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Jalandhar जालंधर। जिमखाना क्लब की एन्यूअल जनरल मीटिंग को एक दिन बचा है। लेकिन क्लब में केंडीडेट को लेकर धमाल मचा हुआ है। इस बार क्लब की राजनीति के समीकरण बिल्कुल ही बदले नज़र आएंगे।

अगर कहें कि क्लब के इतिहास में पहली बार परस्पर विरोधी प्रोग्रेसिव और अचीवर्ज़ ग्रुप सहमती के साथ चुनाव मैदान में उतर सकते हैं तो इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।

शनिवार 14 मार्च को क्लब की एजीएम में चुनावों की तिथि घोषित हो जाएगी। लेकिन इससे पहले ही अचीवर्ज़ और प्रोग्रेसिव ग्रुप दोनों में लगातार मीटिंगो का दौर जारी है।

सूत्रों ने बताया कि बुधवार शाम को अचीवर्ज़ और प्रोग्रेसिव दोनों ग्रुपों के सर्वेसर्वा तथा विभिन्न पदों पर चुनाव मैदान में उतरने के इच्छुक केंडीडेट मौजूद रहे।

सूत्रों की मानें तो दोनो ग्रुपो में बात चल रही है कि क्लब में ऑनरेरी सैक्रेटरी, जेवीपी, जॉइंट सैक्रेटरी, कैंशियर पद के लिए दोनो ग्रुप अपने अपने केंडीडेट के नाम फाइनल कर दें।

जिन नामों पर दोनो ग्रुपों की और से सहमती बनती है उन्हें चुनावों में दोनों ग्रुपों की तरफ से समर्थन किया जाएगा।

सूत्रों ने बताया कि प्रोग्रेसिव और अचीवर्स के सर्वेसर्वा द्वारा अपने अपने ग्रुप के दावेदारों से सरेंडर लैटर ले लिया गया है, इसका अर्थ ये है कि अब निजि तौर पर कोई दावा नहीं करेगा, बल्कि ग्रुप डिसाइड करेगा कि किसे किस पोस्ट पर चुनाव मैदान में उतारना है या किसे नहीं।

अचीवर्ज़-प्रोग्रेसिव बनाम तीसरा गुट होंगे चुनाव!

अचीवर्ज़ और प्रोग्रेसिव की आपसी सहमती से ऑनरेरी सैक्रेटरी पोस्ट के लिए विपन झांजी, तरूण सिक्का, धीरज सेठ की दावेदारी का मसला तो हल हो जाएगा, लेकिन अमित कुकरेजा फिर चुनाव मैदान में रहेंगे।

साफ है कि चुनाव प्रोग्रेसिव-अचीवर्स बनाम अमित कुकरेजा गुट हो सकता है। ऐसी स्थिति में साफ है कि क्लब में इस बार तीसरा ग्रुप भी एक्टिव होगा।

एजीएम से पहले होगा सब कुछ फाईनल

सूत्रों ने बताया कि रविवार को होने वाली एजीएम से पहले दोनो ग्रुपों में सब-कुछ फाईनल हो जाएगा।

डिसाईड हो जाएगा कि कौन ऑनरेरी सैक्रेटरी पद के लिए चुनाव लड़ेगा और कौन जेवीपी, जॉइंट सैक्रेटरी या फिर कैशियर। जिन नामों पर सहमती बनेगी, दोनो ग्रुप चुनावों में उनकी फेवर करेंगे।

सूत्रों का मानना है कि दोनो ग्रुपों में चुनावों में सांझेदारी की इस चर्चा से साफ है कि एक नया ग्रुप गठित होगा।

क्लब सूत्रों ने संभावना यहां तक जताई है कि दोनो ग्रुपों में जिसे भी ईग्नौर किया जाता है, यानिकि क्लब मैनेजमेंट बॉडी में एडजस्ट नहीं किया जाता तो वो तीसरे गुट की और रूख कर सकता है।

शनिवार का दिन अहम माना जा रहा है। अब देखना ये होगा कि चुनाव तिथि घोषित होने से पहले ही “सब-कुछ” फाईनल हो जाना क्लब की चुनावी राजनीति को किस और ले जाता है।

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