Prabhat Times
कपूरथला। डिप्स कपूरथला में कला और कल्पनाशीलता का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहाँ एमडी तरविंदर सिंह के मार्गदर्शन में तैयार किए गए भव्य आर्ट स्टूडियो का शुभारंभ डिप्स प्रबंधन तथा अभिभावकों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
इस अद्वितीय कला कक्ष को अपनी दूरदर्शी सोच, रंगों और तूलिका के जादू से साकार करने का श्रेय संतोष शिर्के एवं उनकी समर्पित टीम को जाता है। कला कक्ष का प्रत्येक कोना रंगों, भावनाओं और सृजनशीलता से सजा हुआ था।
यहाँ तूफ़ान, जीवन चक्र, भक्ति, सृजन, अनुपयोगी वस्तुओं से उपयोगी निर्माण तथा जीवन यात्रा जैसी विषयवस्तुओं पर आधारित कलाकृतियों ने सभी का मन मोह लिया। उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति ने इन रचनाओं की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
विद्यालय की प्राचार्या मनप्रीत भोगल ने सभी अतिथियों एवं अभिभावकों का आत्मीय स्वागत किया। पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट और अभिभावकों की सराहना से गूँज उठा।
इस अवसर पर चेयरपर्सन श्रीमती जसविंदर कौर, सीएओ रमनीक सिंह, सीईओ डॉ. मोनिका मंडोत्रा, महाविद्यालय निदेशक के. के. हांडू, शैक्षणिक निदेशक डॉ. रोमिला शर्मा तथा महाप्रबंधक राजीव शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। पुष्पा गुजराल सांईस सिटी से कमलजीत कौर तथा प्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. हरप्रीत भी सम्मानित अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के वाद्य दल द्वारा अतिथियों एवं अभिभावकों के भव्य स्वागत से हुआ। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से वातावरण को उल्लासमय बना दिया। रंगों पर आधारित विशेष प्रस्तुति, आकर्षक परिधान प्रदर्शन, विद्यालय वाद्यवृंद, ऊर्जावान गिद्धा तथा रोमांचक कराटे प्रदर्शन ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
कला प्रदर्शनी के साथ-साथ आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही, जहाँ विद्यार्थियों ने विभिन्न कार्यशील वैज्ञानिक प्रतिरूपों का प्रदर्शन करते हुए अपनी वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और नवाचार क्षमता का प्रभावशाली परिचय दिया।
इस अवसर पर सीएओ रमनीक सिंह ने कहा कि यह आर्ट स्टूडियो हमारे नन्हे डिप्सियन्स की कल्पनाशक्ति, सृजनात्मक सोच और अभिव्यक्ति को नई दिशा और नई उड़ान प्रदान करेगा।
सीइओ डॉ. मोनिका मंडोत्रा ने कहा कि, इस स्तर पर इस प्रकार का अभिनव आर्ट स्टूडियो स्थापित करना डिप्स की एक अनूठी और प्रेरणादायी पहल है, जो विद्यार्थियों की प्रतिभा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में सहायक सिद्ध होगी।
अभिभावकों ने विद्यालय के इस अभिनव प्रयास की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि यह केवल एक कला कक्ष नहीं, बल्कि बच्चों की कल्पना, रचनात्मकता और आत्मविश्वास को नई पहचान देने वाला प्रेरणास्रोत है। कला, विज्ञान, संस्कृति और नवाचार से सजा यह दिन डिप्स कपूरथला के इतिहास में एक अविस्मरणीय अध्याय बन गया।
—————————————————————————-


————————————–










