
Prabhat Times
अमृतसर। पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल पर हमले के एक दिन बाद अमृतसर में श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह के घर के बाहर फायरिंग की घटना सामने आई है।
घर के बाहर खड़ी कार पर गोली का निशान मिला है। मौके से एक गोली का खोल भी बरामद किया गया है।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। अमृतसर के प्रताप नगर में अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह के घर पर कई राउंड फायरिंग की गई।
सीसीटीवी फुटेज में गोली चलने की आवाज रिकॉर्ड होने की बात सामने आई है। लेकिन फायरिंग करने वाले लोगों की स्पष्ट पहचान नहीं हो सकी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह ने ही सुखबीर बादल को बेअदबी मामले में धार्मिक सजा सुनाई थी। सुखबीर बादल पर कल (13 अगस्त को) महाराष्ट्र के नांदेड में गुरुद्वारा माता साहिब में निहंग ने कृपाण से हमला कर दिया था।
इधर, पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। फायरिंग करने वालों की पहचान के लिए पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पूर्व जत्थेदार ने बताया कि 12 अगस्त की रात करीब 11:04 बजे उनके घर के बाहर खड़ी गाड़ी के बोनट में गोली लगी थी। इसका पता परिवार को 13 अगस्त शाम करीब सवा 5 बजे चला, जब ड्राइवर गाड़ी साफ कर रहा था और उसे गोली का निशान मिला। जांच में यह .32 बोर की गोली निकली।
उन्होंने बताया कि CCTV में गोली लगने की आवाज रिकॉर्ड हुई है। फुटेज में एक युवक स्कूटी पर घर के पास आता-जाता और बाद में चौक में फोन पर बात करता दिखाई दिया है। हालांकि, युवक की पहचान और उसकी मंशा को लेकर अभी कुछ स्पष्ट नहीं है। CCTV की जानकारी DGP और पुलिस कमिश्नर को दे दी गई है।
पूर्व जत्थेदार ने कहा कि उन्हें किसी तरह की सीधी धमकी या फोन नहीं आया था, लेकिन पहले भी रास्ते में उनकी गाड़ी को साइड मारने या काफिले में गाड़ी घुसाने की कोशिशें होती रही हैं। मगर इन चीजों को हमने कभी सीरियस नहीं लिया..
उन्होंने कहा कि पुलिस को मामले को गंभीरता से लेना चाहिए, क्योंकि गोली कुछ फीट इधर-उधर होती तो संतरी या किसी राहगीर को लग सकती थी और जान का नुकसान हो सकता था। उन्होंने कहा कि दुश्मनी या फायरिंग के पीछे की मंशा के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता, इसका खुलासा पुलिस जांच के बाद ही होगा।
2 साल पहले सुखबीर बादल को धार्मिक सजा सुनाई थी…
अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार रघबीर सिंह ने 2 साल पहले सुखबीर बादल को बेअदबी मामले में धार्मिक सजा सुनाई थी। जिसमें श्री दरबार साहिब के घंटाघर के बाहर 2 दिन सेवादार की ड्यूटी करनी थी। इस दौरान उनके गले में तख्ती और हाथ में बरछा था। पैर में चोट के चलते उन्होंने यह सेवा व्हीलचेयर पर बैठकर दी।
इसके बाद उन्हें 2-2 दिन श्री केशगढ़ साहिब, श्री दमदमा साहिब तलवंडी साबो, श्री मुक्तसर साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब में सेवादारों वाला चोला पहनकर हाथ में बरछा लेकर ड्यूटी करनी थी।
हर साहिब में ड्यूटी के बाद उन्हें एक घंटा लंगर घर में जाकर संगत के जूठे बर्तन साफ करने थे। इसके अलावा एक घंटा बैठकर कीर्तन सुनना और श्री सुखमणि साहिब का पाठ करना था।
सुखबीर बादल को बाथरूम साफ करने की सजा भी सुनाई गई थी, लेकिन पैर में फ्रैक्चर होने के कारण उन्हें इस सेवा से छूट दे दी गई थी।
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