Prabhat Times
Jalandhar जालंधर। आज के युग में बच्चों का सर्वांगीण विकास ही उनके उज्ज्वल भविष्य की सच्ची पहचान है।
शिक्षा जहाँ ज्ञान और बौद्धिक क्षमता को निखारती है, वहीं खेल बच्चों को अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना जैसे जीवन-मूल्य प्रदान करते हैं।
वर्तमान समय में भारतीय खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक और ट्रॉफियां जीतकर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
इससे अभिभावकों की सोच में भी सकारात्मक परिवर्तन आया है और खेलों को अब करियर व राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम माना जाने लगा है।
इसी व्यापक और दूरदर्शी सोच के साथ डिप्स संस्थान शिक्षा के साथ-साथ खेलों को समान महत्व देते हुए विद्यार्थियों के समग्र विकास की दिशा में निरंतर अग्रसर है।
डिप्स संस्थान का उद्देश्य केवल परीक्षा-उत्तीर्ण विद्यार्थी तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे सक्षम, आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक गढ़ना है जो भविष्य में देश की मजबूती का आधार बन सकें।
डिप्स संस्थान के विभिन्न परिसरों में विश्व-स्तरीय खेल अवसंरचना विकसित की गई है।
इनमें बॉक्स क्रिकेट ग्राउंड, स्केटिंग ट्रैक, जूडो एवं ताइक्वांडो प्रशिक्षण केंद्र, बास्केटबॉल कोर्ट, पिकलबॉल कोर्ट, शूटिंग रेंज तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आधुनिक स्विमिंग पूल शामिल हैं।
इन सुविधाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही पेशेवर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिल रहा है, जिससे उनकी प्रतिभा को सही दिशा और मंच प्राप्त हो रहा है।
डिप्स संस्थान के प्रबंध निदेशक एमडी तरविंदर सिंह ने कहा कि वे डिप्स के प्रत्येक विद्यार्थी को शिक्षा, खेल और जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ते देखना चाहते हैं।
उन्होंने बताया कि यह दृष्टिकोण उनके पिता स्वर्गीय सरदार गुरबचन सिंह जी की सोच और मूल्यों से प्रेरित है।
सरदार गुरबचन सिंह जी का मानना था कि समाज से प्राप्त सफलता को समाज को लौटाना ही सच्ची सेवा है, और डिप्स संस्थान उसी विचारधारा को आगे बढ़ा रहा है।
डिप्स संस्थान के सीएओ रमनीक सिंह एवं जशन सिंह ने भी यह संकल्प व्यक्त किया कि वे विद्यार्थियों को श्रेष्ठ शैक्षणिक वातावरण, उत्कृष्ट खेल प्रशिक्षण और मजबूत संस्कार प्रदान करने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करते रहेंगे।
उनका कहना है कि आज के विद्यार्थी ही कल के नेतृत्वकर्ता हैं और उन्हें राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार करना संस्थान की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
डिप्स संस्थान की यह पहल शिक्षा और खेलों के संतुलन का एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करती है।
यह प्रयास न केवल विद्यार्थियों के सपनों को साकार कर रहा है, बल्कि एक स्वस्थ, सक्षम और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में भी एक सशक्त कदम साबित हो रहा है।
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