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Chandigarh चंडीगढ़। (punjab cabinet meeting cm bhagwant mann) पंजाब सरकार की आज हुई कैबिनेट मीटिंग में कई अहम फैसले लिए गए।

इस दौरान मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा को दोबारा शुरू करने मंजूरी दी गई। अब 50 से अधिक उम्र के लोग फ्री धार्मिक स्थानों की यात्रा कर पांएगे।

इसका सारा खर्च सरकार उठाएगी। इसके लिए 100 करोड़ का बजट रखा गया है।

वहीं, राज्य के 80 स्कूल ऑफ एमिनेंस को मेंटरशिप प्रोग्राम शुरू होगा। इसके तहत सीनियर आईएएस और आईपीएस स्कूलों को पांच साल के लिए गोद लेंगे।

इसके अलावा लोगों को सस्ता रेत मुहैया करवाने के लिए माइनिंग पॉलिसी में किए संशोधनों को मंजूरी दी गई है।

अब किसान खुद अपने खेत का रेत भी बेच पाएंगे। हालांकि खुदाई आदि के लिए सीमा तय होगी।

राम मंदिर समेत कई जगह की कर पाएंगे यात्रा

वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने बताया कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना को मंजूरी दी गई है।

इस योजना के अंतर्गत 50 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों को धार्मिक स्थलों की यात्रा करवाई जाएगी।

सरकार ने इस योजना के लिए 100 करोड़ रुपए का कोष आवंटित किया है।

योजना के लिए पंजीकरण अप्रैल माह के अंत में प्रारंभ होगा और यात्राएं मई माह से शुरू होंगी।

कैबिनेट मीटिंग गुरुवार को चंडीगढ में सीएम भगवंत मान की अध्यक्षता में उनके आवास पर हुई।

मीटिंग में मुख्यमंत्री तीर्थ योजना को लेकर बताया गया कि सभी यात्राएं वातानुकूलित वाहनों से कराई जाएंगी।

यात्रियों के आवास एवं भोजन की व्यवस्था सरकार द्वारा की जाएगी।

श्री हरमंदिर साहिब (अमृतसर), दुर्गियाना मंदिर और उत्तर प्रदेश स्थित अयोध्या के राम मंदिर सहित तीर्थ स्थलों की सूची शीघ्र ही अंतिम रूप दी जाएगी। यात्रा बस और रेल दोनों माध्यमों से कराई जाएगी।

स्कूल मेंटरशिप प्रोग्राम की होगी शुरुआत

चीमा ने बताया कि शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए सरकार ने 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस की स्थापना की। इन स्कूल ऑफ एमिनेंस में 80 स्कूलों का विभाग ने चयन किया गया है।

जिनमें स्कूल मेंटरशिप प्रोग्राम की शुरुआत की गई है, जिसके तहत पंजाब में तैनात भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के अधिकारी एक-एक स्कूल को पांच के लिए गोद लेंगे।

वे स्कूलों में जाकर बच्चों से रूबरू होंगे। इससे उनका स्कूलों के साथ भावनात्मक संबंध स्थापित होगा।

विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे। इससे उनमें सिविल सेवा में जाने और देश सेवा की भावना विकसित होगी।

अब रेत बजरी होंगे सस्ते, लोगों मिलेगा फायदा

कैबिनेट मीटिंग में माइनिंग व क्रशर पॉलिसी 2023 के संशोधन को मंजूरी दी गई।

इसमें डिमांड व सप्लाई के अंतर को कम करने, अवैध खन्नन रोकने, राजस्व बढ़ाने और लोगों को सस्ते रेट पर रेत बजरी मुहैया करवाने के लिए फैसला लिया है।

इसमें पहले सार्वजनिक खनन स्थल और कॉमर्शियल खनन साइट को शामिल किया गया था। जबकि अब तीन नई कैटेगरी जोड़ी गई हैं।

इसमें पहली कैटेगरी क्रशर खनन साइट शामिल की गई है। इस स्कीम में जिन क्रशर मालिकों के पास स्वयं की भूमि है, वे अपनी भूमि का उपयोग कर सकेंगे या पट्टे पर भूमि ले सकेंगे।

वे सरकार को रॉयल्टी का भुगतान करेंगे। एक निश्चित सीमा तय की जाएगी, जिसके अनुसार वे खनन कर पांएगे।

दूसरी लैंड ऑनर कैटेगरी बनाई गई। इस कैटेगरी में जिन किसानों के खेतों में रेत उपलब्ध है, वे स्वयं भी रेत की बिक्री कर सकेंगे। वे समूह के माध्यम से या खुद स्थल पर बिक्री कर सकेंगे।

सरकारी भूमि के संबंध में डीसी निर्णय लेंगे। दो की जगह अब पांच स्थान होंगे, जिससे रेत की कीमतें कम होंगी और यह आसानी से उपलब्ध होगी।

पहले पर्यावरण मंजूरी सरकार लेकर देती थी, अब व्यक्ति स्वयं यह मंजूरी प्राप्त कर सकेंगे और अपना कार्य कर सकेंगे।

प्रत्येक अधिकारी के कर्तव्य निर्धारित किए गए हैं। प्रक्रिया को इतना सरल बनाया गया है कि किसी को परेशानी न हो। सभी प्रावधानों में संशोधन किया गया है, जिससे सरकार का राजस्व बढ़ेगा।

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