



Prabhat Times
जालंधर। प्राचार्या डॉ. एकता खोसला के दूरदर्शी एवं प्रेरणादायी नेतृत्व में हंसराज महिला महाविद्यालय, जालंधर निरंतर शिक्षा, शोध, नवाचार एवं सतत विकास के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है।
इसी उपलक्ष्य में स्नातकोत्तर बॉटनी विभाग की प्रतिभाशाली छात्राएँ किरण, पलक, अंजलि, सुहानी एवं रिया ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए प्रतिष्ठित PSCST (Punjab State Council for Science & Technology) द्वारा वित्तपोषित कैपस्टोन प्रोजेक्ट के लिए चयन प्राप्त किया है।
यह उपलब्धि महाविद्यालय के लिए अत्यंत गर्व एवं सम्मान का विषय है। यह प्रोजेक्ट वस्त्र अपशिष्ट प्रबंधन (Te&tile Waste Management) के लिए सतत एवं पर्यावरण- अनुकूल समाधान विकसित करने पर आधारित है।
वर्तमान समय में बढ़ते औद्योगिक अपशिष्ट एवं पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए यह परियोजना अत्यंत प्रासंगिक एवं समाजोपयोगी मानी जा रही है।
छात्राएँ इस परियोजना के माध्यम से वस्त्र अपशिष्ट के पुन: उपयोग, पुनर्चक्रण तथा उसके प्रभावी प्रबंधन से जुड़े नवाचारपूर्ण उपायों पर कार्य करेंगी।
इस परियोजना के अंतर्गत चयनित छात्राओं को स्टाइपेंड सहायता, उद्योग विशेषज्ञों का मार्गदर्शन तथा शोध कार्य का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा।
साथ ही उन्हें उद्योग जगत एवं शोध स्थानों के साथ संवाद स्थापित करने तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर भी मिलेगा।
यह अनुभव उनके शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकास में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा। इस उपलब्धि का श्रेय स्नातकोत्तर बॉटनी विभागाध्यक्ष डॉ. अंजना भाटिया का सतत मार्गदर्शन, प्रेरणा एवं समर्पण महत्वपूर्ण रहा।
उनके निर्देशन में छात्राओं ने अपनी शोध क्षमता, रचनात्मक सोच एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
प्राचार्या डॉ. एकता खोसला ने डॉ. अंजना भाटिया एवं चयनित छात्राओं को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि हंसराज महिला महाविद्यालय सदैव छात्राओं को शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में आगे बढऩे के लिए प्रेरित करता रहा है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की परियोजनाएँ न केवल विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच को विकसित करती हैं, बल्कि उन्हें समाज एवं पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने के लिए भी प्रेरित करती हैं।
महाविद्यालय परिवार ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर सभी छात्राओं एवं विभाग को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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