Prabhat Times
- देश के युवाओं का संघर्ष रंग लाया और आखिरकार धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही पड़ा- केजरीवाल
- देश के लोगों का जनतंत्र से भरोसा उठा गया था, सरकारें लोगों की बात सुनती ही नहीं थीं- केजरीवाल
- अब सरकार को समझ लेना चाहिए कि यह लोकतंत्र है, उसे जनता की बात सुननी ही पड़ेगी- केजरीवाल
- हमें उम्मीद, सरकार कभी पेपर लीक नहीं होने देगी और हमारे बच्चों को आत्महत्या नहीं करनी पड़ेगी- केजरीवाल
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर देश के लोगों को बधाई दी है।
उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लोकतंत्र की सबसे बड़ी जीत है। देश के युवाओं का संघर्ष रंग लाया और अंततः धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही पड़ा।
उन्होंने कहा कि देश के लोगों का जनतंत्र से भरोसा उठा गया था। सरकारें लोगों की बात सुनती ही नहीं थीं।
लेकिन अब सरकार को यह समझ लेना चाहिए कि यह लोकतंत्र है और लोकतंत्र में सरकार को जनता की बात सुननी ही पड़ेगी।
देश के लोगों को उम्मीद है कि सरकार परीक्षा सिस्टम में सुधार कर फिर कभी पेपर लीक नहीं होने देगी और हमारे बच्चों को कभी आत्महत्या नहीं करनी पड़ेगी।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारे देश के युवाओं और जेन-जी को बहुत-बहुत बधाई। यह बहुत खुशी की बात है कि आप लोगों का संघर्ष रंग लाया और आखिरकार धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा।
यह पूरे लोकतंत्र की बहुत बड़ी जीत है। हमारे देश में लोगों का जनतंत्र से भरोसा ही उठ गया था और लोगों को लगने लगा था कि सरकारें सुनती ही नहीं हैं।
जनता सरकारों के सामने चिल्लाती, गिड़गिड़ाती रहती थी। हर बात के लिए हम सरकार के आगे हाथ जोड़ते रहते थे, पैर पकड़ते थे, लेकिन सरकारें कभी सुनती नहीं थीं।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इतना बड़ा संघर्ष हुआ और अंततः सरकार के अहंकार को जनता के सामने झुकना ही पड़ा। यह बहुत बड़ी जीत है, यह पूरे जनतंत्र और लोकतंत्र की जीत है।
सरकार को भी अब समझ लेना चाहिए कि आपको जनता की बात सुननी ही पड़ेगी, क्योंकि यह लोकतंत्र है। लोकतंत्र जनता का, जनता द्वारा और जनता के लिए होता है।
उन्होंने कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि सरकार अब नीट के पूरे सिस्टम को ठीक करेगी ताकि इस देश के अंदर आगे से पेपर लीक होना बंद हो जाए और हमारे बच्चों को फिर कभी आत्महत्या न करनी पड़े।
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