एसोसिएशन ने वेतन, लॉयल्टी बोनस तथा सेवाओं के नियमितीकरण से जुड़े मुद्दे उठाए।
वहीं डेमोक्रेटिक वन कर्मचारी यूनियन ने सेवाओं के नियमितीकरण के लिए राज्य सरकार का धन्यवाद करते हुए शेष कच्चे एवं ठेका आधारित वन कर्मचारियों को भी शीघ्र नियमित करने की मांग की तथा वेतन और सेवानिवृत्ति संबंधी विषय भी उठाए।
इसके बाद जॉइंट एसोसिएशन ऑफ इंडिपेंडेंट मेडिकल लेबोरेटरी एंड एलाइड प्रोफेशनल्स के प्रतिनिधियों की मांगों पर चर्चा करते हुए वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा, “आपकी प्रमुख मांगों के समाधान की प्रक्रिया पहले से जारी है और इस पर सक्रिय रूप से कार्य किया जा रहा है।”
बैठकों में बेरोज़गार स्पेशल एजुकेटर फ्रंट पंजाब की ओर से लखवीर सिंह, सरबजीत सिंह एवं मनजीत सिंह, पंजाब एजुकेशन डिपार्टमेंट मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन की ओर से गुरप्रीत सिंह, परमपाल सिंह एवं अनुरिध मौदगिल, नोवल इंटीग्रेटेड एसोसिएशन ऑफ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स की ओर से डॉ. जतिंदर सिंह एवं डॉ. विपन, डेमोक्रेटिक वन कर्मचारी यूनियन की ओर से रशपाल सिंह एवं बलबीर सिंह तथा जॉइंट एसोसिएशन ऑफ इंडिपेंडेंट मेडिकल लेबोरेटरी एंड एलाइड प्रोफेशनल्स की ओर से जगदीप भारद्वाज, राजन बैक्टर और अशोक गोयल ने अपनी-अपनी यूनियनों की मांगों एवं समस्याओं को वित्त मंत्री के समक्ष विस्तार से रखा।
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