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  • ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत पांच महीनों में 2.26 लाख से अधिक मरीजों का 3.65 लाख उपचार प्रक्रियाओं के माध्यम से 632.50 करोड़ रुपये की लागत से इलाज हुआ : डॉ. बलबीर सिंह
  • भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत पहले दिन से ही प्री-एक्जिस्टिंग बीमारियों का कवरेज उपलब्ध; जबकि निजी बीमे में मरीजों को अक्सर वर्षों तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है: डॉ. बलबीर सिंह
  • प्री-एक्जिस्टिंग बीमारियों के लिए कोई प्रतीक्षा अवधि नहीं, 850 सूचीबद्ध अस्पतालों में 2,300 से अधिक उपचार पैकेज उपलब्ध : डॉ. बलबीर सिंह

चंडीगढ़। ऐसे समय में जब स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत परिवारों पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ा रही है, भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ एक व्यापक और किफायती स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के रूप में उभर रही है, जो पारंपरिक निजी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं की तुलना में कई महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करती है।

योजना के प्रभाव के बारे में जानकारी देते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना लागू होने के पांच महीनों के भीतर 2,26,822 से अधिक मरीजों का 3,65,340 उपचार प्रक्रियाओं के माध्यम से 632.50 करोड़ रुपये की लागत से इलाज किया गया है। निजी स्वास्थ्य बीमा उन लोगों के लिए एक विकल्प हो सकता है जो अपनी आवश्यकताओं के अनुसार विशेष कवरेज चाहते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री सेहत योजना इस उद्देश्य से तैयार की गई है कि पंजाब का हर पात्र निवासी बिना आर्थिक कठिनाई के गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच प्राप्त कर सके।”

विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “निजी बीमे और मुख्यमंत्री सेहत योजना के बीच सबसे बड़ा अंतर प्रीमियम भुगतान का न होना है। जहां निजी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों के लिए हर साल हजारों रुपये का प्रीमियम देना पड़ता है, जो उम्र बढ़ने के साथ और बढ़ जाता है, वहीं मुख्यमंत्री सेहत योजना के लाभार्थियों को यह स्वास्थ्य कवरेज पूरी तरह से निःशुल्क प्रदान की जाती है।”

उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत कैंसर उपचार, हृदय रोगों का उपचार, डायलिसिस, इंटेंसिव केयर सेवाओं और अन्य विशेष उपचार प्रक्रियाओं सहित 2,300 से अधिक उपचार पैकेज उपलब्ध कराए जाते हैं।

निजी बीमा योजनाओं में जहां कवरेज का दायरा भुगतान किए गए प्रीमियम और चुनी गई पॉलिसी पर निर्भर करता है, वहीं मुख्यमंत्री सेहत योजना सभी पात्र लाभार्थियों को समान सुविधाएं प्रदान करती है।

योजना का एक और बड़ा फायदा यह है कि प्री-एक्जिस्टिंग बीमारियों के लिए तुरंत कवरेज उपलब्ध है। निजी बीमा कंपनियां आम तौर पर डायबिटीज, हाइपरटेंशन और हृदय रोगों जैसी स्थितियों के लिए दो से चार साल तक की प्रतीक्षा अवधि लागू करती हैं, जिसके बाद ही उपचार पर हुए खर्च का दावा किया जा सकता है।

उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पात्र लाभार्थी अपने पुराने चिकित्सा इतिहास की परवाह किए बिना पहले ही दिन से उपचार का लाभ ले सकते हैं।”

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह योजना विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए बहुत लाभकारी साबित हुई है, जिन्हें निजी बीमा योजनाओं में अक्सर उच्च प्रीमियम और कवरेज संबंधी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता है।

मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों को बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के समान स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।

डॉ. बलबीर सिंह ने आगे बताया कि योजना के तहत पंजाब भर में 850 सूचीबद्ध अस्पतालों के नेटवर्क के माध्यम से उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनमें निजी अस्पतालों के साथ-साथ सरकारी स्वास्थ्य संस्थान भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा, “प्रतिपूर्ति (रिइंबर्समेंट) आधारित बीमा प्रणालियों के विपरीत, मुख्यमंत्री सेहत योजना मुख्य रूप से कैशलेस और पेपरलेस उपचार प्रक्रिया प्रदान करती है, जिससे लाभार्थी न्यूनतम दस्तावेजों के साथ स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं और प्रशासनिक देरी से भी बच सकते हैं।”

दोनों स्वास्थ्य सुरक्षा मॉडलों की तुलना करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि निजी बीमा योजनाएं अनुकूलित कवरेज और अतिरिक्त लाभ प्रदान कर सकती हैं।

उन्होंने कहा, “हालांकि, इनमें अक्सर एक्सक्लूजन, सह-भुगतान (को-पेमेंट), उप-सीमाएं (सब-लिमिट), प्रतीक्षा अवधि और उम्र के साथ बढ़ने वाले प्रीमियम जैसी शर्तें होती हैं, जो कई परिवारों के लिए इन्हें कम किफायती बनाती हैं।

इसके अलावा, निजी बीमा कवरेज मुख्य रूप से शहरी और आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों तक सीमित है, जबकि मुख्यमंत्री सेहत योजना पंजाब के हर पात्र पंजीकृत परिवार के लिए उपलब्ध है।”

उन्होंने कहा, “भगवंत मान सरकार का दृढ़ विश्वास है कि स्वास्थ्य सेवाएं किसी व्यक्ति की आर्थिक क्षमता पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पंजाब के हर पात्र नागरिक के लिए आसानी से और किफायती ढंग से उपलब्ध हों।”

डॉ. बलबीर सिंह ने जानकारी दी कि योजना के तहत अब तक 46.21 लाख से अधिक स्वास्थ्य कार्ड पंजीकृत किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से राज्य के लगभग 22 लाख परिवारों को कवरेज मिली है।

उन्होंने कहा, “योजना को मिल रहा भरपूर जनसमर्थन सभी के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की बढ़ती आवश्यकता को दर्शाता है और स्वास्थ्य सेवाओं पर होने वाले जेब खर्च को कम करने तथा समाज के हर वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण उपचार पहुंचाने के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

पंजाब सरकार मुख्यमंत्री सेहत योजना के दायरे का आगे और विस्तार करती रहेगी, ताकि किसी भी परिवार को स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा में से किसी एक का चयन करने के लिए मजबूर न होना पड़े।”

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