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  • बारिश से पहले ड्रेनों और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की तुरंत सफाई सुनिश्चित की जाए: भगवंत सिंह मान
  • प्रदूषण नियंत्रण और लंबित जल परियोजनाओं को बिना देरी पूरा किया जाए: मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान
  • राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

चंडीगढ़। आगामी मानसून सीजन के मद्देनज़र मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज डिप्टी कमिश्नरों को बाढ़ सुरक्षा से जुड़े सभी कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए और किसी भी तरह की लापरवाही पर व्यक्तिगत जवाबदेही तय करने की चेतावनी दी।\

एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने नालों और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की तुरंत सफाई, गाद निकालने, प्रदूषण नियंत्रण उपायों को तेज करने और लंबित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि बारिश से पहले सभी प्रबंध पूरे हो सकें।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, जिनके साथ राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल भी मौजूद थे, ने पूरे पंजाब में बाढ़ सुरक्षा कार्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए मास्टर प्लान तैयार करने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि ड्रेनों और नदियों की योजना सिंचाई विभाग के इंजीनियरों के साथ समन्वय करके तैयार की जानी चाहिए, ताकि नियमित रूप से डी-सिल्टिंग, सफाई और मजबूती सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इससे मानसून के दौरान लोगों को बाढ़ के खतरे से बचाने में मदद मिलेगी और हर अधिकारी इस कार्य के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होगा।

उन्होंने गिद्दड़पिंडी रेलवे पुल समेत अन्य संभावित बाढ़ स्थलों की शीघ्र सफाई के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके।

बुड्डा नाले की सफाई के बारे में मुख्यमंत्री ने बताया कि पवित्र बुड्डा नाले के पानी को लुधियाना शहर के शुरुआती बिंदु तक साफ कर दिया गया है और आगे का कार्य जारी है।

उन्होंने डेयरियों से नाले में जाने वाले गोबर की सख्ती से जांच करने और नगर निगम द्वारा उसके उचित निस्तारण को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि हेबोवाल में सीबीजी प्लांट को जल्द चालू किया जाए और ताजपुर में प्रस्तावित प्लांट के लिए 2.5 एकड़ भूमि आवंटन का प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर अंतिम रूप दिया जाए।

औद्योगिक गंदे पानी के उचित उपचार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

पानी के प्रवाह और प्रदूषण नियंत्रण के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि चिट्टी वेईं में 200 क्योसिक पानी छोड़ने के लिए सिम्बली में रेगुलेटर चालू किया जाए।

राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर पुलों में तकनीकी सुधार और काला संघियां ड्रेन में प्रदूषण कम करने के लिए बिस्त दोआब नहर से 100 क्योसिक पानी छोड़े जाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने आगे कहा कि स्टोन लायनिंग का कार्य पूरा हो गया है।

मुख्यमंत्री ने डेयरी अपशिष्ट को नालों में डालने पर सख्ती से रोक लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि इस संबंध में जिम्मेदारी तय की जाएगी।

सतलुज नदी पर धुसी बांध सड़क परियोजना का मामला केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री के समक्ष उठाया जाएगा, जिसे 117.75 करोड़ की लागत के साथ नाबार्ड के सहयोग से पूरा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि लुधियाना के बुड्डा नाला, काला संघियां ड्रेन और सतलुज के धुसी बांध की सफाई को लेकर संत बलबीर सिंह सीचेवाल की हाज़री में जालंधर और लुधियाना के उपायुक्तों के साथ विशेष बैठक की गई है।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों को सतलुज और अन्य मौसमी नदियों के कमजोर बांधों को मजबूत करने तथा बुद्धा नाले के लिए एसटीपी परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण सुधार दिखाई देंगे और सरकार जनता के साथ मजबूती से खड़ी है।

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