



Prabhat Times
- नीट पेपर लीक ने भाजपा के ‘डबल इंजन’ की विफलता को उजागर किया, 22 लाख विद्यार्थियों का भविष्य बर्बाद हो रहा है: डॉ. बलबीर
- भाजपा का मेडिकल माफिया नीट के पेपर बेच रहा है और ईमानदार विद्यार्थियों का भविष्य तबाह कर रहा है: डॉ. बलबीर सिंह
- जब भाजपा से जुड़े नेटवर्क पेपर लीक के जरिए करोड़ों रुपए कमा रहे हैं, तब ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स चुप हैं: डॉ. बलबीर सिंह
- अगर आप शिक्षा को तबाह करते हैं, तो आप देश को तबाह करते हैं, भाजपा को 90 पेपर लीक का जवाब देना होगा: डॉ. बलबीर सिंह
चंडीगढ़। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बार-बार हो रहे नीट-यूजी पेपर लीक घोटालों को लेकर भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार योजनाबद्ध तरीके से देश की शिक्षा प्रणाली को बर्बाद कर रही है और कथित रूप से भाजपा नेताओं से जुड़े “मेडिकल माफिया” के फायदे के लिए लाखों मेहनती विद्यार्थियों को निराशा की ओर धकेल रही है।
बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि लगभग 22 लाख विद्यार्थी नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भारी दबाव में दिन-रात तैयारी करते हैं, लेकिन बाद में उन्हें पता चलता है कि पेपर पहले ही लीक हो चुका था।
उन्होंने कहा कि राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार, गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे भाजपा शासित ‘डबल इंजन’ राज्यों में ये पेपर बेचे गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर शुरुआत में पांच लाख रुपए में बेचा गया और बाद में परीक्षा से कुछ समय पहले यह 30,000 रुपए की मामूली कीमत पर बांटा गया।
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि सबसे बड़ी त्रासदी यह है कि काबिल और होनहार विद्यार्थियों को कुचला जा रहा है, जबकि अयोग्य उम्मीदवार लीक हुए पेपरों के जरिए मेडिकल पेशे में अपनी जगह बना रहे हैं।
उन्होंने सवाल किया कि देश की नई पीढ़ी, जिसने भारत के भविष्य का डॉक्टर बनना है, उसके साथ धोखा किया जा रहा है। उन्होंने चिंता जताई कि अगर पेपर खरीदकर डॉक्टर बनने वाले लोग सिस्टम में आएंगे, तो हम किस तरह की स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार कर रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि पेपर लीक का यह रैकेट 2015 से चल रहा है और सुधारों के बार-बार वादों के बावजूद भाजपा सरकार के कार्यकाल में इसका और विस्तार हुआ है।
उन्होंने बताया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के गठन के बाद भी कम से कम 16 पेपर लीक हुए, जिसके बाद 2021, 2024 और अब फिर 2026 में बड़े घोटाले सामने आए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण में इन लीकों को अंजाम देने के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और संगठित आपराधिक नेटवर्कों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार हर घोटाले के बाद रस्मी तौर पर नई एजेंसियां और समितियां बनाने का ऐलान कर देती है, लेकिन न तो कोई असली जवाबदेही तय होती है और न ही बड़े दोषियों को सजा मिलती है।
उन्होंने कहा कि सीबीआई मामला दर्ज करती है, सरकार बयान जारी करती है, लेकिन कोई जेल नहीं जाता। ऐसे मामलों में गवाहों तक की मौत हो चुकी है, फिर भी किसी की जिम्मेदारी तय नहीं हुई। यह देश का सबसे बड़ा शिक्षा घोटाला बन गया है।
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा से जुड़े नेताओं और निजी मेडिकल कॉलेजों के मालिकों ने देशव्यापी “मेडिकल माफिया” बनाया है, जो पेपर लीक और महंगे दाखिलों से मुनाफा कमा रहा है।
पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल दाखिलों से जुड़े हालिया नीतिगत फैसलों का हवाला देते हुए डॉ. बलबीर ने सवाल किया कि शून्य अंक पाने वाले विद्यार्थियों को MD/MS में दाखिले के लिए योग्य कैसे माना जा सकता है।
उन्होंने पूछा कि अगर शून्य अंक स्वीकार्य हैं, तो लाखों विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के जरिए क्यों कष्ट दिया जा रहा है।
मंत्री ने आरोप लगाया कि पेपर लीक में शामिल यही गठजोड़ विद्यार्थियों की आर्थिक लूट भी कर रहा है।
उन्होंने दावा किया कि 2019 से 2024 के बीच विद्यार्थियों से अतिरिक्त फीस के नाम पर करीब 450 करोड़ रुपए अधिक वसूले गए, जबकि केंद्रीय एजेंसियां चुप रहीं, क्योंकि कई संस्थाएं कथित रूप से भाजपा नेताओं और उनके फंडरों (फंड देने वाले) से जुड़ी हुई हैं।
डॉ. बलबीर सिंह ने ईडी और सीबीआई समेत केंद्रीय एजेंसियों पर भी हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वे शिक्षा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हो रहे भ्रष्टाचार को नजरअंदाज कर केवल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बना रही हैं।
उन्होंने सवाल किया कि ईडी राजनीतिक कारणों से विपक्षी नेताओं पर छापेमारी करती है, लेकिन उसे वे लोग क्यों नहीं दिखते जो परीक्षा के पेपर बेचकर करोड़ों रुपए कमा रहे हैं। क्या ईडी अंधी हो गई है? क्या इनकम टैक्स विभाग को नहीं पता कि इन मेडिकल कॉलेजों का पैसा कहां से आता है?
भगवंत मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार की तारीफ करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि जब से ‘आप’ सरकार सत्ता में आई है, पंजाब में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ, क्योंकि यहां कड़ी प्रणालियां और आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी लागू की गई है।
सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए मंत्री ने पेपर लीक नेटवर्क में शामिल सभी नेताओं, बिचौलियों और “मेडिकल माफिया” के सदस्यों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने की मांग की। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से सीधे दखल देने, गिरफ्तारियों के आदेश देने और जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित करने की अपील की।
डॉ. बलबीर सिंह ने देशभर के विद्यार्थियों से शिक्षा प्रणाली की तबाही के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और उसके लाखों डॉक्टरों को मेडिकल शिक्षा में बढ़ते भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होकर विरोध करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने मेरिट को तबाह कर दिया है और शिक्षा को कारोबार में बदल दिया है। यह सिर्फ विद्यार्थियों और अभिभावकों के साथ धोखा नहीं है, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के साथ विश्वासघात है। अगर आप शिक्षा को तबाह करते हैं, तो आप देश का भविष्य तबाह कर देते हैं।
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