



Prabhat Times
नई दिल्ली। कनाडा सरकार ने 2026 में अपनी इमीग्रेशन पॉलिसी में चेंज किए हैं। अब कनाडा में रहकर 70 लाख सालाना कमाने वालों को अप्लाई करने के 1 हफ्ते में Permanent Residency (पीआर) मिल जाएगी।
कनाडा सरकार ने अब अपनी रणनीति पूरी तरह बदल दी है। पहले जहां ज्यादा से ज्यादा लोगों को बुलाने पर जोर था, अब सरकार का पूरा ध्यान सिर्फ उन लोगों पर है जो कनाडा की अर्थव्यवस्था में जाते ही योगदान दे सकें।
सरकार ने अगले 3 सालों (2025-2027) के लिए पक्की पीआर (PR) के कोटे में कटौती कर दी है।
अगर आप आज की तारीख में कनाडा जाना चाहते हैं, तो सबसे पहला और सबसे आसान रास्ता उन लोगों के लिए है जो पहले से ही वहां वर्क परमिट या स्टडी परमिट पर रह रहे हैं।
सरकार ने साफ किया है कि वह बाहर से नए लोगों को बुलाने के बजाय, वहां पहले से मौजूद 40 फीसदी लोगों को ही पीआर देकर पक्का करेगी। यानी अगर आप वहां पहले से काम कर रहे हैं तो आपके लिए रास्ता खुला है।
वीजा मिलने के मामले में अब उन लोगों को रेड कारपेट दिया जा रहा है जिनके पास हाई-स्किल और अच्छी सैलरी वाला जॉब ऑफर है।
अगर आपका पेशा हेल्थकेयर में डॉक्टर, नर्स, इंजीनियरिंग या कंस्ट्रक्शन में प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन से जुड़ा है तो आपको वीजा मिलने में प्राथमिकता मिलेगी।
ज्यादा सैलरी वाले वर्कर्स के लिए पीआर पाना आसान
ज्यादा सैलरी वाले वर्कर्स के लिए पीआर पाने का सबसे सीधा रास्ता एक्सप्रेस एंट्री और प्रोविंशियल नॉमिनी प्रोग्राम (PNP) है।
सरकार अब ऐसे ड्रॉ निकाल रही है जो केवल उन लोगों के लिए हैं जिनके पास जॉब ऑफर है। जो लोग पहले से कनाडा में हाई-वेज पर काम कर रहे हैं, उन्हें कैनेडियन एक्सपीरियंस क्लास के तहत आवेदन करते समय अतिरिक्त अंक मिलेंगे।
आपकी सैलरी जितनी ज्यादा होगी, आपके आर्थिक योगदान को उतना ही बेहतर माना जाएगा और पीआर की संभावना बढ़ जाएगी।
इमीग्रेशन विभाग उन प्रोफेशनल्स को प्राथमिकता देगा जिनकी सालाना इनकम करीब 70 लाख रुपए या उससे अधिक है।
स्टूडेंट वीजा के लिए सख्य किए नियम
पंजाब से कनाडा जाने वाले स्टूडेंट्स के लिए कनाडा ने नए इमीग्रेशन बिल में नियम अब पहले से कहीं ज्यादा सख्त कर दिए हैं।
अब हर कॉलेज या हर कोर्स करने के बाद वर्क परमिट मिलना पक्का नहीं है। सरकार ने कोर्सेज की लिस्ट तैयार की है।
केवल उन्हीं क्षेत्रों में पढ़ाई करने वालों को आगे काम करने की परमिशन मिलेगी जिनकी मार्केट में डिमांड होगी।
अवैध तरीके से आने वालों पर रोक के लिए सी-12 बिल
नए कानून बिल C-12 की बात करें तो यह मुख्य रूप से उन लोगों के लिए है जो गलत तरीके से कनाडा में घुसने की कोशिश करते हैं।
अब शरण मांगने के नियमों को बहुत सख्त कर दिया गया है। अगर कोई व्यक्ति वैध तरीके के बजाय शॉर्टकट अपनाता है तो उसे तुरंत डिपोर्ट करने के अधिकार सरकार ने अपने पास ले लिए हैं।
पहले ये रिफ्यूजी बोर्ड के पास होते थे। पीआर के लिए भी उन लोगों को राहत दी गई है जिनके माता-पिता कनाडाई हैं लेकिन वे खुद बाहर पैदा हुए हैं।
अब वे अपने बच्चों को भी कनाडाई नागरिकता दे सकेंगे, बशर्ते उन्होंने खुद कनाडा में कम से कम 3 साल बिताए हों।
नए बिल में ये है खास?
कनाडा को बढ़ते हाउसिंग संकट उबारने का प्रेशर: कनाडा के नए इमीग्रेशन बिल सी-12 और नागरिकता कानून सी-3 में बड़े बदलाव किए गए हैं। कनाडा सरकार अब संख्या के बजाय गुणवत्ता पर ध्यान दे रही है। नए कानून के तहत अगले 3 सालों के लिए पक्की पीआर (PR) के लक्ष्यों में भारी कटौती की गई है। सरकार का मकसद देश में बढ़ते हाउसिंग संकट और बुनियादी ढांचे पर पड़ रहे दबाव को कम करना है।
अब कनाडा में जाते ही 1 साल के अंदर मांगनी होगी शहण: नए बिल सी 12 के अनुसार, अब शरण मांगने के नियम बहुत सख्त हो गए हैं। अगर कोई व्यक्ति कनाडा में घुसने के बाद एक साल के भीतर या सीमा पार करने के 14 दिन के अंदर क्लेम नहीं करता तो उसे डिपोर्ट किया जा सकता है। यह फर्जीवाड़े को रोकने के लिए है।0
40 फीसदी अस्थायी लोग किए जाएंगे पक्के: पीआर (PR) के लिए अब उन लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी जो पहले से कनाडा में रहकर काम कर रहे हैं। सरकार ने साफ किया है कि वह बाहर से नए लोगों को बुलाने के बजाय, वहां पहले से मौजूद 40 फीसदी अस्थायी निवासियों को ही पक्का (स्थायी निवासी) करने पर जोर देगी।
वीजा और वर्क परमिट के लिए अब हाई-स्किल की जरूरत: वीजा और वर्क परमिट के लिए अब हाई-स्किल और अच्छी सैलरी वाले कोर्सेज को तवज्जो दी जा रही है। हर कॉलेज या साधारण कोर्स के बाद अब वर्क परमिट मिलना आसान नहीं होगा। केवल वे कोर्सेज प्राथमिकता में रहेंगे जो स्वास्थ्य या कंस्ट्रक्शन जैसे जरूरी क्षेत्रों से जुड़े हैं।
कनाडाई माता-पिता अपने बच्चों को नागरिकता दे सकेंगे: नागरिकता कानून सी-3 में बड़ा बदलाव हुआ है। अब विदेश में पैदा हुए कनाडाई माता-पिता अपने बच्चों को नागरिकता दे सकेंगे, बशर्ते उन्होंने खुद कनाडा में कम से कम 3 साल बिताए हों। यह बदलाव उन “खोए हुए कनाडाई” परिवारों को राहत देने के लिए लाया गया है।
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