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  • पंजाब ने देश को बहादुर सिपाही और जांबाज फौजी अधिकारी दिए – मुख्यमंत्री 
  • नेशनल डिफेंस कॉलेज के एक प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब का किया दौरा, मुख्यमंत्री मान से की मुलाकात
  • पंजाब की बहादुरी और भाईचारे की शानदार विरासत का कोई मुकाबला नहीं – मुख्यमंत्री 
  • पंजाब, भारत की खड़गभुजा और अन्नदाता – मुख्यमंत्री भगवंत मान

Chandigarh चंडीगढ़। नेशनल डिफेंस कॉलेज, नई दिल्ली के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात की।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने देश की एकता और संप्रभुता में राज्य के अद्वितीय योगदान, बहादुरी, भाईचारे की मजबूत भावना, शानदार विरासत और भारत के खड़गभुजा एवं अन्नदाता के रूप में पंजाब के अमूल्य योगदान का जिक्र किया।

आज यहां नेशनल डिफेंस कॉलेज के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब ने भारतीय सशस्त्र बलों को जांबाज फौजी अधिकारी और बहादुर जवान दिए हैं, जिन्होंने हमेशा मोर्चे पर रहकर देश के लिए शहादतें दी हैं।”

उन्होंने कहा, “यह जानकर खुशी हुई कि नेशनल डिफेंस कॉलेज, नई दिल्ली द्वारा 2 से 6 फरवरी तक पंजाब का दौरा किया जा रहा है।”

राज्य में पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह सामाजिक-राजनीतिक अध्ययन दौरा पंजाब के सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और अन्य क्षेत्रों को समझने और सीखने का एक अनूठा प्रयास है।”

राज्य की पवित्र और उपजाऊ धरती पर प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य सरकार आपकी मेजबानी करके गर्व महसूस कर रही है।”

उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि पंजाब महान गुरुओं, पीरों, संतों, पैगंबरों और शहीदों की धरती है और इसे योद्धाओं तथा मेहनतकश लोगों की भूमि के रूप में जाना जाता है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “राज्य के नौजवान सीमाओं की रक्षा करते हैं और हमारे किसान देश का पेट भरते हैं, इसी कारण पंजाब को ‘भारत का अन्नदाता और खड़गभुजा’ के रूप में सम्मान प्राप्त है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब के किसान देश के अनाज उत्पादन में सबसे अधिक योगदान देते हैं और राष्ट्रीय पूल में 40 प्रतिशत अनाज इसी राज्य द्वारा उपलब्ध कराया जाता है।”

उन्होंने आगे कहा, “पंजाब के बहादुर सैनिकों ने देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए अपनी जानें कुर्बान की हैं और यह अटल एवं स्पष्ट सत्य है कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में पंजाबियों ने सबसे अधिक बलिदान दिए हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “पंजाब एक शांतिपूर्ण राज्य है जहां शांति, प्रेम और भाईचारे की भावना इतनी मजबूत है कि यहां नफरत के बीज नहीं पनप सकते।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “सीमावर्ती राज्य होने के बावजूद, पंजाब कभी भी सांप्रदायिकता में बंटा नहीं। इसके बजाय कठिन घड़ी में पंजाबियों ने दुनिया के सामने भाईचारे और सद्भावना की शानदार मिसालें पेश की हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “पवित्र शहर अमृतसर को सरब-सांझीवालता का प्रतीक माना जाता है और गुरुओं द्वारा बसायी यह धरती श्री हरिमंदिर साहिब, दुर्गियाना मंदिर, भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल, जल्लियांवाला बाग और अन्य पवित्र स्थानों का घर है।”

उन्होंने कहा, “पंजाब एक विरोधी देश के साथ 532 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है, फिर भी यह धर्मनिरपेक्षता, शांति और सद्भावना का पुंज बना हुआ है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “भारत के सामाजिक-राजनीतिक और आर्थिक पहलुओं का अध्ययन करने के लिए पंजाब में एक सप्ताह का दौरा शुरू किया गया है।”

उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य राज्यों का दौरा करके उनके सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पहलुओं को गहराई से जानने का अवसर प्रदान करना है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इससे राज्य स्तर से गांव स्तर तक प्रशासन, शासन और कानून व्यवस्था को लागू करने की चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझने में सुविधा मिलती है।

उन्होंने कहा, “प्रतिनिधिमंडल में कुल 16 अधिकारी हैं, जिनमें से विदेशी अधिकारियों की संख्या 31 प्रतिशत है, क्योंकि 16 अधिकारियों में से 5 विदेशों से संबंधित हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रतिनिधिमंडल में बांग्लादेश, मिस्र, इंडोनेशिया, मलेशिया और नेपाल से एक-एक अधिकारी शामिल हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “11 भारतीय अधिकारी हैं, जिनमें सेना के पांच, नौसेना के दो, वायुसेना के दो, ए.एफ.एच.क्यू.सी.एस. का एक और डी.ओ.एल.आर.का एक अधिकारी शामिल है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “प्रतिनिधिमंडल में सेना, नौसेना और वायुसेना के ब्रिगेडियर या सचिव स्तर के अधिकारी तथा सिविल अधिकारी भी शामिल हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, आइएएस, आइपीएस, आइआरएस, आइएफएस, कोस्ट गार्ड और डीआरडीओ सहित कई सिविल अधिकारी इस महत्वपूर्ण कोर्स का हिस्सा हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “यह कोर्स भारत के बारे में ज्ञान, रणनीतिक रुझान, आर्थिक सुरक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, वैश्विक मुद्दे, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर्यावरण, पड़ोसी देशों के रणनीतिक पहलू और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए रणनीतियां एवं ढांचे जैसे क्षेत्रों को कवर करता है।”

इस अवसर पर भगवंत सिंह मान ने दौरे पर आए प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का सम्मान भी किया और कहा, “मैं राज्य में उनकी अच्छी और आरामदायक ठहराव की कामना करता हूं।”

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