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सिडनी। ऑस्ट्रेलिया विदेशी छात्रों को पढ़ाई के दौरान अपने पार्टनर और बच्चों को साथ लाने से रोकेगा और वर्किंग हॉलिडे वीजा के नियमों को सख्त करेगा।

ऑस्ट्रेलिया के एक सीनीयर मंत्री ने इस बात की जानकारी दी। ये कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब माइग्रेशन के ऊंचे स्तर को लेकर बहस चल रही है।

सरकार का ये कदम वन नेशन पार्टी के बयान के बाद आया है। हाल के चुनावों में तेजी से आगे बढ़ रही इस दक्षिणपंथी पार्टी ने इस हफ्ते कहा था कि वो तीन साल से अस्थाई प्रवासियों की संख्या 7,50,000 तक कम कर देगी, ताकि ऑस्ट्रेलिया के लोगों को राहत मिल सके।

हालांकि गृह मामलों के मंत्री टोनी बर्क ने उन सभी सुझावों को खारिज कर दिया जिसमें ये दावा किया गया है कि ये बदलाव वन नेशन पार्टी से प्रेरित थे।

बर्क ने मामले पर बयान देते हुए कहा, ‘ये सोचना पूरी तरह से गलत है कि ये किसी राजनीतिक माहौल से निपटने के लिए हाल ही में किया गया काम है।’ ये सुधार 2028 तक माइग्रेशन रेट कम करने की उम्मीद से किया जा रहा है।

माइग्रेशन कम करने के लिए फैसला

बर्क ने जानकारी देते हुए बताया कि ये फैसला माइग्रेशन कम करने की उम्मीद से लिया गया है। इसका उद्देश्य 2028 तक माइग्रेशन को घटाकर लगभग 2, 25,000 करना है जो अभी 3,00,000 है।

हाल के चुनावों में वोटरों की मुख्य चिंताओं में मंहगाई और इमिग्रेशन लगातार शामिल हैं। बर्क ने कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया वीजा की अवधि खत्म होने के बाद भी देश में रहने वालों के खिलाफ सख्ती बढ़ाएगा। इसके लिए 100 अतिरिक्त कंप्लायंस ऑफिसर नियुक्त किये जाएंगे।

ऑस्ट्रेलिया में वीजा अप्लाई करने के नियम

बर्क ने कहा,’अगर आप स्थाई तौर पर ऑस्ट्रेलिया आना चाहते हैं, तो अस्थायी वीजा के लिए अप्लाई करें। अगर आप स्थायी रूप से ऑस्ट्रेलिया आना चाहते हैं तो स्थायी वीजा के लिए अप्लाई करें और अगर आपके पास अब तक वैध वीजा नहीं है, तो आपको ऑस्ट्रेलिया छोड़ देना चाहिए।’नए नियमों के तहत बैकपैकर्स के लिए एक बैलेट सिस्टम शुरू किया जाएगा।

इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के लिए नियम

इंटरनेशनल स्टूडेंट्स को अपने स्टूडेंट वीजा को रिन्यू करने की अनुमति तभी मिलेगी जब वे क्वालिफिकेशन के अगले स्तर पर जाएंगे। पैसिफिक आइलैंड देशों और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ स्टूडेंट्स अपने पार्टनर और बच्चों को साथ ला सकेंगे, लेकिन ज्यादातर स्टूडेंट वीजा पर सेकेंडरी एप्लीकेंट्स को अनुमति नहीं होगी।

इंटरनेशल एजुकेशन का अर्थव्यवस्था में सहयोग

साल 2025 में जून तक मिले आंकड़ों के मुताबिक इंटरनेशनल एजुकेशन ने ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था में A$ 53.6 बिलियन का योगदान दिया, जिससे ये देश का चौथा सबसे बड़ा एक्सपोर्ट बन गया है। इसके बाद भी विदेशी स्टूडेंट्स सेंटर-लेफ्ट लेबर सरकार की माइग्रेशन कम करने की कोशिशों का मुख्य केंद्र रहे हैं।

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